सिर्फ 10 गेंद में 50 रन ठोंक चुके हैं केकेआर के रमेश कुमार, IPL 2022 में चुने जाने तक का सफर है बेहद फिल्मी
नई दिल्ली। पिछले कुछ दिन क्रिकेट फैन्स के लिये काफी व्यस्त रखने वाले थे, जहां पर इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन के लिये खिलाड़ियों की मेगा नीलामी की जा रही थी। बेंगलुरू में आयोजित किये गये इस दो दिवसीय इवेंट में दुनिया भर के खिलाड़ियों पर बोली लगी और 10 टीमों ने इनमें से अपने-अपने खिलाड़ी चुने। इस दौरान टीमें बड़े खिलाड़ियों के साथ ही कुछ ऐसे नामों के साथ भी गई जिनके बारे में किसी को पता नहीं था और जिनके भविष्य में टीम के साथ जुड़ने की उम्मीद है। इन गुमनान खिलाड़ियों में एक नाम रमेश कुमार का भी है जिन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने अपने खेमे में शामिल किया है।

कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने रमेश कुमार को 20 लाख की रकम देकर अपने खेमे में शामिल किया है। इस खिलाड़ी को अपने खेमे में शामिल कर केकेआर की टीम काफी खुश नजर आयी क्योंकि कोई और टीम इस खिलाड़ी के पीछे नहीं गई। ऐसे में अब सवाल उठता है कि रमेश कुमार कौन है, जिसने अब तक प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेला है लेकिन इसके बावजूद उन्हें केकेआर की टीम ने अपने खेमे में शामिल किया है।
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सिर्फ 10 गेंदों में ठोंक चुके हैं फिफ्टी
उल्लेखनीय है कि रमेश कुमार पंजाब के मनसा जिले से आते हैं जहां पर नरीन जलाल बदिया के नाम से भी मशहूर हैं। भले ही रमेश कुमार अब तक प्रोफेशनल क्रिकेट में डेब्यू नहीं कर सके हैं लेकिन वह काफी विस्फोटक बल्लेबाज हैं। रमेश ने जैसे ही केकेआर के साथ अपना करार हासिल किया, तुरंत ही उनका एक वीडियो यूट्यूब पर वायरल होने लगा जिसमें वो महज 10 गेंद में 50 रन ठोंकते नजर आ रहे हैं। इस पारी के दौरान वो 5 छक्के और 5 चौके लगाते नजर आये हैं। वह एक लोकल टेनिस बॉल मैच में यह पारी खेलते नजर आ रहे हैं।
रमेश भले ही एक बल्लेबाज के तौर पर नीलामी लिस्ट में शामिल किये गये हों लेकिन बायें हाथ की स्पिन गेंदबाजी उन्हें ज्यादा असरदार बनाती है। उनके पास गेंद को दोनों तरफ स्पिन कराने की कला है। रमेश के अनुसार उन्हें मोनीकर नरिन जलालबदिया के नाम से इसलिये बुलाया जाता है क्योंकि उनकी गेंदबाजी का एक्शन केकेआर के मिस्ट्री स्पिनर सुनील नरेन से काफी मिलता जुलता है।

टेनिस बॉल क्रिकेट की देन हैं रमेश कुमार
टेनिस बॉल क्रिकेट खेलकर भारतीय टीम में जगह बनाने वाले रविचंद्रन अश्विन की तरह ही रमेश कुमार भी इसी प्रारूप की देन हैं जो कि अपनी छक्के मारने की काबिलियत के चलते काफी मशहूर हैं। 10 गेंदों में 50 रन बनाने का उनका वीडियो यूट्यूब पर नरिन जलालाबाद के नाम पर आसानी से देखने को मिल जाता है। रमेश का मानना है कि अगर टेनिस बॉल टूर्नामेंट नहीं होते तो वो कभी भी आईपीएल में नहीं चुने जाते। एक इंटरव्यू के दौरान जब रमेश कुमार से उनके पसंदीदा गेंदबाज और बल्लेबाज का नाम पूछा गया तो उन्होंने किसी मशहूर खिलाड़ी के बजाय टेनिस क्रिकेट में मशहूर उनके स्थानीय खिलाड़ियों का नाम लिया जो कि बताता है कि वो कहां से आते हैं।

