T-20 World Cup: डींग हांकने में पाकिस्तान अव्वल, 150 छक्के रोज मारने वाले बल्लेबाज का क्या हुआ ?

टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का पहला मैच 23 अक्टूबर को पाकिस्तान के साथ मेलबर्न में है। पाकिस्तान की टीम खेल में आगे हो या न हो लेकिन डींग हांकने में अव्वल है।

T20 World Cup Pakistani Players: टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का पहला मैच 23 अक्टूबर को पाकिस्तान के साथ मेलबर्न में है। पाकिस्तान की टीम खेल में आगे हो या न हो लेकिन डींग हांकने में अव्वल है। अगर बाबर और रिजवान को छोड़ दें तो पाकिस्तानी टीम के बाकी खिलाड़ी फुसफुसे पटाखे हैं। एशिया कप के दौरान पाकिस्तानी बल्लेबाज आसिफ अली ने बड़ा भौकाल बनाया था। तब उन्होंने कहा था, मैं प्रैक्टिस सेशन में रोज 150 छक्के मारता हूं। यहां हर मैच में चार-पांच छक्के तो मार ही सकता हूं। लेकिन एशिया कप में वे चुके हुए कारतूस साबित हुए।

इंग्लैंड के खिलाफ भी फ्लॉप रहे थे आसिफ अली

इंग्लैंड के खिलाफ भी फ्लॉप रहे थे आसिफ अली

इसी तरह इंग्लैंड-पाकिस्तान टी-20 सीरीज के पहले आसिफ अली ने कहा था, मैं जो (छक्का लगाने) काम एशिया कप में नहीं कर सका था उसकी भरपायी इंग्लैंड के खिलाफ करूंगा। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ भी वे फेल हो गये। पाकिस्तान अभी न्यूजीलैंड में त्रिकोणीय श्रृंखला खेल रहा है। लेकिन अभी तक यहां भी आसिफ का दावा खोखला ही साबित हुआ है। पाकिस्तान की टीम तभी जीत पाती है जब बाबर-रिजवान जमते हैं। ये फेल हुए तो हार तय। यानी पाकिस्तान का दारोमदार सिर्फ दो खिलाड़ियों पर टिका है। इस किले को भेदने के लिए ही तो भारतीय टीम पर्थ में दीक्षा ले रही है।

कुछ सीखो या न सीखो, 6 मारना जरूर सीखो

कुछ सीखो या न सीखो, 6 मारना जरूर सीखो

पाकिस्तान के क्रिकेटर एक गलत अवधारणा के शिकार हो गये हैं। वे सोचते हैं कि अगर नेशनल टीम में आना है तो सिक्स हिटिंग एबिलिटी जबर्दस्त होनी चाहिए। टी-20 क्रिकेट की यही मांग है। जो जितने छक्के मारेगा उसे उतनी जल्दी चयनकर्ताओं का बुलावा आएगा। इस चक्कर में वे क्रिकेट के शास्त्रीय ज्ञान की बिल्कुल परवाह नहीं करते। फटाफट क्रिकेट में भी पिच पर टिकने की जरूरत पड़ती है। हर गेंद को खेलने की सलाहियत होनी चाहिए। हालात के हिसाब से सिंगल रन लेकर स्ट्राइक रोटेट करनी पड़ सकती है। यह काम कोई दक्ष बल्लेबाज ही कर सकता है। सिर्फ छक्के मार देने से कोई सम्पूर्ण बल्लेबाज नहीं बन जाता। इसी वजह से पाकिस्तान का मिडिल और लोअर मिडिल ऑर्डर बार-बार ध्वस्त हो जा रहा है। पाकिस्तान में इन दिनों घरेलू प्रतियोगिताओं में छक्का मारने की होड़ लगी हुई है। इसी दम पर खिलाड़ी टीम में आ भी रहे हैं। आसिफ अली और खुशदिल शाह ऐसे ही खिलाड़ी हैं। उनकी एक मात्र पहचान यही है वे छक्का मारने में माहिर हैं।

150 छक्के की डुगडुगी

150 छक्के की डुगडुगी

जैसा कि आसिफ अली का दावा है कि वे नेट में रोज 150 छक्के मारते हैं। जब इतना ही अभ्यास है तो मैदान पर भी इसकी झलक मिलनी चाहिए थी। इस बड़बोले बल्लेबाज ने एशिया कप में छह मैच खेल कर सिर्फ दो चौके और तीन छक्के ही लगाये थे। फाइनल में तो श्रीलंका के खिलाफ जीरो पर आउट हो गये। जब कि टीम ने इन्हें फिनिशर की भूमिका सौंपी थी। उनसे उम्मीद थी कि जब जरूरत पड़ेगी तब वे चौकों-छक्कों की बरसात कर टीम को जीत दिला देंगे। आसिफ नेट की काबिलियत मैदान में नहीं दिखा पाए। यही हाल उनका इंग्लैंड के खिलाफ भी हुआ। सीरीज से पहले आसिफ अली ने फिर बड़े-बड़े दावे किये थे। लेकिन खोदा पहड़ा निकली चुहिया। इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के पहले तीन मैचों में तो उन्हें खेलने का मौका ही नहीं मिला। लेकिन जब खेले तब कलई खुल गयी।

नाम बड़े और दर्शन छोटे

नाम बड़े और दर्शन छोटे

आसिफ अली ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी-20 में 3 गेंदों पर 13 रन बनाये थे। जिसमें दो छक्के थे। लेकिन इसके बाद उनका बल्ला छक्के के लिए तरस गया। उनकी बैटिंग बेहद मामूली रही। पांचवें मैच में उन्होंने 4 गेंद खेली और महज 5 रन बनाये। छठे मैच में 9 गेंद पर 9 रन और सातवें मैच में 9 गेंद पर 7 रन बनाये। तो यह कहानी है पाकिस्तान के उस बल्लेबाजकी जो रोज 150 छक्के मारने का दावा करता है। इस शर्मनाक बैटिंग को देख कर तो कोई छक्का मारने की प्रैक्टिस से तौबा कर लेगा। न छक्का लग रहा है न रन आ रहे हैं। पाकिस्तान की टीम अभी न्यूजीलैंड में त्रिकोणीय़ श्रृंखला खेल रही है। उसने न्यूजीलैंड और बांग्लादेश को लगातार दो जीत हासिल की है। लेकिन यहां भी आसिल अली का बल्ला खामोश ही है। बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने 4 गेंदों पर 4 रन बनाये।

लेकिन इस चुनौती से पार पाना होगा

लेकिन इस चुनौती से पार पाना होगा

पाकिस्तान का मध्यक्रम खोखला है। इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में यह बात उजागर हो गयी। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो टीम टी-20 विश्वकप के पहले राउंड में ही बाहर हो सकती है। लेकिन पाकिस्तान की एक खासियत भी है। वह कब अचानक धमाके से विपक्षी टीम को नेस्तनाबूत कर देगी, ये कोई नहीं जानता है। लचर प्रदर्शन के बीच ही एकबएक रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर देती है। इंग्लैंड की खिलाफ उसने 200 रन के टारगेट को बिना विकेट गंवाये ही पूरा कर लिया था। वह भी तीन गेंद पहले। बाबर और रिजवान ने पहले विकेट के लिए 203 रनों की साझेदारी कर पाकिस्तान को एक अविश्वसनीय जीत दिलायी थी। पाकिस्तान की सलामी बल्लेबाजी और बॉलिंग ही उसकी ताकत है। अगर जीत चाहिए तो इस चुनौती से पार पाना होगा।

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