'कोहली के बाद उसका ही नंबर आता है, फिर भी ड्रॉप कर दिया', कैफ ने बताई इस खिलाड़ी की अहमियत
भारत और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज जारी है और यहां पर भारत के एक बल्लेबाज के बारे में मोहम्मद कैफ का मानना है कि उसने सिलेक्टरों को मजबूर कर दिया है कि वे आगे से इस खिलाड़ी को बाहर बैठाने की गलती ना करें।

चेतेश्वर पुजारा काफी अनुभवी खिलाड़ी हैं और मौजूदा भारतीय क्रिकेटरों में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टेस्ट खिलाड़ी हैं लेकिन टीम में उनकी जगह पक्की नहीं है। वे अंदर-बाहर होते रहे हैं और पिछले कुछ समय से तो उनका करियर ही खत्म माना जाने लगा था क्योंकि वे और अजिंक्य रहाणे रन नहीं कर पा रहे थे। रहाणे तो वापसी नहीं कर पाए लेकिन पुजारा ने काउंटी में जाकर खुद को नए सिरे से तराशा। नतीजा सामने है क्योंकि उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जगह पाई औऱ पहली पारी में कुछ ही रनों से शतक से चूक गए।

कोहली के बाद भारतीय टेस्ट टीम में सबसे ज्यादा रन बनाए
इस पर पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ का कहना है कि पुजारा ने विराट कोहली के बाद भारतीय टेस्ट टीम में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं और चयनकर्ताओं को अपने सिलेक्शन के लिए मजबूर कर दिया है। कैफ ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर बात करते हुए कहा, जिस तरह से टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने रन किए हैं, उन्होंने युवा खिलाड़ियों के लिए उदाहरण सेट किया है कि वापसी कैसे की जाती है। उनको साढे़ छह हजार करने के बाद ड्रॉप किया गया। विराट कोहली के बाद उनका नंबर है बॉस लेकिन उनको ड्रॉप किया गया। उन्होंने फिर क्या किया? वे काउंटी (ससेक्स) खेलने गए, उन्होंने चार दिनी मैचों में शतक ठोके, और 50 ओवर के गेम में भी बहुत रन बनाए, लेकिन चयनकर्ताओं को मजबूर कर दिया।

पुजारा को बाहर करके गलती कर दी
कैफ ने कहा कि सिलेक्टर इस तरह से मानों पुजारा को बाहर करके उन्होंने गलती कर दी। उन्होंने चयनकर्ताओं को सरेंडर कर दिया। यही पुजारा हैं। मैं आज वाकई खुश हूं, भले ही उन्होंने शतक नहीं लगाया। वे जिस तरह से बैटिंग कर रहे हैं शतक भी जल्द आ जाएगा।
पुजारा ने 90 रन बनाए और उनको बाए हाथ के स्पिनर तैजुल इस्माल ने आउट कर दिया। भारत 48 रन पर ही तीन विकेट गंवा चुका था लेकिन श्रेयस अय्यर और पुजारा की पारियों ने पहले दिन भारत को उभारा और दूसरे दिन रविचंद्रन अश्विन ने भी कमाल का अर्धशतक लगाते हुए भारत को 400 के करीब कर दिया है।

उम्र महज एक नंबर है
पुजारा हालांकि उम्रदराज हो चुके हैं क्योंकि उनकी उम्र 35 की होनी वाली है पर कैफ का मानना है कि ये महज एक नंबर है। क्रिकेट में कौशल की जरूरत है। ये कोई फुटबॉल नहीं है जहां लगातार मैच के दौरान बस भागते रहना है। बल्कि क्रिकेट में तो उम्र का फायदा है। आप अनुभव के साथ सीखते हो और सुधार करते हो। पुजारा, कोहली, रोहित एक उदाहरण हैं। आप दिग्गजों को देखिए उनकी उम्र 34-35 साल है। टेस्ट क्रिकेट में स्किल चाहिए, आपको लंबा खेलना होता है और इसके लिए अनुभव चाहिए। आपको ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो टर्न लेती पिचों, सीम को मदद करने वाली पिचों पर बैटिंग कर सकें। पुजारा इसका बड़ा उदाहरण हैं।












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