पिता करते हैं मोची का काम, मेक अप का सामान बेचती है मां
रमेश एक गरीब लेकिन सुशील परिवार से आते हैं, जिनके पिता मोची का काम करते हैं तो वहीं पर मां आस-पास के इलाके में मेक अप का सामान बेचती हैं। छोटे शहरों से आने वाले ज्यादातर बच्चों की तरह रमेश का क्रिकेट करियर भी टेनिस बॉल से शुरू हुआ और धीरे-धीरे कुछ ही समय में लोगों ने बल्ले और गेंद से उनके स्किल्स को पहचानना शुरू कर दिया, नतीजन उन्हें ज्यादा टेनिस बॉल टूर्नामेंट से बुलावा आने लगा। हालांकि उनके लिये यह सफर आसान नहीं था क्योंकि उनका परिवार चाहता था कि वो एक अच्छी नौकरी करें और क्रिकेट खेलना छोड़ दें। कई मौकों पर रमेश को खेलने के लिये उनसे झूठ बोलना पड़ता था। लेकिन मैच में खेलकर जो इनाम वो जीतकर लाते थे उससे उनकी पढ़ाई में मदद हुई और वो ग्रैजुएशन करने में सफल हो सके।

गुरकीरत मान ने की बड़ी मदद
टेनिस बॉल क्रिकेट में अच्छा करता देख रमेश के दोस्तों ने उन्हें क्रिकेट बॉल के साथ करियर को आगे बढ़ाने के लिये प्रोत्साहित किया। रमेश ने कभी भी प्रोफेशनल क्रिकेट की कोचिंग नहीं ली थी लेकिन इसके बावजूद वो टेनिस बॉल और क्रिकेट बॉल से खेलते हुए अपना दबदबा बनाने लगे। जल्द ही उन्हें मोगा के जिला क्रिकेट में खेलने का मौका मिला और वो टूर्नामेंट के सबसे शानदार गेंदबाज बनकर उभरे। जिला स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के बाद रमेश को पिछले साल पंजाब के स्टेट कैम्प में जाने का मौका मिला, जहां पर उनकी मुलाकात पंजाब के ऑलराउंडर गुरकीरत सिंह मान से हुई। गुरकीरत सिंह भारत के लिये 2016 में 3 वनडे मैच खेल चुके हैं, जिनसे मिलने पर रमेश ने अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में बताया और किसी बड़े टूर्नामेंट में उनका नाम सजेस्ट करने के लिये कहा।
मान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वो हर तरह से कोशिश करेंगे की वो उनकी मदद करें लेकिन अंत में उनका प्रदर्शन और टैलेंट ही उनका भविष्य बना सकता है। मान ने उन्हें जेपी अत्रे ट्रॉफी में मिनर्वा क्रिकेट एकेडमी की ओर से खेलने का मौका दिलाया, जिसके पहले ही मैच में उन्होंने 35 रन देकर 5 विकेट हासिल किये। अगले मैच में उन्होंने 32 रन देकर 4 विकेट हासिल किये और प्लेयर ऑफ द मैच भी बने।

ऐसे हुई केकेआर मैनेजमेंट से मुलाकात
गुरकीरत मान ने रमेश कुमार के इस प्रदर्शन की वीडियो फुटेज केकेआर के सहायक कोच अभिषेक नायर को भेजी जिन्होंने रमेश को ट्रॉयल्स के लिये बुलाया, जहां पर उनसे गेंदबाजी और फील्डिंग करने के लिये कहा गया। रमेश का प्रदर्शन देखकर केकेआर मैनेजमेंट काफी प्रभावित हुआ और ऑक्शन के दौरान अपने खेमे से जोड़ लिया।
केकेआर में चुने जाने पर रमेश ने कहा,'इस चयन ने उनकी जिंदगी बदल दी है। इसने उन्हें एक ऐसा प्लेटफॉर्म दिया है जहां पर वो घरेलू क्रिकेट में भी खेल सकते हैं। वह कभी भी फर्स्ट क्लास क्रिकेट नहीं खेले हैं लेकिन आईपीएल में चुने जाने के बाद रणजी ट्रॉफी में खेलने के दरवाजे जरूर खुल गये हैं। मेरा उद्देश्य भारत के लिये खेलना है। गुरकीरत पाजी और भगवान के आशीर्वाद के बिना यह कभी संभव नहीं हो पाता।'












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