'सैनिकों का बलिदान सबसे बड़ा, क्या हम एक मैच नहीं छोड़ सकते?' पाकिस्तान से मैच को लेकर BCCI पर भड़के हरभजन सिंह
Harbhajan Singh: भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना अंतिम मैच पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप में खेला था, इसके बाद से दोनों टीमों के बीच कोई मैच नहीं हुआ है। अब सितम्बर में एशिया कप के दौरान मुकाबला होना प्रस्तावित है और इसका जमकर विरोध देखने को मिल रहा है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। भारत में लोगों के दिल में जबरदस्त उबाल है। लोगों का मानना है कि आतंकियों को पनाह देकर भारत पर हमले कराने वाले देश के साथ मैच नहीं होना चाहिए।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी अब मुखर होकर इस मामले पर अपनी राय दी है। हरभजन सिंह का मानना है कि एक सैनिक देश के लिए अपना बलिदान देता है, उससे बढ़कर कुछ नहीं होना चाहिए, क्रिकेट मुकाबला तो बेहद छोड़ी चीज है।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत करते हुए भज्जी ने कहा कि लोगों को यह समझना चाहिए कि असली अहमियत किस बात की है और किस की नहीं। मेरे लिए वह सैनिक सबसे बड़ा है, जो सीमा पर तैनात रहता है, जिसका परिवार महीनों तक उसका चेहरा नहीं देख पाता। जो कई बार देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर देता है और कभी लौटकर नहीं आता। उनके बलिदान के सामने क्रिकेट मैच नहीं छोड़ने की बात बहुत ही छोटी लगती है। यह तो एक मामूली सी बात है।
Harbhajan Singh ने बताया सरकार का रुख
हरभजन सिंह ने कहा कि हमारी सरकार का भी यही स्पष्ट मत है, 'खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।' जब सीमा पर तनाव हो, जवान जान जोखिम में डाल रहे हों, तब ये मुमकिन नहीं कि हम खेल के मैदान में उतरें और क्रिकेट खेलें। जब तक इन गंभीर मसलों का हल नहीं निकलता, तब तक क्रिकेट जैसी चीज़ का कोई महत्व नहीं। देश हमेशा सबसे पहले आता है।
Harbhajan Singh ने माना देश को सबसे बड़ा
पूर्व भारतीय स्पिनर ने आगे कहा कि हमारी पहचान इस देश से ही है। आप एक्टर हों, खिलाड़ी हों या कोई और, इस देश से बड़ा कोई नहीं है। देश पहले आता है और हमें इसके प्रति जो ड्यूटी है, वह हमें करनी चाहिए। देश के सामने क्रिकेट नहीं खेलना बहुत मामूली सी चीज है।












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