बहुत कुछ पाकर, बहुत कुछ अधूरा छोड़कर खत्म हुआ एक करियर, 'मैं देश के लिए कभी खेल नहीं सका'
नई दिल्ली, 14 सितंबर: भारत के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ईश्वर पांडे ने क्रिकेट की सभी फॉर्म से संन्यास ले लिया है। ईश्वर पांडे ने सन्यास के दौरान एक लंबा चौड़ा संदेश लिखा जो उनकी क्रिकेट की यात्रा से लेकर अब तक के सफर को बयां करता है। उन्होंने कई लोगों का धन्यवाद अदा किया और भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होकर भी अपने देश के लिए ना खेलने का अफसोस भी जाहिर किया। ईश्वर पांडे के मध्य प्रदेश के रीवा से आते हैं और वह घरेलू क्रिकेट के दिग्गज हैं।

2013 में इंडियन स्क्वायड का हिस्सा बनने का मौका मिला
उनको 2013 में इंडियन स्क्वायड का हिस्सा बनने का मौका मिला था। 35 साल के इस खिलाड़ी ने 75 फर्स्ट क्लास मैच, 58 लिस्ट ए गेम्स और 71 टी20 मुकाबले खेले और कुल मिलाकर और इन सबमें कंबाइंड 394 विकेट लिए। उन्होंने आईपीएल में 25 मुकाबले खेले हैं और 18 विकेट हासिल किए। उन्होंने संन्यास के संदेश में सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी व विराट कोहली जैसे दिग्गजों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने को अपनी बहुत बड़ी उपलब्धि बताया है।

मुझे आज भी बुरा लगता है कि..
ईश्वर कहते हैं कि मैंने 2007 से क्रिकेट का सफर शुरू किया और आज वह खत्म हो गया। उस पल से लेकर अब तक जो हासिल हो पाया उससे बहुत ही ज्यादा संतुष्ट हूं और कई लोगों का शुक्रगुजार हूं। भारतीय टीम में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज के दौरान शामिल होना बहुत बड़ा भाग्य था। हालांकि मैं देश के लिए एक भी मुकाबला नहीं खेल पाया लेकिन भारतीय टीम का हिस्सा होना मेरे लिए जिंदगी की सबसे स्पेशल मेमोरी है। हालांकि मुझे आज भी बुरा लगता है कि मैं अपने देश के लिए एक भी मुकाबला नहीं खेल पाया और मुझे हमेशा अनकैप्ड इंडियन क्रिकेट प्लेयर के तौर पर याद रखा जाएगा।

धोनी के साथ यागदार समय बिताया
ईश्वर आगे कहते हैं कि उन्होंने विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, सुरेश रैना, ईशांत शर्मा, रविंद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार जैसे महान खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर किया। उन्होंने आईपीएल में राइजिंग पुणे सुपर्जायंट्स की ओर से खेला और बाद में चेन्नई सुपर किंग्स ने भी उनको लिया जिसके लिए वे इन दोनों के शुक्रगुजार हैं। वे सचिन तेंदुलकर के सामने खेलने को भी अपने जीवन का बहुत बड़ा अवसर बताते हैं। उन्होंने तेंदुलकर को खेलते हुए बचपन से क्रिकेट का सपना देखा था।
ईश्वर पांडे इंस्टाग्राम पर आगे कहते हैं कि उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी और चेन्नई सुपर किंग के गाइडेंस में जो 2 साल बिताए वह भी काफी प्यारे लम्हे थे।
मेरी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि
ईश्वर पांडे कहते हैं कि मुझे आज भी वह समय याद है जब वह अपने करियर के शुरुआती संघर्ष में रोज सुबह से लेकर शाम तक 20 किलोमीटर साइकिल चलाया करते थे ताकि पर ट्रेनिंग कर सकें। वे क्रिकेट के बारे में 24 घंटे सोचते रहते थे और यह एक ऐसे संघर्ष के पल थे जिनको वह हमेशा याद रखेंगे। जिनको वह हमेशा संभाल कर रखेंगे। इसके साथ ही वे यह भी कहते हैं कि मैं बहुत ही छोटी जगह से आया हूं और रीवा मध्य प्रदेश से भारतीय क्रिकेट टीम को रिप्रेजेंट करने वाला पहला क्रिकेटर बना और यह एक ऐसा सपना था जिसको मैंने हासिल कर लिया है और यह मेरी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगा।












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