Sania Mirza के सामने छलका युवराज सिंह का दर्द, कहा- 'अगर खेलता रहता तो मैदान पर हो जाती मौत'
Yuvraj Singh on Sania Mirza show: भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े 'मैच विनर' माने जाने वाले युवराज सिंह सुर्खियों में बने रहते हैं। युवराज सिंह ने हाल ही में सानिया मिर्जा के साथ एक खास बातचीत में अपने कैंसर संघर्ष के उन पन्नों को पलटा है, जिनसे दुनिया अब तक अनजान थी। युवराज ने बताया कि 2011 विश्व कप के दौरान वह जिस शारीरिक दर्द से गुजर रहे थे, वह महज थकान या सामान्य चोट नहीं, बल्कि शरीर में पनप रहे ट्यूमर का संकेत था।
सानिया मिर्जा के सामने युवी ने बयां किया दर्द (Yuvraj Singh on Sania Mirza show)
सानिया मिर्जा ने जब युवराज से उनके शरीर में आए बदलावों के बारे में पूछा तो युवराज ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने कहा कि मुझे विश्व कप से एक साल पहले ही बदलाव महसूस होने लगे थे। मेरा शरीर टूट रहा था, कई फ्रैक्चर हो रहे थे और ट्यूमर की वजह से मेरा शरीर खाना पचाने में भी असमर्थ था। युवराज के लिए यह दौर मानसिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि वह अपने करियर के चरम पर थे।

डॉक्टर ने दी थी बड़ी चेतावनी
उन्होंने बताया कि वह शायद इकलौते ऐसे खिलाड़ी थे जो अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में होने के बावजूद बीमारियों और चोटों के कारण प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे। युवराज ने शेयर किया कि उस समय उनके पास दो ही रास्ते थे। डॉक्टरों ने उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी थी कि उनके पास केवल 3 से 6 महीने का समय है। युवराज ने उन शब्दों को याद करते हुए कहा कि डॉक्टर ने मुझसे कहा था कि या तो तुम क्रिकेट खेलो और मैदान पर ही मर जाओ, या फिर अपना इलाज कराओ।
वर्ल्ड कप में रहा था दमदार प्रदर्शन
उस समय सौरव गांगुली संन्यास ले चुके थे और युवराज के लिए टेस्ट क्रिकेट में अपनी जगह पक्की करने का वह सबसे बड़ा अवसर था। जुनून ऐसा था कि उन्होंने इलाज के बजाय विश्व कप और टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता दी। विश्व कप 2011 में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बनने के बाद जब उन्हें कैंसर (सेमिनोमा) का पता चला, तो उसे स्वीकार करने में उन्हें काफी समय लगा। युवराज बताते हैं कि वह साल के अंत में इलाज के लिए गए, जबकि उन्हें बहुत पहले जाना चाहिए था।












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