विराट कोहली की कप्तानी पर दादा ने तोड़ी चुप्पी, कैप्टेंसी छोड़ने से लेकर BCCI से अनबन तक, हर सवाल का मिला जवाब
इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के टेस्ट कप्तानी छोड़ने के फैसले पर बीसीसीआई (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि, 'दक्षिण अफ्रीका दौरे के बाद हमारे लिए अप्रत्याशित था।'
WTC Final 2023: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया को मिली हार के बाद रोहित शर्मा की कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं, वहीं टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली को फिर से कप्तान बनाने की मांग उठने लगी है। इस बीच विराट कोहली के टेस्ट कप्तानी छोड़ने के फैसले पर बीसीसीआई (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने बड़ा खुलासा किया है।
सौरव गांगुली ने स्वीकार किया है कि विराट कोहली के भारत की टेस्ट कप्तानी छोड़ने के फैसले के लिए बोर्ड तैयार नहीं था। कोहली को पहली बार 9 दिसंबर 2014 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में कप्तानी सौंपी गई थी, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की 1-2 से मिली हार के बाद उन्होंने ये पद छोड़ने की घोषणा की।

विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के फैसले के लिए तैयार नहीं था बीसीसीआई
पूर्व भारतीय कप्तान ने आज तक के साथ खास बातचीत में कहा कि, कोहली को यूएई में 2021 विश्व कप से पहले टी20 कप्तान के रूप में पद छोड़ने के लिए नहीं कहा गया था। उन्होंने बताया कि बीसीसीआई, विराट कोहली के टेस्ट कप्तानी छोड़ने के लिए तैयार नहीं था।
'विराट कोहली के बाद रोहित शर्मा सबसे अच्छा विकल्प थे'
उन्होंने कहा कि, 'दक्षिण अफ्रीका दौरे के बाद भी यह हमारे लिए अप्रत्याशित था कि उन्होंने कप्तानी क्यों छोड़ी? इसका खुलासा विराट कोहली ही कर सकते हैं। इस बारे में अभी बात करने का कोई मतलब नहीं है।' उन्होंने कहा कि, चयनकर्ताओं को भारत का कप्तान नियुक्त करना था, और रोहित उस समय सबसे अच्छा विकल्प थे।'
उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब कोहली के प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर यह मांग की कि रोहित शर्मा की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारी हार के बाद कोहली को फिर से टेस्ट कप्तान बनना चाहिए।
विराट कोहली टेस्ट इतिहास में चौथे सबसे सफल कप्तान
अपनी मांग को सही ठहराने के लिए फैंस ने कप्तान के रूप में कोहली के रिकॉर्ड भी शेयर किए हैं। दरअसल, कोहली टेस्ट इतिहास में चौथे सबसे सफल कप्तान थे, जिन्होंने भारतीय कप्तान के रूप में 68 मैचों में 40 मैच जीते और 11 ड्रॉ हासिल किए। जीत प्रतिशत (50 प्रतिशत) के मामले में 40 या अधिक मैचों में एक टीम की कप्तानी करने वाले सभी 28 टेस्ट कप्तानों में भी वह तीसरे स्थान पर रहे।
दिसंबर 2021 में विराट कोहली ने घोषणा की कि वह भारत की टी20ई टीम के कप्तान के रूप में पद छोड़ देंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह एकदिवसीय और टेस्ट टीमों के कप्तान के रूप में बने रहना चाहते हैं। हालांकि, BCCI ने कोहली को ODI टीम के कप्तान के रूप में भी बदलने का फैसला किया। इस फैसले की काफी आलोचना हुई और कई लोगों ने अनुमान लगाया कि कोहली और बीसीसीआई के बीच दरार थी।
जनवरी 2022 में बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने इस बात से इनकार किया कि कोहली और बोर्ड के बीच कोई अनबन थी। द इंडियन एक्सप्रेस के साथ अपने साक्षात्कार में कोहली ने जो कहा उससे इतना स्पष्ट हो गया था कि वास्तव में उनके और बीसीसीआई के बीच कुछ तनाव था। साक्षात्कार में कोहली ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए टीम के चयन की बैठक से 90 मिनट पहले तक उन्हें वनडे कप्तान के रूप में हटाने के बारे में सूचित नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हटाए जाने का कारण कभी नहीं बताया गया।












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