पुजारा की 'मेहरबानी' से अश्विन को फिर मिल सकता है नंबर 3 पर बैटिंग का मजा, खुद बने थे नाइटवॉचमैन
अश्विन ने टेस्ट मैच के पहले दिन तीन नंबर पर आने से पहले उस दौरान पुजारा से हुई बातचीत की डिटेल्स दी। उन्होंने कहा मुझे पहले से पता था ये होने जा रहा है क्योंकि मैं पुजारा को जानता हूं।

भारत ने 11 फरवरी, शनिवार को नागपुर में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को जितनी बुरी तरह से हरा दिया है उसके बाद कंगारू सकते में होंगे कि कितनी ही प्रैक्टिस कर ली जाए या कितने ही डुप्लीकेट ढूंढ लिए जाएं लेकिन असली समस्या तो ज्यों की त्यों रहनी है। कंगारू यहां आकर स्पिन पर उछलने का इतिहास रखते हैं और वे अब भी ऐसा कर रहे हैं। हालांकि पैट कमिंस की ये टीम अपनी पूर्व टीमों की तुलना में बहुत ही कमतर दिखाई दे रही है जिस तरह से उनको आगे इस सीरीज में भी समस्या आने वाली है।

हमशक्ल काम नहीं आया
ऑस्ट्रेलिया ने बेंगलुरु के पास अलुर में स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का हमशक्ल ढूंढा और उससे बहुत सारी ऑफ स्पिन कराई। तब भी वे अश्विन की फिरकी की काट नहीं खोज सके क्योंकि रविचंद्रन एक पारी और 132 रन की जीत के पीछे महत्वपूर्ण थे. उन्होंने टेस्ट मैच की दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम को तोड़ दिया था। एक मुश्किल नागपुर पिच में अश्विन एक बड़ी भूमिका निभाई। वैसे भी हरभजन सिंह पहले ही कह चुके थे मैच तीसरे दिन खत्म होगा और अश्विन सबसे ज्यादा विकेट लेंगे। कुल मिलाकर गेंदबाज अश्विन इस सीरीज में भी कंगारूओं के लिए सबसे बड़े सिर-दर्द साबित होने जा रहे हैं।

बैटिंग को लेकर बहुत गंभीर हैं
केवल गेंदबाजी से ही नहीं बल्कि वे अपनी बैटिंग को लेकर बहुत गंभीर हैं। उनको जब पहली पारी में नाइटवॉचमैन की भूमिका में उतारा गया तो उन्होंने इस पिच पर टिकने का जज्बा दिखाया और ठोस 23 रन बनाए लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती क्योंकि वे आगे भी अपने लिए बड़ी बल्लेबाजी भूमिका की ओर देख रहे हैं। पहले दिन की समाप्ति के समय अश्विन बल्लेबाजी करने उतरे और कप्तान रोहित शर्मा के साथ भारत का दूसरा विकेट नहीं गिरने दिया। हाल के महीनों में यह दूसरी बार था जब अश्विन ने टेस्ट मैच में घबराहट के दौर में भारत को स्थिर करने में मदद की। बांग्लादेश दौरे के दौरान, अश्विन ने श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर भारत को ढाका में जीत दिलाई थी।

मैं पुजारा को जानता हूं
अश्विन ने नागपुर टेस्ट में जीत के बाद कहा कि उन्हें इस चुनौती में मजा आता है। मैच के बाद स्पिनर ने मेजबान ब्रॉडकास्टर से कहा, "मैं बाहर जाकर बल्लेबाजी करना चाहता था। ड्रेसिंग रूम में घंटों बैठे रहने से मेरा दम घुटने लगता है।"
बल्लेबाज से जब सीरीज में आगे भी ऊपरी क्रम पर बैटिंग के लिए पूछा गया तो उन्होंने कहा,, "मैं वास्तव में वहां बल्लेबाजी करने के लिए उत्सुक हूं। मैं अच्छी स्थिति में आ रहा हूं। अगर कोई अवसर मिलता है, तो मैं हमेशा तैयार हूं। मैं पुजारा को जानता हूं तो ये पता था कि यह (नंबर तीन) होने जा रहा है।"

पुजारा की 'मेहरबानी' फिर हो सकती है
अश्विन ने टेस्ट मैच के पहले दिन उस दौरान पुजारा से हुई बात की डिटेल्स दी, "और मैंने पुजारा से पूछा कि क्या वह नाइट वॉचमैन के तौर पर कवर चाहते हैं, और उन्होंने कहा कि हां, दिन में 20 मिनट बचे हैं।"
इस टेस्ट मैच के दौरान अश्विन सबसे तेज 450 टेस्ट विकेट लेने वाले भारतीय भी बने। उन्होंने कहा कि धीमें विकेट पर वे फुल लेंथ गेंदबाजी करते गए और बल्ले पर बाहरी किनारा निकालने के चांस भी बन रहे थे जिससे बल्लेबाज को लगातार चुनौती मिलती रही। उन्होंने यहां बेसिक कवर किए क्योंकि ढेरों वैरिएशन होने के बावजूद नागपुर में उन्होंने ज्यादा कोशिश नहीं की। उन्होंने पहली पारी में तीन और दूसरी में पांच विकेट लिए।
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