'मेरा बेटा देश के लिए खेलेगा, डिग्री के लिए नहीं', 10वीं की परीक्षा छोड़ने पर वैभव सूर्यवंशी के पिता का बयान
Vaibhav Suryavanshi father statement: भारतीय क्रिकेट के 'वंडर बॉय' के नाम से मशहूर 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनके बल्ले की गूंज की नहीं, बल्कि उनके एक फैसले की है। वैभव ने इस वर्ष होने वाली सीबीएसई (CBSE) 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल न होने का निर्णय लिया है। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी के अनुसार, यह फैसला वैभव के क्रिकेट करियर पर बढ़ते दबाव और हालिया व्यस्तताओं को देखते हुए लिया गया है।
वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी का बयान (Vaibhav Suryavanshi father statement)
वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि इस साल वैभव पर परीक्षाओं को लेकर काफी चर्चा और मानसिक दबाव था। उन्होंने कहा कि वैभव अब अगले साल 10वीं की परीक्षा देगा। वर्तमान में उसका पूरा ध्यान क्रिकेट पर है। दिलचस्प बात यह है कि वैभव पढ़ाई में भी उतने ही मेधावी रहे हैं जितने कि क्रिकेट के मैदान पर। उनके पिता के अनुसार, जब वह नियमित रूप से स्कूल जाते थे, तब वह हर विषय में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते थे। हालांकि, वर्तमान में खेल की प्राथमिकताओं और उनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण पढ़ाई के लिए समय निकालना चुनौतीपूर्ण हो गया था।

वैभव ने आखिर क्यों नहीं दिया एग्जाम
वैभव की लोकप्रियता का आलम यह है कि उनके गृहनगर में उनसे मिलने रोजाना लगभग 500 लोग पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को उनके लिए पुलिस सुरक्षा तक मुहैया करानी पड़ी है। ऐसे माहौल में किसी भी छात्र के लिए एकाग्रता के साथ परीक्षा की तैयारी करना लगभग असंभव था। इसी 'डिस्ट्रैक्शन' से बचने के लिए परिवार ने परीक्षा को एक साल के लिए टालना ही बेहतर समझा।
खेली थी 80 गेंदों में 175 रनों की पारी
वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ मात्र 80 गेंदों में 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर भारत को छठा खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, आईपीएल (IPL) में राजस्थान रॉयल्स के लिए उनके डेब्यू सीजन ने सबको प्रभावित किया। उन्होंने सात मैचों में 206.55 के स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाए, जिसमें एक शानदार शतक भी शामिल था।












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