IPL 2022: कोहली की तरह अब रोहित भी कप्तानी से तौबा कर लें, भारत के पूर्व खिलाड़ी का सुझाव
नई दिल्ली, 14 अप्रैल: रोहित शर्मा और मुंबई इंडियंस का आईपीएल 2022 की सीजन सबसे बुरा गुजर रहा है। ऐसी दुर्गति भुगतनी आसान नहीं है। पांच बार की आईपीएल चैम्पियन यह टीम मौजूदा सीजन में लगातार पांचवीं बार हार चुकी है। जीत का खाता तक नहीं खुला है और ताजा हार पंजाब किंग्स के खिलाफ मिली है।
मुंबई की इस बुरी हालत के संकेत तब ही देखने को मिल गए थे जब उन्होंने महा नीलामी के दौरान खुद को मूक दर्शक के तौर पर अधिक पेश किया था। उनकी नीलामी कमजोर रही और यही बात अब साबित भी हो रही है।

रोहित शर्मा ने संघर्ष शुरू कर दिया है-
सबसे खराब चीज है रोहित शर्मा की लगातार घटिया बैटिंग क्योंकि वे ऐसे खेल रहे हैं जैसे कोई संघर्ष करता हुआ युवा अभी इंटनरेशनल क्रिकेट को समझने का प्रयास कर रहा है। भारत के दूसरे दिग्गज विराट कोहली पहले ही बैटिंग के उस दौर में जा चुके हैं जहां वे पहले वाले बल्लेबाज कभी नजर आते नहीं दिख रहे। अब रोहित ने भी बैटिंग में वैसे ही संकेत देने शुरू कर दिए हैं। हालांकि कोहली ने कप्तानी छोड़कर अपनी बैटिंग को फिर से हासिल करने की कोशिश की है लेकिन फिलहाल तक वे नाकाम ही रहे हैं।

रोहित को भी कप्तानी छोड़ देनी चाहिए थी- मांजरेकर
अब संजय मांजरेकर का कहना है कि रोहित को भी कप्तानी छोड़ देनी चाहिए थी जैसे विराट कोहली ने आरसीबी की कप्तानी छोड़ी थी। मांजरेकर ने ईएसपीएनक्रिकइंफो पर बात करते हुए कहा, मुझे लगता है कि पोलार्ड में अभी भी दम बाकी है। यहां तक मुझे लगा कि सीजन से पहले रोहित शर्मा भी विराट कोहली की तरह कप्तानी छोड़ देंगे, वे प्रैशर से निकलकर शुद्ध बल्लेबाज के तौर पर नजर आएंगे और पोलार्ड को कमान सौंप देंगे क्योंकि वे एक जबरदस्त इंटरनेशनल कैप्टन हैं।

आईपीएल में लगातार गिरावट की ओर रोहित-
कुल मिलाकर रोहित के नाम 109 मैचों में 30.91 की औसत से 5718 रन हैं। हालांकि, इस सीजन में वह पांच मैचों में 21.60 के औसत से सिर्फ 108 रन ही बना पाए हैं। और 2017 के बाद से, रोहित का आईपीएल सीजन में 30 से अधिक का औसत नहीं रहा है। दूसरी ओर, 2017 से पहले, रोहित ने आईपीएल के नौ सत्रों में से सात में 30 से अधिक का औसत बनाया था। यह स्पष्ट है कि हाल ही में, रोहित अपने शानदार प्रदर्शन पर नहीं रहे हैं।

इस बार वो टीम नहीं दिख रही मुंबई इंडियंस-
मांजरेकर ने कहा कि, रोहित ने पिछले 3-4 सीजनों से 30 से कम के औसत के साथ बैटिंग की, स्ट्राइक रेट 150 और 160 का रहा है। जब वे भारत के लिए खेलते हैं तो नंबर बेहतर हो जाते हैं....क्योंकि तब वे केवल अपने लिए सोचते हैं, टीम को लेकर कम चिंतित रहते हैं। उनके पास गेम को बदलने के लिए पोलार्ड हैं लेकिन वे पूरे सीजन भर ऐसा नहीं कर सकते और रोहित व सूर्यकुमार यादव जैसे बल्लेबाजों की जिम्मेदारी है कि वे निचले क्रम के बल्लेबाजों के लिए प्लेटफॉर्म सेट करें लेकिन दुर्भाग्य से इस सीजन में ऐसा नहीं हो पा रहा है।












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