IPL 2026: 3 खिलाड़ियों को ढो रही हैं टीमें, खेल में फ्लॉप मगर कप्तानी के कारण टीम में बरकरार
IPL 2026: आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर है, लेकिन कुछ फ्रेंचाइजी के लिए उनके कप्तानों का फॉर्म सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है। क्रिकेट में एक कप्तान से उम्मीद की जाती है कि वह अपने प्रदर्शन से टीम के लिए उदाहरण पेश करे, लेकिन इस सीजन में तीन ऐसे कप्तान हैं जिनका निजी प्रदर्शन इतना खराब रहा है कि उनकी जगह पर सवाल उठने लगे हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स ने आज अपनी टीम में दो बदलाव किए हैं।
इसके बावजूद, केवल कप्तान होने के नाते वे प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह सुरक्षित रखे हुए हैं। प्लेइंग इलेवन में उन फ्लॉप प्लेयर्स की जगह अन्य किसी खिलाड़ी को भी मौका नहीं मिल रहा है। उनके अब तक के प्रदर्शन को जरूर देखा जाना चाहिए।

रियान पराग (राजस्थान रॉयल्स)
राजस्थान रॉयल्स ने इस सीजन में एक बड़ा दांव खेलते हुए युवा रियान पराग को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन अब तक यह फैसला टीम के पक्ष में जाता नहीं दिख रहा है। पराग के आंकड़े उनकी विफलता की पूरी कहानी बयां करते हैं। अब तक खेले गए 6 मैचों में वे केवल 61 रन बना सके हैं। सबसे चिंताजनक बात उनका स्ट्राइक रेट है, जो महज 122 का रहा है। टी20 के लिहाज से इसे बेहद साधारण माना जाता है। वह गेंदबाजी में भी वे कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं और 6 मैचों में उनके नाम सिर्फ 2 विकेट दर्ज हैं। एक ऑलराउंडर कप्तान से ऐसी उम्मीद कतई नहीं की जाती।
अजिंक्य रहाणे (कोलकाता नाइट राइडर्स)
KKR के कप्तान अजिंक्य रहाणे के लिए यह सीजन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन कुल मिलाकर उनका प्रदर्शन कप्तान के तौर पर अपर्याप्त नजर आ रहा है। रहाणे ने अब तक 7 मैचों में 152 रन बनाए हैं। हालांकि उनके नाम एक अर्धशतक दर्ज है और उनका स्ट्राइक रेट 144 का है, जो कि देखने में ठीक लगता है, लेकिन उनकी निरंतरता सबसे बड़ी समस्या है। उस एक अर्धशतक को छोड़ दें तो बाकी 6 पारियों में वे टीम को मजबूत शुरुआत देने में नाकाम रहे हैं। हालिया मैचों में दो बार शून्य पर आउट होने से उनकी फॉर्म पर उठ रहे सवालों को और बल मिला है।
हार्दिक पांड्या (मुंबई इंडियन्स)
मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या भी इस लिस्ट में मजबूती से शामिल हैं। हार्दिक न तो फिनिशर की भूमिका निभा पा रहे हैं और न ही नई गेंद से विकेट निकाल पा रहे हैं। 5 पारियों में उनके बल्ले से केवल 96 रन निकले हैं, गेंदबाजी में वह 3 विकेट ले पाए हैं। उनकी कप्तानी में मुंबई की टीम अंक तालिका में निचले पायदानों पर संघर्ष कर रही है। जब कप्तान खुद ही फॉर्म में न हो, तो पूरी टीम का मनोबल गिरना स्वाभाविक है। फैंस अब यह मांग करने लगे हैं कि क्या कप्तानी के नाम पर ऐसे फ्लॉप प्रदर्शन को बर्दाश्त किया जाना चाहिए?












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