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'हम यहां बैठने के लिये नहीं आये हैं', जब अजिंक्य रहाणे ने रेसिज्म के मुद्दे पर अंपायर से की बात

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सीनियर बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने हाल ही में दिये गये एक इंटरव्यू के दौरान ऑस्ट्रेलिया में खेले गये सिडनी टेस्ट के दौरान रेसिज्म के मुद्दे पर की गई बात का खुलासा किया है। 2020-21 में खेली गई इस टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम को पहले मैच में बुरी तरह से हार का सामना करा पड़ा था, जिसके बाद उसने जबरदस्त वापसी करते हुए 2-1 से ऐतिहासिक सीरीज अपने नाम की थी। इस सीरीज में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था और दूसरे मैच में जीत हासिल करते हुए सीरीज में बराबरी कर ली थी।

Ajinkya Rahane

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    इसके बाद सीरीज का तीसरा मैच सिडनी में खेला गया जिसके तीसरे दिन कुछ दर्शकों ने भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह गालियां दी और नस्लीय टिप्पणी करते नजर आये। दर्शकों ने मोहम्मद सिराज को खासतौर से निशाना बनाया जिससे वो आहत हो गये और उन्होंने मैदान पर खड़े कप्तान अजिंक्य रहाणे से शिकायत की।

    और पढ़ें: ISSF विश्व कप 2022 में भारत को मिला पहला गोल्ड मेडेल, महिला टीम ने खोला पदकों का खाता

    सिडनी टेस्ट में हुआ था नस्लीय विवाद

    सिडनी टेस्ट में हुआ था नस्लीय विवाद

    मैदान पर खड़े अधिकारियों को भी इस घटना की जानकारी दी लेकिन उसके बावजूद यह चौथे दिन भी जारी रहा। इसके चलते चौथे दिन का खेल 10 मिनट तक रुका जिस दौरान भारतीय कप्तान और अंपायर ने एक-दूसरे के साथ बात की और नस्लीय टिप्पणी करने वाले दर्शकों को स्टेडियम से बाहर निकाल दिया गया। मैच के आखिरी दिन भारतीय टीम ने हनुमा विहारी और रवि अश्विन की बल्लेबाजी के दम पर मैच को ड्रॉ करा दिया और बचाने में कामयाब रहे। भारतीय टीम ने इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम का किला कहे जाने वाले गाबा के मैदान पर ऐतिहासिक रन चेज कर जीत हासिल की और इतिहास रच दिया।

    जब तक एक्शन नहीं होगा तब नहीं खेलेगी भारतीय टीम

    जब तक एक्शन नहीं होगा तब नहीं खेलेगी भारतीय टीम

    बुधवार को मुंबई में आयोजित किये गये एक इवेंट 'बंदों में था दम' के दौरान इस ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज पर बनी डॉक्यूमेंट्री रिलीज की गई जिसमें रहाणे ने किस तरह से नस्लीय टिप्पणी करने वालों को बाहर करने की मांग की थी उसका जिक्र किया था। रहाणे ने इस दौरान बताया कि कैसे मैच के चौथे दिन जब दोबारा नस्लीय टिप्पणी की गई तो उन्होंने अंपायर्स को साफ कर दिया कि भारतीय टीम तब तक नहीं खेलेगी जब तक इस परिस्थिति को सुलझा नहीं लिया जाता।

    ईएसपीएन क्रिकइंफो ने रहाणे के बयान का जिक्र करते हुए कहा,'हमने दबाव बनाया कि उन दर्शकों को मैदान से बाहर किया जाये, जब चौथे दिन मोहम्मद सिराज फिर से मेरे पास आये और बताया कि उनके साथ यह दोबारा हो रहा है, तो मैंने अंपायर्स से कहा कि उन्हें एक्शन लेना होगा वरना हम तब तक नहीं खेलेंगे।'

    सिराज का साथ देना था जरूरी

    सिराज का साथ देना था जरूरी

    अजिंक्य रहाणे ने आगे बताया कि अंपायर्स ने मैदान से बाहर जाने का विकल्प दिया था लेकिन उन्होंने मैदान पर खेल जारी रखने पर जोर दिया लेकिन नस्लीय टिप्पणी करने वालों को बाहर करने के बाद। उन्होंने एससीजी में हुई घटना को पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इस बात की अहमियत बताई कि उस वक्त सिराज का समर्थन करना कितना जरूरी था।

    उन्होंने कहा,'अंपायर्स ने मुझसे कहा कि आप मैदान पर रुककर समय बर्बाद नहीं कर सकते हैं और चाहें तो मैदान से बाहर जा सकते हैं। मैंने कहा कि हम यहां पर खेलने आये हैं न कि ड्रेसिंग रूम में बैठने और नस्लीय टिप्पणी करने वालों को मैदान से बाहर करने पर जोर दिया। यह करना जरूरी था ताकि हम अपने साथी को किसी भी परिस्थिति का सामना करना सिखा सकें। सिडनी में जो भी हुआ वो पूरी तरह से गलत था।'

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