ऋषभ पंत के हादसे की वजह गड्ढा या नींद? लोकल लोग बता रहे हैं उस जगह को 'मौत का स्थान'

ऋषभ पंत ने उत्तराखंड के सीएम को भी वही बात बताई है जो डीडीसीए के डायरेक्टर को बताई थी जिसके अनुसार सामने गड्ढा था और गाड़ी को बचाने के प्रयास में हादसा हो गया।

car accident

ऋषभ पंत के एक्सीडेंट की गुत्थी अनसुलझी है। ये साफ है कि अलग-अलग वजहों से पंत की कार हादसे की शिकार बताई गई है। पहले जब पुलिस ने कहा कि पंत झपकी ले रहे थे फिर हादसा हो हो गया तो सबने यकीन कर लिया था। पंत को शिखर धवन की वीडियो भी वायरल होने लगी थी जिसमें वे कहते हैं- "गाड़ी धीरे चलाया कर।" खैर इसमें कोई शक नहीं कि कार तो हाईवे पर संभलकर ही चलानी चाहिए चाहे समय कोई भी हो। लेकिन लोगों की सोच तब पूरी तरह से बदलने लगी जब डीडीसीए के डायरेक्टर श्याम शर्मा ने बताया कि पंत ने खुद बताया है सामने गड्ढा आ गया था जिससे बचने की कोशिश में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

'गड्ढे से बचाने के चक्कर में एक्सीडेंट हो गया'

'गड्ढे से बचाने के चक्कर में एक्सीडेंट हो गया'

अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने भी बताया कि पंत कह रहे हैं कार को गड्ढे से बचाने के चक्कर में एक्सीडेंट हो गया। धामी ने पंत से मुलाकात के बाद ये बात कही है। ऐसे में अब लोकल लोगों ने भी बताना शुरू कर दिया है कि जहां पंत का एक्सीडेंट हुआ है वहां पर और भी एक्सीडेंट हो चुके हैं जिनमें लोगों की जान भी गई है।

'मौत का स्थान' बन गया है

'मौत का स्थान' बन गया है

लोकल्स का कहना है कि हाईवे की सर्विस लेन नहीं बनने के कारण हाईवे छोटा हो जाता है और कई बार वाहन चालक मोड़ लेते समय अपना संतुलन खो देते हैं। ऐसे में दुर्घटना की संभावना बहुत अधिक हो जाती है। इंडिया टुडे के अनुसार स्थानीय लोगों ने तो ये भी बताया कि सड़क पर एक गड्ढा था, जिसे रात भर भर दिया गया। ये पंत के एक्सीडेंट होने के बाद की बात है। लोकल का कहना है कि इतनी दुर्घटनाएं होने के कारण यह 'मौत का स्थान' बन गया है, लेकिन इसके बावजूद उस स्थान की मरम्मत के लिए कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

 छह महीने तक का समय लग सकता है

छह महीने तक का समय लग सकता है

बता दें, शुक्रवार, 30 दिसंबर को, पंत की कार दिल्ली-देहरादून राजमार्ग पर एक डिवाइडर से टकरा गई थी जिससे भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज को कई चोटें आईं। इसी दौरान वहां से एक बस गुजर रही थी। बस ड्राइवर सुशील मान, कंडक्टर परमजीत और बस में सवार यात्री पंत को बचाने आए।

फिलहाल पंत का इलाज जारी है जिसके लिए वे काफी बेहतर तरीके से रेस्पॉन्स कर रहे हैं। पंत के फेस पर कुछ प्लासटिक सर्जरी भी हुई है। उनको मैदान पर लौटने में छह महीने तक का समय लग सकता है।

https://hindi.oneindia.com/news/sports/cricket/rishabh-pant-accident-haryana-roadways-honoured-driver-sushil-kumar-and-conductor-paramjeet-739095.html
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