India-Pakistan Match : “अगर बाबर-रिजवान को उखाड़ना है तो अक्षर को लाओ”
अक्षर पटेल क्या पाकिस्तान के खिलाफ खेलेंगे ? यह एक अहम सवाल है। इस मामले में जानकारों की दो राय है। एक पक्ष का कहना है कि अक्षर को पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलना चाहिए।
T20 world cup 2022 India vs Pakistan: अक्षर पटेल क्या पाकिस्तान के खिलाफ खेलेंगे ? यह एक अहम सवाल है। इस मामले में जानकारों की दो राय है। एक पक्ष का कहना है कि अक्षर को पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलना चाहिए। वह इस लिए क्यों कि पाकिस्तानी टीम में फखर जमां, मोहम्मद नवाज और खुशदिल शाह जैसे बाएं हाथ के हार्ड हिटर हैं। अक्षर इन तीनों के खिलाफ प्रभावी नहीं होंगे और खूब रन बनेंगे।

बाबर और रिजवान पर टिकी पाकिस्तान की बल्लेबाजी
जब कि दूसरे पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान की पूरी बल्लेबाजी बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान पर टिकी हुई है। दोनों सलामी बल्लेबाज के रूप में लगातार अच्छी बैटिंग कर रहे हैं। टी-20 में वे 8 बार शतकीय साझेदारी कर चुके हैं। ये पिच पर ऐसे जम जाते हैं कि दूसरे बल्लेबाजों के लिए कोई मौका ही नहीं रहता। अक्सर वे मैच निबटा कर ही आते हैं। ऐसे में इनको आउट करना भारत की सबसे बड़ी चुनौती है। अगर बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल पावर प्ले में बॉलिंग करें तो बाबर- रिजवान को मुश्किल हो सकती है। इन दोनों को पावर प्ले में तेज गेंदबाजों को खेलने की आदत है। अक्षर पहले छह ओवर में बॉलिंग करते हैं तो इन्हें नये माइंड सेट के साथ बैटिंग करनी होगी। रिजवान, बाबर के आउट होते ही पाकिस्तान दबाव में आ जाता है। इसलिए अक्षर को पाकिस्तान के खिलाफ जरूर मौका देना चाहिए। वे बाएं हाथ के बल्लेबाज भी हैं जो मोहम्मद नवाज को काउंटर कर सकते हैं।

अक्षर – 7 मैच में 10 विकेट, 7.34 की इकोनॉमी
अक्षर पटेल को रवीन्द्र जडेजा की जगह टीम में शामिल किया गया है। जडेजा का स्थानापन्न बनने के बाद अक्षर ने 7 मैच खेल कर 10 विकेट लिये हैं। इस दौरान उनकी 7.34 की इकोनॉमी रही जो बहुत अच्छी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 श्रृंखला में वे मैन ऑफ द सीरीज रहे। यानी अक्षर ने टीम में बाएं हाथ के स्पिनर की जरूरत को बखूबी पूरा किया है। जाहिर दो खिलाड़ी एक जैसे नहीं हो सकते। जडेजा बैटिंग ऑलराउंडर हैं जब कि अक्षर बॉलिंग ऑलराउंडर हैं। लेकिन जरूरत पड़ने पर अक्षर आतिशी पारी भी खेल सकते हैं। इसी साल जुलाई में उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे मैंच मे 35 गेंदों पर 64 रन बनाये थे जिसमें 5 छक्के और 4 चौके शामिल थे। अक्षर को यह मौका इस लिए मिल गया था क्यों जडेजा चोटिल होने के कारण मैच नहीं खेल रहे थे। अक्षर ने ये रन तब बनाये जब भारत को आखिरी 10 ओवर में 100 रन बनाने की जरूरत थी। एक समय भारत पांच विकेट गंवा करक संघर्ष कर रहा था। लेकिन अक्षर की विस्फोटक पारी ने भारत को जीत दिला दी। अगर कोई बॉलर 7वें नम्बर पर बैटिंग करते हुए 5 छक्के लगाये तो उसकी क्षमता पर भरोसा किया जा सकता है। बीच के ओवरों में जब नवाज बॉलिंग के लिए आएंगे तब अक्षर उनको अच्छा जवाब दे सकते हैं। यानी वे रवीन्द्र जडेजा की कमी एक हद तक पूरा कर सकते हैं।

लेंथ पर नियंत्रण , स्पीड और टर्न से धोखा
शुक्रवार को मेलबॉर्न क्रिकेट ग्राउंड पर भारतीय टीम अभ्यास कर रही थी। दिनेश कार्तिक बड़े शॉट्स लगाने की प्रैक्टिस कर रहे थे। अक्षर पटेल उनको बॉल डाल रहे थे। कार्तिक ने उनकी पहली गेंद एक गेंद जोरदार हिट लगायी। अगर ये प्रहार मैच में लगा होता तो निश्चित छक्का था। लेकिन अक्षर की अगली गेंद पर कार्तिक बोल्ड हो गये। अक्षर ने ये गेंद क्रॉस सीम से डाली थी जो स्किड हो कर विकेट में समा गयी। अक्षर की दूसरी गेंद उसी लेंथ पर थी जिस पर कि पहले छक्का लगा था। वे क्रीज की इस्तेमाल करते हैं जिससे उनकी गेंद एक विशेष कोण बनाती है। लेंथ पर उनका खासा नियंत्रण है। फिर वे स्पीड और टर्न से बल्लेबाज को जबर्दस्त चकमा देते हैं। इसलिए उन्हें बाबर और रिजवान के खिलाफ एक प्रभावी गेंदबाज माना जा रहा है।

अक्षर में रन गति बढ़ाने की क्षमता
भारतीय टीम प्रबंधन अक्षर में एक फिनिशर की छवि भी देखता है। इस साल अक्षर ने तीन बार दिनेश कार्तिक से पहले बैटिंग की है। यह दांव तब खेला गया जब भारत को रन गति बढ़ाने की जरूरत थी। यानी कप्तान और कोच ये समझते हैं कि अक्षर रन गति बढ़ाने की क्षमता रखते हैं। अक्षर की इस क्षमता को रिकी पोंटिंग ने निखारा है। पोंटिंग ने अक्षर को दिल्ली कैपिटल्स के फिनिशर के रूप में तैयार किया है। 2022 के आपीएल में अक्षर ने 151 के स्ट्राइक रेट से बैटिंग की थी और 182 रन बनाये थे। अगर अक्षर को पाकिस्तान के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाता है तो भारत की बॉलिंग और बैटिंग में नयी धार जाएगी।












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