IPL Auction 2023: बोली टाई हुई तो कौन होगा विजेता, जानिए क्या है 'साइलेंट टाई ब्रेकर बिड' का नियम
आईपीएल नीलामी के दौरान अगर दो या अधिक फ्रेंचाइजी किसी खिलाड़ी पर बोली लगाते हुए टाई हो जाती हैं और उनके पर्स में बोली आगे बढ़ाने के लिए पैसे नहीं बचते तो ऐसी स्थिति के लिए ये नियम काम करता है।

आईपीएल नीलामी 2023 आज यानी 23 दिसंबर को कोच्चि में होने जा रही है जहां पर 10 फ्रेंचाइजी अपनी टीमों को मजबूत करने के लिए उतरेंगी। नीलामी अपेक्षाकृत छोटी ही है लेकिन इसके लिए भी 405 खिलाड़ियों ने अपने नाम दिए हैं। इन 405 खिलाड़ियों में से 273 भारतीय और 132 विदेशी हैं। हालांकि केवल 87 स्लॉट उपलब्ध हैं। बीसीसीआई ने नीलामी को आराम से कराने के लिए एक नया टाई ब्रेकर नियम भी लाया है। अगर किसी खिलाड़ी की बोली पर टाई हो जाता है तो लिखित में एक नीलामी विजेता का फैसला करेगी।
जाहिर है ये नियम तब काम आएगा जब दो या अधिक फ्रेंचाइजी एक ही रकम एक ही खिलाड़ी पर बोल देंगी और फिर उनके पास उस खिलाड़ी को खरीदने के लिए इससे ज्यादा पर्स में नहीं बची होगी। रकम नहीं बची होगी तो वे बोली को भी नहीं बढ़ा पाएंगे। मान लीजिए दो या अधिक फ्रेंचाइजी के साथ किसी खिलाड़ी को खरीदते हुए ऐसा हो जाता है तो नीलामीकर्ता ही उस टाई बिड पर फैसला सुनाएगा। हालांकि बीसीसीआई टाई बोली लगाने वाली टीमों को बुलाएगी और उनको लिखित में अपनी बोली दर्ज करानी होगी। इसके लिए उनको एक फॉर्म भरना होगा जो बीसीसीआई द्वारा दिया जाएगा। इस दौरान किसी को पता नहीं लगने दिया जाएगा कि बोली कितनी लगी है। इसके बाद बीसीसीआई लिखित बोली में फैसला करेगी कौन सी टीम ने सबसे बोली लगाई है। यानी ये बोली उस बिड से अलग होगी जो टाई हुई थी।
इस बोली की रकम बीसीसीआई को प्राप्त होगी और सैलरी कैप में से रकम नहीं काटी जाएगी। टाइब्रेकर बिड रकम को नीलामी होने के 30 दिन के अंदर बीसीसीआई को जमा कराना होगा।
टाईब्रेक बिड में कितनी भी बिड लग सकती है-
बीसीसीआई ने टीमों को सूचित कर दिया है, "टाईब्रेक बिड की रकम एक किस्त में दी जाएगी, जिसे फ्रेंचाइजी बीसीसीआई को भुगतान करेगी। टाईब्रेक बोली की राशि अंतिम बोली की राशि से अलग और अतिरिक्त है। टाइब्रेक बिड एक अलग राशि है, जिसे फ्रेंचाइजी बीसीसीआई को भुगतान करने के लिए तैयार है और इसे संबंधित फ्रेंचाइजी की सैलरी कैप से नहीं काटा जाता है। टाईब्रेक बोली की राशि की कोई सीमा नहीं है।"
इस बार पिछले सालों के विपरी राइट टू मैच (आरटीएम) कार्ड का विकल्प नहीं होगा। प्रत्येक फ्रेंचाइजी में कम से कम 18 खिलाड़ी और ज्यादा से ज्यादा 25 खिलाड़ी होने चाहिए।
बता दें नीलामी के लिए 19 विदेशी खिलाड़ी 2 करोड़ रुपये के ब्रैकेट में हैं, जबकि 11 खिलाड़ी 1.5 करोड़ रुपये के बेस प्राइज के साथ नीलामी सूची में हैं। मनीष पांडे और मयंक अग्रवाल 1 करोड़ के बेस प्राइज वाले 20 क्रिकेटरों की सूची में दो भारतीय खिलाड़ी हैं।
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