वसीम-वकार ने बताया, भारत और इंग्लैंड के बीच क्या था सबसे बड़ा फर्क जो हुआ ऐसा बेड़ा गर्क
पाकिस्तान के लीजेंड वकार यूनुस और वसीम अकरम ने भारत को मिली करारी हार के बारे में बात की है जो उन्होंने एडिलेड में गुरुवार को इंग्लैंड के खिलाफ पाई थी। भारत इस मुकाबले में 10 विकेट से हारा था और यह मैच 16 ओवर में ही खत्म हो गया था। अंग्रेजों ने भारतीय गेंदबाजी की बखिया उधेड़ते हुए 16 ओवर में ही बिना कोई विकेट खोए 170 रन बना लिए थे। अकरम ने इस बारे में बात करते हुए ए स्पोर्ट पर कहा, इंग्लैंड ने खेल के सभी हिस्सों में भारत को मात दे दी है।

भारत ने काफी धीमी शुरुआत की
"मुझे लगता है कि भारत ने काफी धीमी शुरुआत की। वे समय पर इसकी रिकवरी नहीं कर पाए। लेकिन इंग्लैंड के खिलाड़ी अलग ही तरह से खेल रहे थे- एलेक्स हेल्स और जोस बटलर। इस पिच पर शायद 190 का स्कोर ठीक हो सकता था लेकिन इंडिया को अपनी पारी में शुरू से तेज रन बनाने चाहिए थे। केवल हार्दिक पांड्या ऐसे खिलाड़ी नजर आए जिसके दम पर भारत ने एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा कर दिया। उनके कप्तान बिल्कुल आउट ऑफ टच थे जिन्होंने 28 गेंदों पर 27 रन बनाए और निश्चित तौर पर विराट कोहली 50 रन बनाए लेकिन वह 40 गेंदों आए। मुझे लगता है कि यह दोनों तरफ की टीमों के बीच में बड़ा फर्क था।"

खेल में काफी पीछे रह गए
वकार यूनुस ने भी इस बारे में बात की और कहा कि इंग्लैंड की टीम बहुत बहुत अच्छी है। इंग्लैंड ही एक ऐसी टीम थी जो नॉकआउट स्टेज में भारत के लिए चुनौती खड़ी कर सकती थी। लेकिन मुझे नहीं पता था कि वह इस तरीके से डोमिनेट करेंगे। उन्होंने पूरी तरह भारत को हरा दिया। भारत की टीम पूरी तरह अपनी खोई हुई दिखाई दी और उनको नहीं पता था कि शुरुआत भी करनी है। बिल्कुल शुरू से ही उन्होंने जब बल्लेबाजी स्टार्ट की तो वह एकदम खोए हुए थे। वे अपने में नहीं थे। उन्होंने वैसा एग्रेसिव क्रिकेट नहीं खेला जिसके लिए वे जाने जाते हैं। शुरू के 6 ओवर में बोर्ड पर केवल 38 रन ही बने थे और उसके बाद उनको यह एहसास हुआ कि वे खेल में काफी पीछे रह गए हैं। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। शाम तक पिच भी बेहतर हो चुकी थी। जिस तरीके से हेल्स और बटलर खेलें, उनको रोकना बहुत ही मुश्किल था।

भारत के साथ सबसे बड़ी दिक्कत
भारत के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यही रही है कि पूरे टूर्नामेंट में बेस्ट फॉर्म में नजर आने वाले विराट कोहली स्ट्राइक रेट में बिल्कुल धीमे साबित हुए। उन्होंने एकमात्र तेज पारी पाकिस्तान के खिलाफ खेली जो मैच विजेता साबित हुई। तेज बैटिंग के नाम पर केवल सूर्यकुमार यादव नजर आए लेकिन वे बड़े मैचों में प्रदर्शन करने में विफल रहे। उन्होंने ना पाकिस्तान के खिलाफ रन बनाए और ना ही सेमीफाइनल में। भारत को एक तेज स्ट्राइकर की दरकार है जो रन बनाने में ऑउट ऑफ बॉक्स तरीके खोज सके।












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