पाकिस्तानी क्रिकेटर के लिए इस हसीना ने छोड़ा बॉलीवुड, शादी करने पहुंच गईं सरहद पार, क्यों अधूरा रह गया इश्क?
Pakistani Cricketer Love Story: फरवरी का महीना प्यार और वादों का महीना माना जाता है। लेकिन बॉलीवुड के इतिहास में कुछ कहानियां ऐसी भी हैं जो वादों से शुरू तो हुईं पर मुकम्मल न हो सकीं। 70 के दशक की 'बॉक्स ऑफिस क्वीन' रीना रॉय की दास्तान भी कुछ ऐसी ही है। साहिरा अली से रीना रॉय बनने तक का सफर और फिर एक पाकिस्तानी क्रिकेटर से निकाह के लिए अपना करियर छोड़ देना। उनकी कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
15 साल की उम्र से ही फिल्मों में किया काम (Pakistani Cricketer Love Story)
एक मुस्लिम पिता (सादिक अली) और हिंदू मां (शारदा राय) की बेटी रीना रॉय को बचपन में ही माता-पिता के अलग होने का दर्द झेलना पड़ा। आर्थिक तंगहाली के कारण उन्होंने महज 15 साल की उम्र में फिल्म 'जरूरत' (1972) से अभिनय की शुरुआत की। फिल्म 'नागिन' (1976) ने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। इसके बाद शत्रुघ्न सिन्हा के साथ उनकी जोड़ी ने 'कालीचरण' और 'विश्वनाथ' जैसी 9 ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री इतनी गहरी थी कि उस दौर में दोनों के निजी रिश्तों को लेकर भी खबरें गरम रहीं, हालांकि सार्वजनिक तौर पर इसे कभी स्वीकार नहीं किया गया।

प्यार के लिए चली गईं थी सरहद पार
जब रीना रॉय फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सफल एक्ट्रेसेस में से एक थीं। उन्होंने दुनिया को हैरान करते हुए पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहसिन खान के साथ निकाह करने का फैसला किया। साल 1983 में उन्होंने अपने करियर को पूरी तरह त्याग दिया और सरहद पार चली गईं। वेलेंटाइन के इस दौर में जहां लोग साथ रहने की कसमें खाते हैं, रीना ने अपने प्यार के लिए अपनी पहचान और देश तक बदलने का जोखिम उठाया।
7 साल बाद टूट गई शादी
शादी के बाद रीना पाकिस्तान में बस गईं, लेकिन फिल्मी दुनिया की चमक-धमक और सरहद पार की लाइफ स्टाइल के बीच रहना मुश्किल होता गया। वैचारिक मतभेद और सांस्कृतिक अंतर ने इस रिश्ते में दरार डाल दी। मोहसिन खान ने भी बॉलीवुड में अभिनय की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। आखिरकार 7 साल बाद साल 1990 के दशक में यह शादी टूट गई।
तलाक के बाद बॉलीवुड में वापसी की कोशिश
तलाक के बाद रीना के सामने अपनी बेटी 'जन्नत' (सनाम खान) की कस्टडी को लेकर एक लंबी कानूनी जंग थी। वह भारत वापस लौटीं और अपनी बेटी के लिए संघर्ष जारी रखा। तलाक के बाद रीना रॉय ने 'आदमी खिलौना है' (1993) और 'रिफ्यूजी' (2000) जैसी फिल्मों से वापसी की कोशिश की, लेकिन समय के साथ दर्शकों की पसंद बदल चुकी थी। आज वे अपनी बहन बरखा के साथ एक एक्टिंग एकेडमी चलाती हैं और अपनी बेटी के साथ एक बेहतरीन जीवन बिता रही हैं।












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