टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ का बयान, वो कभी नहीं बनना चाहते थे सहवाग के लेवल के खिलाड़ी
नई दिल्ली, जुलाई 26। टीम इंडिया में 'द वॉल' के नाम से मशहूर रहे पूर्व बल्लेबाज और टीम इंडिया के मौजूदा कोच राहुल द्रविड़ दुनियाभर के सफलतम खिलाड़ियों में से एक हैं। भले ही द्रविड़ को आक्रामक खेल के लिए कभी नहीं जाना जाता हो, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने अपने खेलने का एक अलग ही अंदाज बनाया था। एक लेटेस्ट इंटरव्यू में राहुल द्रविड़ ने खेल के अपने तरीके के बारे में बात करते हुए कहा है कि वो कभी सचिन तेंदुलकर या फिर वीरेंद्र सहवाग की तरह खेलने वाले खिलाड़ी नहीं बन पाए, लेकिन उन्होंने अपनी सीमा तय की और अपने दौर के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों का सामना किया।

क्या कहा राहुल द्रविड़ ने?
पहले भारतीय ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा के साथ पॉडकास्ट इंटरव्यू में राहुल द्रविड़ ने कहा है कि जब मैं अपने करियर में पीछे मुड़कर देखता हूं तो पता चलता है कि मेरा करियर जैसे-जैसे आगे बढ़ा तो मुझे एहसास हुआ कि मैं कभी वीरू या सचिन की तरह जल्दी स्कोर बनाने वाला नहीं बनना चाहता था, मुझे हमेशा धैर्य की आवश्यकता थी। मुझे मेरे और गेंदबाज के बीच में कॉम्पटिशन काफी अच्छा लगता था।
आपको बता दें कि राहुल द्रविड़ अपने समय पर ना सिर्फ भारतीय क्रिकेट के बल्कि दुनियाभर के टेस्ट बल्लेबाजों में से एक थे। उन्होंने अपने खेल के तरीके से भारतीय क्रिकेट में एक नई उपलब्धि हासिल की। पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ 1996 में टेस्ट और वनडे में डेब्यू किया था। राहुल द्रविड़ ने टेस्ट में 13288 और वनडे में 10889 रन बनाए थे।
आपको बता दें कि राहुल द्रविड़ को टेस्ट क्रिकेट के विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में जाना जाता है, जबकि सहवाग अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे। वहीं, सचिन के पास दोनों तरह से बैटिंग करने में महारथ हासिल थी।












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