VIDEO: बेटे के नाम पर लगी पहली बोली, पिता की आंखों में आ गए आंसू, काव्या मारन ने बदली किस्मत!
IPL 2026 Auction, Omkar Tarmale: 16 दिसंबर को हुए आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन ने कई युवा खिलाड़ियों की किस्मत बदलने का काम किया। आईपीएल में खेलने का सपना हर युवा क्रिकेटर का होता है। भारतीय घरेलू टूर्नामेंट में दमखम दिखाने वाले युवा खिलाड़ियों पर इस बार टीमों ने भरोसा जताया है। यही वजह है कि इन खिलाड़ियों को उम्मीद के विपरीत भारी भरकम राशि देकर फ्रेंचाइजियों द्वारा खरीदा गया है।
महाराष्ट्र के ओंकार को हैदराबाद ने खरीदा (IPL 2026 Auction, Omkar Tarmale)
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के 'शेरे' गांव से एक ऐसे ही युवा खिलाड़ी की कहानी सामने आई है। यहां के रहने वाले युवा तेज गेंदबाज ओंकार तारमाले को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर खरीदा है। जैसे ही नीलामी के दौरान काव्या मारन ने ओंकार के लिए बोली लगाई, उनके परिवार और पूरे गांव में जश्न का माहौल छा गया। गांव के लोग परिवार के साथ इस अवसर का जश्न मना रहे हैं।

सोशल मीडिया वायरल हो रहा वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ओंकार के पिता तुकाराम तारमाले खुशी से अपनी सीट से उछल पड़ते हैं। वह अपने बेटे की सफलता पर ईश्वर को धन्यवाद देते हुए प्रार्थना करते नजर आते हैं। ओंकार के पिता तुकाराम के लिए यह केवल एक क्रिकेट चयन नहीं, बल्कि बरसों के संघर्ष की जीत है। ओंकार एक बेहद मेहनती खिलाड़ी हैं और घरेलू स्तर पर महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
बेटे के सपने को पूरा करने के लिए लिया था कर्ज
ओंकार के पिता ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वे अपने बेटे के सपनों को पंख दे सकें। तुकाराम ने भावुक होते हुए कहा कि ओंकार को दिल्ली और त्रिपुरा जाकर मैच खेलने थे, लेकिन मेरे पास पैसे नहीं थे। मैंने अपने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए 3 लाख का कर्ज लिया ताकि वह आगे बढ़ सके। आज उसकी मेहनत रंग लाई है और भगवान ने उसे उसकी मेहनत का इनाम दिया है।
मंदिर में प्रार्थना कर रहे थे ओंकार
हैरानी की बात यह है कि जब नीलामी चल रही थी और बड़े-बड़े दिग्गजों की बोलियां लग रही थीं। तब ओंकार टीवी के सामने नहीं बल्कि मंदिर में बैठकर भगवान से प्रार्थना कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मैं बस शांति से मंदिर में बैठा था और प्रार्थना कर रहा था। जब SRH ने अंतिम क्षणों में उनमें रुचि दिखाई तो उनके गांव में दिवाली जैसा माहौल हो गया। ग्रामीणों ने ओंकार और उनके परिवार का सम्मान किया और ढोल-नगाड़ों के साथ इस उपलब्धि का जश्न मनाया।












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