शुभमन गिल को कर देना चाहिए टीम से बाहर, वर्ल्ड कप से पहले 23 साल के युवा का करियर हो रहा बर्बाद
IND vs SA: T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज़ों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में, पिछले तीन T20I मैचों में शुभमन गिल का प्रदर्शन (क्रमशः 4, 0 और 28 रन) भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय बन गया है।
एक तरफ़, यशस्वी जायसवाल जैसा युवा खिलाड़ी आक्रामक शुरुआत देने को तैयार है, वहीं गिल का लगातार फ्लॉप होना उनकी जगह पर सवालिया निशान लगाता है। T20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के बीच अब समय आ गया है कि टीम इंडिया सख्त फैसले ले।

शुभमन गिल का मुख्य तर्क उनकी तकनीक और क्लासिकल बल्लेबाजी है, जो टेस्ट और वनडे फॉर्मेट के लिए उत्कृष्ट है। हालांकि, T20I में, खासकर पॉवरप्ले में, स्ट्राइक रेट किंग होता है। गिल शुरुआत में समय लेते हैं और उनकी स्ट्राइक रेट T20I क्रिकेट में गति से मेल नहीं खाती। यह पावरप्ले में टीम पर दबाव बनाता है।
जायसवाल धमाल मचाने में सक्षम
यशस्वी जायसवाल, इसके विपरीत, एक 'X-Factor' खिलाड़ी हैं। वह पहली गेंद से ही आक्रमण करने की क्षमता रखते हैं। उनकी आक्रामक शैली टीम को शुरुआत में ही मोमेंटम देती है, जो T20I क्रिकेट की मांग है। गिल की धीमी शुरुआत अक्सर जायसवाल जैसे खिलाड़ियों की जगह को ब्लॉक करती है।
T20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले, चयन का पैमाना खिलाड़ी का मौजूदा फॉर्म होना चाहिए, न कि पिछली IPL या टेस्ट सफलता। मौजूदा प्रदर्शन के आधार पर जायसवाल को प्राथमिकता मिलनी चाहिए क्योंकि उन्होंने जब भी मौका मिला है, निडर होकर खेला है।
Shubman Gill की वजह से स्लॉट खराब
शुभमन गिल को सलामी बल्लेबाज़ के रूप में बनाए रखने का मतलब है कि एक मूल्यवान स्लॉट एक ऐसे खिलाड़ी के पास है, जो फॉर्म में नहीं है। दूसरी तरफ जायसवाल के पास तूफानी बैटिंग करने की पूरी क्षमता है। वह हर फॉर्मेट में समान रूप से खेलते हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगातार तीन बार खराब गेम के बाद गिल के चयन और स्लॉट पर सवाल खड़े होते हैं।












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