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Bengaluru Stampede: RCB अधिकारी की गिरफ्तारी पर बवाल! हाईकोर्ट पहुंचे निखिल, लगाए राजनीतिक साजिश के आरोप

बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में RCB की जीत के जश्न के बीच भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद टीम की मार्केटिंग यूनिट के हेड निखिल सोसाले (Nikhil Sosale) की गिरफ्तारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने इसे गैरकानूनी और राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) में चुनौती दी है।

निखिल सोसाले ने कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया है कि उन्हें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) के मौखिक निर्देश पर गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी एक घबराहट भरी प्रतिक्रिया (Knee-Jerk Reaction) थी, जिसका मकसद RCB और उसके कर्मचारियों पर घटना की जिम्मेदारी डालना था- जबकि जांच में किसी की भूमिका साफ तौर पर तय भी नहीं हुई थी।

Nikhil Sosale

गिरफ्तारी पर उठे सवाल
गिरफ्तारी शुक्रवार तड़के की गई, ठीक उसी दिन जब हाईकोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान (suo motu cognisance) लिया और राज्य सरकार से जवाब मांगा था। सोसले के वकील ने कोर्ट में कहा कि एफआईआर (FIR) दर्ज करने वाले इंस्पेक्टर AK गिरीश को खुद बाद में सस्पेंड कर दिया गया, जिससे गिरफ्तारी की प्रक्रिया और मंशा दोनों पर सवाल उठते हैं।

सोसले की दलील: संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन
सोसले के वकील ने दलील दी कि गिरफ्तारी आर्टिकल-19 (Article 19) के तहत मिलने वाली व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Personal freedom) का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव में हुई गिरफ्तारी कानून और प्रक्रिया दोनों की अवहेलना है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक घटना से जुड़ा कोई ठोस सबूत उनके खिलाफ नहीं दिया गया है।

सरकार की सफाई: विदेश भागने की कोशिश कर रहे थे सोसले
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए एडवोकेट जनरल शशिकिरण शेट्टी ने कोर्ट को बताया कि निखिल सोसले को तब हिरासत में लिया गया, जब वह देश छोड़ने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि सोसले की लीगल टीम ने इस दावे पर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

क्या आगे बढ़ेगा मामला?
अब हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई अहम मोड़ पर है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट सरकार के पक्ष को प्राथमिकता देती है या निखिल सोसले की गिरफ्तारी को राजनीतिक हस्तक्षेप मानती है। साथ ही यह मामला IPL जैसे बड़े आयोजनों में लॉजिस्टिक्स और जवाबदेही को लेकर भी नई बहस छेड़ सकता है।

बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में 4 जून 2025 को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की आईपीएल जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद कर्नाटक सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

मामले में अब तक कर्नाटक सरकार की कार्रवाई

1. पुलिस अधिकारियों का सस्पेंशन: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर बी. दयानंद, सहायक पुलिस आयुक्त सी. बालकृष्ण, केंद्रीय डिवीजन के पुलिस उपायुक्त शेखर एच. टेककन्नावर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकास कुमार और कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन के सर्कल इंस्पेक्टर ए.के. गिरीश को तत्काल निलंबित कर दिया है।

2. पॉलिटिकल सेक्रेटरी की बर्खास्तगी: मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव के. गोविंदराज को उनके कथित संलिप्तता के कारण बर्खास्त कर दिया गया है।

3. इंटेलिजेंस हेड का ट्रांसफर: राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) हेमंत निम्बालकर को उनके कर्तव्यों में लापरवाही के कारण ट्रांसफर कर दिया गया है।

4. इनक्वायरी कमेटी का गठन: घटना की जांच के लिए एक इनक्वायरी कमेटी की गई है, जो 30 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

5. RCB और इवेंट आयोजकों के खिलाफ FIR: RCB, DNA एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के खिलाफ आपराधिक लापरवाही और सार्वजनिक सुरक्षा उल्लंघन के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।

6. RCB के अधिकारियों की गिरफ्तारी: RCB के मार्केटिंग प्रमुख निखिल सोसले और DNA एंटरटेनमेंट के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

7. KSCA अधिकारियों को अंतरिम राहत: कर्नाटक हाईकोर्ट ने KSCA के अधिकारियों को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है, बशर्ते वे जांच में सहयोग करें।

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