'मौलाना की दादागीरी नहीं चलेगी,' कौन हैं बीजेपी नेता? जो मोहम्मद शमी के सपोर्ट में उतरे
Mohammed Shami: चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान मोहम्मद शमी को सीमा रेखा पर खड़े होकर एनर्जी ड्रिंक पीते हुए देखा गया था और यह कोई नई बात नहीं है। अक्सर थकान के बाद मैदान पर प्लेयर्स ऐसा करते ही हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दुबई में सेमीफाइनल की यह घटना है।
इसके बाद शमी को ट्रोल करने वालों की बाढ़ सी आ गई। उनमें एक मौलाना भी शामिल थे, जिन्होंने शमी को रोज़ा नहीं रखने का दोषी माना और कहा कि भारतीय क्रिकेटर ने यह गुनाह किया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष शहाबुद्दीन रजवी की तरफ से बयान आया कि स्वस्थ मुस्लिम रोजा नहीं रखे, यह गुनाह होता है।

शमी का वीडियो सामने आने के बाद यह बयान आया था। इससे पहले भी शमी को ट्रोल तो किया ही जा रहा था। इस बीच शमी के समर्थन में भी कई लोग आ गए और उनमें बीजेपी का एक नेता भी शामिल है। बज्पे के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी मोहम्मद शमी के पक्ष में आ गए हैं।
राकेश त्रिपाठी ने कहा कि आस्था किसी का निजी मामला होता है। पूजा, इबादत, व्रत-अनुष्ठान और रोज़ा या नमाज़ का पालन उस व्यक्ति को खुद तय करने दीजिये। यह चीजें कोई मुल्ला, मौलवी, मुफ़्ती, साधु या पंडित तय नहीं कर सकता है। जब नवरात्रि और जन्माष्टमी पर व्रत नहीं रखने पर किसी को गुनहगार नहीं ठहराया जा सकता, तो रोज़ा नहीं रखने पर कैसे ठहराया जा सकता है। मौलाना की दादागीरी नहीं चलेगी।
मामले में कई मौलानाओं ने शमी का समर्थन किया और कहा कि यह शमी और ऊपरवाले के बीच का मामला है। गौरतलब है कि शमी भारतीय टीम के साथ फ़िलहाल चैम्पियंस ट्रॉफी में व्यस्त हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान एनर्जी ड्रिंक का वीडियो वायरल होने के बाद उनको निशाने पर लिया जाने लगा। हालांकि शमी ने इन सभी बातों के ऊपर कोई ध्यान नहीं देते हुए जवाब भी नहीं दिया।












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