आखिर कैसे राहुल द्रविड़ के शब्दों ने सबकुछ बदल दिया, खुद हार्दिक पांड्या ने किया बयां
पिछले कुछ समय से हार्दिक पांड्या के लिए चीजें सही नहीं जा रही थीं। पिछले साल वनडे विश्वकप में बांग्लादेश के खिलाफ मैच में उनका संघर्ष शुरू और काफी समय तक उनका संघर्ष चलता रहा। लेकिन इन मुश्किल हालातों के बावजूद हार्दिक ने हिम्मत नहीं हारी।
हार्दिक को काफी कठिन दौर से निकलना पड़ा, एक तरफ उन्हें कई इंजरी से लड़ना पड़ा, जिसकी वजह से वह चार महीने तक क्रिकेट से दूर रहे। बतौर मुंबई इंडियंस कप्तान उन्हें आईपीएल में काफी कुछ झेलना पड़ा। मैदान में उनके खिलाफ जिस तरह से दर्शक हूटिंग करते थे, वह काफी निराश करने वाला था।

ऐसी विषम परिस्थितियों के बावजूद हार्दिक ने हथियार नहीं डाले और ना ही हालातों से हार मानी। यह टी20 विश्वकप उनके लिए काफी कुछ सकारात्मक लेकर आया है। इस विश्वकप में हार्दिक ने ना सिर्फ अपना खोया हुआ फॉर्म हासिल किया बल्कि अपना आत्मविश्वास भी हासिल किया है।
बांग्लादेश के खिलाफ मैच में हार्दिक ने 50 रनों की अर्धशतकीय पारी खेलने के साथ बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज लिटन दास को भी पवेलियन भेजा। जिसके लिए उन्हे मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया।
मैच के बाद हार्दिक ने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे देश के लिए खेलने का मौका मिला। मुझे इंजरी हुई, लेकिन मैं वापसी करना चाहता था, लेकिन ईश्वर का प्लान कुछ और ही था। बता दें कि पिछले वनडे विश्वकप में हार्दिक पांड्या चोटिल होकर बाहर हो गए थे।
मैच में मैन ऑफ द मैच का खिताब मिलने के बाद हार्दिक नेकहा कि मैं अपने कोच राहुल सर से बात कर रहा था, उन्होंने मुझसे कहा, भाग्य उन्ही का साथ देता है, जो कड़ी मेहनत करते हैं। उनके ये शब्द मेरे भीतर काफी गहरे और लंबे समय तक रहे।
हार्दिक ने कहा कि हमने अच्छी क्रिकेट खेली है। इन सबसे से बढ़कर हम साथ रहे और अपनी योजनाओं को बेहतर तरीके से मैदान में लागू किया। बता दें कि पांड्या के अर्धशतक की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 196 रन का स्कोर खड़ा किया और भारत ने मैच में 50 रनों की आसान जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही भारत टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंच गया है।












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