Teachers Day: रोहित शर्मा शायद भारत के लिए कभी नहीं खेलते, एक इंसान के कारण रातोंरात बदल गई किस्मत
Teachers Day 2025, Rohit Sharma: हर बड़े खिलाड़ी के पीछे एक ऐसा गुरु होता है जो उसकी प्रतिभा को सही दिशा देता है। 5 सितंबर को जब पूरा देश शिक्षक दिवस मनाता है, तब क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मौका है एक ऐसे कोच को याद करने का, जिनकी नज़र ने एक साधारण गेंदबाज़ को भारत का महान बल्लेबाज़ बना दिया। जी हां, हम बात कर रहे हैं दिनेश लाड और उनके शिष्य रोहित शर्मा की।
शुरुआत में रोहित शर्मा एक ऑफ स्पिन गेंदबाज़ थे। उनका सपना गेंदबाज़ी से टीम में जगह बनाने का था। लेकिन किस्मत को कुछ और मंज़ूर था, और शायद यही वो पल था जब गुरु की दृष्टि ने शिष्य का भविष्य बदल दिया। दिनेश लाड, जो उस समय मुंबई के स्वामी विवेकानंद स्कूल में कोच थे, उन्होंने रोहित की बल्लेबाज़ी में छुपी प्रतिभा को पहचाना।

बोरीवली स्पोर्ट्स संघ का टूर्नामेंट चल रहा था, उसमें स्कूल के अंडर 14, 16 टीमों के लड़के थे। विपक्षी टीम से खेल रहे रोहित ने दिनेश लाड को गेंदबाजी से प्रभावित किया। बाद में लाड ने रोहित से बात की और अपने स्कूल में (स्वामी विवेकानंद स्कूल) ले गए, उन्होंने एडमिशन के लिए रोहित की पूरी मदद की। दिनेश लाड ने स्कूल में घुसते समय एक बाद रोहित शर्मा को बैटिंग करते हुए देखा, तो हैरान रह गए क्योंकि उनका बल्ला बड़ी तेजी से और सीधा गेंद के ऊपर आ रहा था। लाड ने रोहित को कहा कि तुम बैटिंग करते हो, यह तो बताया नहीं। रोहित ने कहा सर मैं क्या बोलता।
नेट में बैटिंग से मिला फायदा
उसके बाद दिनेश लाड ने रोहित शर्मा को नेट अभ्यास में बैटिंग करानी शुरू कर दी और वहां से रोहित की बल्लेबाजी में और ज्यादा निखार आ गया। एक दिन स्कूल टीम के कुछ बल्लेबाज़ अनुपस्थित थे, तो लाड सर ने रोहित को ओपनिंग का मौका दिया। रोहित ने उस मौके को दोनों हाथों से पकड़ लिया और शानदार पारी खेली। वहीं से शुरुआत हुई एक ऐसे सफर की, जिसमें भारत को मिला उसका हिटमैन, जो आज विश्व क्रिकेट में कई रिकॉर्ड्स का मालिक है।
दिनेश लाड ने ना सिर्फ रोहित को मौका दिया, बल्कि एक बल्लेबाज़ की मानसिकता भी दी। उन्होंने रोहित को समझाया कि क्रिकेट सिर्फ टेक्निक नहीं, सोच का खेल है। यह वही सोच है, जिसकी बदौलत रोहित शर्मा आज मैदान पर शांति और धैर्य का प्रतीक हैं।
एक इंसान के कारण मिला तूफानी ओपनर
उन दिनेश लाड के कारण भारत को एक विध्वंसक ओपनर बल्लेबाज मिला, जिसके बल्ले से एकदिवसीय क्रिकेट में तीन दोहरे शतक आए। जिसने अपनी कप्तानी से टी20 वर्ल्ड कप में टीम को टाइटल दिलाया और चैम्पियंस ट्रॉफी का ख़िताब भी दिलाया। अगर दिनेश लाड उस समय प्रतिभा नहीं पहचानते, तो टीम इंडिया को रोहित शर्मा नहीं मिलते।












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