गुजरात को फिर मैच जिताने के बाद तेवतिया ने खोला राज, बताया कैसे बनते हैं चेज में इतने सफल बल्लेबाज
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन में अगर किसी टीम ने सबसे ज्यादा हैरान किया है तो वो है पहली बार हिस्सा ले रही गुजरात टाइटंस की टीम, जिसने टूर्नामेंट में खेले गये अब तक के 9 मैचों में से 8 में जीत हासिल की है और अंकतालिका में पहले पायदान पर कब्जा जमाया है। गुजरात टाइटंस को मिल रही लगातार जीत में उसके गेंदबाजों ने जितना अहम योगदान दिया है उतना ही अहम रोल उसके हरफनमौला खिलाड़ी राहुल तेवतिया का भी है, जिन्होंने पिछले कुछ मैचों में टीम के लिये मुश्किल स्थिति में आकर मैच जिताना अपनी आदत बना लिया है। शनिवार को आरसीबी के खिलाफ खेले गये मैच में भी राहुल तेवतिया ने यह कारनामा कर के दिखाया और गुजरात टाइटंस के लिये लगातार दूसरे मैच में जीत के हीरो बने।
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आरसीबी की तरफ से दिये गये 171 रनों का पीछा करते हुए गुजरात टाइटंस की टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और उसने महज 95 रन के स्कोर पर अपने 4 विकेट खो दिये थे। हालांकि राहुल तेवतिया ने 24 गेंदों में नाबाद 43 रनों की पारी खेलकर पांचवे विकेट के लिये 79 रनों की साझेदारी की और अपनी टीम को 6 विकेट से जीत दिला दी।

शानदार प्रदर्शन से तेवतिया ने जीता मैन ऑफ द मैच
तेवतिया ने इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ भी अपनी टीम को मैच जिताने का कारनामा किया था, जहां पर उन्होंने राशिद खान के साथ 59 रनों की नाबाद साझेदारी की और नाबाद 40 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को मैच जिताया था। हालांकि इस मैच में हैदराबाद की हार के बावजूद इस मैच में 5 विकेट हॉल लेने वाले उमरान मलिक को मैन ऑफ द मैच चुना गया था, लेकिन शनिवार को जब राहुल तेवतिया ने अपना यह प्रदर्शन दोहराया तो उन्हें मैन ऑफ द मैच के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। राहुल तेवतिया ने अपनी बल्लेबाजी से अपने साथी डेविड मिलर को पीछे छोड़ दिया जो कभी भी आसान काम नहीं रहता है।

रन चेज के दौरान शांत रहना आसान नहीं
गुजरात टाइटंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने मैच के बाद तेवतिया की तारीफ करते हुए कहा कि रन चेज के दौरान उन्हें काफी शांत रहना पड़ता है, हालांकि तेवतिया ने खुद माना कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है।
स्टार स्पोर्टस से बात करते हुए तेवतिया ने कहा,'मैं यह नहीं कह सकता कि मैं रनों का पीछा करते हुए शांत रहता हूं, क्योंकि जब आप रनों का पीछा कर रहे होते हैं तो बहुत सारी चीजें चल रही होती हैं। चीजों को आगे कैसे लेकर जाना है, किस गेंदबाज को निशाना बनाना है और मैदान के किस हिस्से पर निशाना साधना है। इसके बाद मैं कोशिश करता हूं कि जो रणनीति बनाई है उसे फॉलो कर सकूं।'

इस वजह से रन चेज में होते हैं इतने सफल
राहुल तेवतिया ने अपने प्रदर्शन के जरिये दिखाया है कि उनके अंदर लगातार मैचों को लगातार फिनिश करने की काबिलियत है। आरसीबी के खिलाफ मैच के बाद उन्होंने बताया कि वो चेज के दौरान क्या सोचते हैं और ऐसा क्या है जो उन्हें मैच फिनिश करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा,'डेथ ओवर्स में आपको कुछ प्री प्लान्ड शॉट खेलने होते हैं लेकिन मैं कोशिश करता हूं कि अपने शॉट खेलने से पहले मैदान पर देखूं और समझ सकूं कि कौन कहां खड़ा है। अगर गेंद आउटसाइड ऑफ की दिशा में हैं तो मैं ऑफ साइड के ऊपर से मारने की कोशिश करता हूं और अगर वो स्टंप पर होती है तो मैं लेग साइड के शॉट खेलता हूं। मैंने टूर्नामेंट के दौरान अपने ऑफ साइड के खेल को सुधार लिया है, गेंदबाजों ने अपने फील्डर्स को ऑफ साइड पर रखना शुरू कर दिया है तो मैं जानता हूं कि मैं गैप में गेंद मार कर बाउंड्रीज ले सकता हूं। मैंने अब ग्राउंड के दोनों ओर मारना शुरू कर दिया है। आपको लक्ष्य देखकर घबराना नहीं चाहिये बल्कि मैच फिनिश करने की ओर देखना चाहिये। पिच पहले की तुलना में काफी बेहतर हो चुकी हैं और आप आखिरी के 5 ओवर्स में 60 रन भी चेज कर सकते हैं।'












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