IND vs WI: सूर्या जैसा कोई नहीं, वीरासन की मुद्रा में लगाया कीपर के ऊपर से चौका
स्पोर्ट्स डेस्क, 6 अगस्त: सूर्यकुमार यादव मंत्रमुग्ध कर देने वाली पारियां खेल रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी20 में जिसने भी उनकी बल्लेबाजी देखी, वशीभूत हो गया। कमेंटेटर तो यह हैरतअंगेज कारनामा देख कर खुशी के मारे चिल्लाने लगे, व्हाट ए शॉट! व्हाट ए शॉट! यह दौर उनके क्रिकेट करियर का स्वर्णकाल है। करीब 160 ग्राम की गेंद उन्हें फुटबॉल की तरह दिखायी पड़ रही है। जैसे चाह रहे हैं, जहां चाह रहे हैं, शॉट मार रहे हैं। वे बल्लेबाजी नहीं बल्कि गेंद से दिल लगी कर रहे हैं। उन्हें 360 डिग्री बैट्समैन तो पहले से कहा जा रहा था। लेकिन अब वे क्रीज पर योगासन की मुद्रा में शॉट मार रहे हैं। उनकी दुर्लभ शैली को देख कर क्रिकेट की नयी किताब लिखनी पड़ेगी। ऐसी सम्मोहक बल्लेबाजी न तो रोहित शर्मा कर रहे हैं और न ही बाबर आजम। फिलवक्त सूर्या टी-20 के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। उनके जैसा कोई नहीं।

वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरा टी20
26 गेंदों पर अर्धशतक वेस्टइंडीज और भारत के बीच तीसरा टी-20 मुकाबला। सेंट किट्स का वार्नर पार्क ग्राउंड। भारत के सामने जीत के लिए 165 रनों का लक्ष्य था। रोहित शर्मा 11 रनों पर रिटायर हर्ट हो कर वापस लौट चुके थे। रन चेज का मामला था। किसी एक को तो पटाखे फोड़ने ही थे। सलामी बल्लेबाज सूर्या ने आतिशी बल्लेबाजी शुरू की। उन्होंने 9वें ओवर में छक्के के साथ 26 गेंदों पर अर्धशतक पूरा कर लिया। ये छक्का उन्होंने अकील होसैन की गेंद पर लगाया था।
नौवें ओवर की समाप्ति पर भारत का स्कोर बिना किसी नुकसान के 83 रन था। तब सूर्या 54 और श्रेयस अय्यर 16 रनों पर खेल रहे थे। जीत के लिए 11 ओवरों में 82 रन बनाने थे। सूर्या के 76, अय्यर के 24 और पंत के 33 नाबाद रनों के दम पर भारत ने जीत का लक्ष्य हासिल कर लिया।

सूर्या ने खेला कमाल का शॉट
लेकिन इस दौरान मैदान पर एक दुर्लभ दृश्य सामने आया। योग की वीरासन मुद्रा में चौका टीम के सबसे तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ दसवां ओवर फेंकने के लिए आये। उन्होंने सूर्या को एक तेज बाउंसर डाली। गर्दन की तरफ आ रही गेंद को सूर्या ने अंतिम समय तक देखा। फिर दोनों घुटनों को जमीन पर टेक कर अपने सिर को जमीन की तरफ इतना पीछे ले गये कि उन्हें शॉट खेलने के लिए पर्याप्त जगह मिल गयी। ताकत नहीं नजाकत दिखायी। गेंद की गति का इस्तेमाल किया।
आखिरी पलों में गेंद को हल्के टच के साथ विकेटकीपर के सिर के ऊपर से बाउंड्री की तरफ उछाल दिया। गेंद एक टप्पा खा कर सीमा रेखा के बाहर चली गयी। जब सूर्या ने यह आश्चर्यजनक शॉट खेला तब वे वीरासन की अर्ध मुद्रा में थे। उनका सिर जमीन से कुछ ही ऊपर था। अगर पीठ और सिर जमीन से सट जाते तो वीरासन पूरा हो जाता। इससे पता चलता है कि सूर्या का शरीर कितना लचीला है।

किसी भी नंबर पर खेल सकते हैं सूर्यकुमार
इससे यह भी पता चलता है कि उनकी आंख और हाथ के बीच कितना अदभुत समन्वय है। एक बाउंसर को खेलने के लिए उन्होंने पलक झपकते ये कठिन जतन किया। वीरासन योग की वह मुद्रा है जिसे वीर योद्धा अपने अंदर छिपे नायकत्व को जगाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इसलिए इसका नाम वीरासन पड़ा है। क्रिकेट के इतिहास में न जाने कितने विस्फोटक बल्लेबाज हुए लेकिन ऐसे शॉट के बारे में न किसी ने सोचा और न लगाया। ओपनिंग, वन डाउन, फोर डाउन!
हर जगह कमाल इसके पहले सूर्या ने 22 टी-20 मैचों की बीस पारियों में 648 रन बनाये थे। इनमें से 470 रन चौकों-छक्कों से आये हैं। इन बीस पारियों में 65 चौके और 35 छक्के हैं। 175.61 के स्ट्राइक रेट से ताबड़तोड़ बैटिंग की है। छोटे से करियर में एक शतक और पांच अर्धशतक ठोक चुके हैं।

बड़ी पारी खेलने में माहिर है सूर्या
सेंट किट्स में उन्होंने छठा अर्धशतक लगाया। तीन अर्धशतक उन्होंने नम्बर तीन पर खेलते हुए लगाये जिसमें डेब्यू मैच भी शामिल है। उनका टी-20 अंतर्राष्ट्रीय करियर छक्के के साथ शुरू हुआ था। जीवन की पहली ही गेंद पर छक्का। यह छक्का भी उन्होंने जोफ्रा आर्चर जैसे खतरनाक गेंदबाज के खिलाफ लगाया था। सूर्या ने दो अर्धशतक नम्बर चार पर खेलते हुए बनाये हैं। छठा अर्धशतक (76) उन्होंने सेंट किट्टस में ओपनर के रूप में लगाया। इंग्लैंड के टेंटब्रिज में उन्होंने 55 गेंदों पर 117 रन बनाये थे। इस पारी ने उन्हें प्रतिष्ठा के शिखर पर पहुंचा दिया था।
वे बहमुखी प्रतिभा के बल्लेबाज हैं और टॉप आर्डर में किसी स्थान पर खेल सकते हैं। वे पहली गेंद से ही लंबे शॉट्स लगाने की काबिलियत रखते हैं। उन्हें शॉर्टपिच गेंदों से डराया नहीं जा सकता। सेंट किट्टस में उन्होंने 15 शर्टपिच गेंदों पर 29 रन बनाये थे। जिस बल्लेबाज में इतनी सारी खूबियां हों वह तो असाधारण होगा ही।












Click it and Unblock the Notifications