Ranji Trophy Final: जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी जीत रचा इतिहास, 66 साल बाद हुआ ये कमाल
Ranji Trophy Final: भारतीय घरेलू क्रिकेट में शनिवार यानी 28 फरवरी को जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रचते हुए एक बड़ा कमाल कर दिया है। रणजी ट्रॉफी 2025/26 के फाइनल मुकाबले में दमदार प्रदर्शन के दम पर जम्मू-कश्मीर ने घरेलू क्रिकेट की दिग्गज टीम कर्नाटक को हराकर पहली बार रणजी खिताब अपने नाम किया। 1960 में अपनी यात्रा शुरू करने वाली इस टीम के लिए यह पल 66 साल के लंबे इंतजार के बाद आया है।
बल्लेबाजों का रहा दमदार प्रदर्शन (Ranji Trophy Final)
फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर की जीत की नींव उनके बल्लेबाजों ने रखी। पहली पारी में शुभम पुंडीर के शानदार शतक ने टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया, जिससे टीम को मानसिक बढ़त मिली। वहीं, दूसरी पारी में कमरान इकबाल के शानदार शतक ने कर्नाटक की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इन दो शतकों ने न केवल स्कोरबोर्ड को गति दी, बल्कि बड़े मैचों के दबाव को झेलने की टीम की क्षमता को भी प्रदर्शित किया।

आकिब नबी बने जीत के हीरो
गेंदबाजी के मोर्चे पर तेज गेंदबाज आकिब नबी पूरी सीरीज में घातक रहे, लेकिन फाइनल में उनका प्रदर्शन करियर का सर्वश्रेष्ठ रहा। कर्नाटक की स्टार खिलाड़ियों से सजी बल्लेबाजी लाइनअप नबी की स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। नबी ने अहम मौकों पर विकेट चटकाकर यह सुनिश्चित किया कि कर्नाटक मैच में कभी भी हावी न हो सके।
ऐसा रहा है टीम का सफर
जम्मू-कश्मीर के क्रिकेट इतिहास पर नजर डालें तो यह जीत एक चमत्कार से कम नहीं लगती। टीम ने अपना पहला मैच 1960 में खेला था। अपनी पहली जीत के लिए टीम को 22 साल इंतजार करना पड़ा, जो 1982 में उनके 99वें मैच में आई थी। साल 2025/26 का यह सीजन टीम के लिए शानदार रहा, जहां उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में केवल एक मैच (मुंबई के खिलाफ श्रीनगर में) गंवाया। यह टीम का 346वां रणजी मैच था और उनके इतिहास की महज 47वीं जीत, जिसने उन्हें सीधा चैंपियन बना दिया।












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