IND vs WI: पहले वनडे में मिली बड़ी जीत के बावजूद टीम मैनेजमेंट पर भड़के आकाश चोपड़ा, जानें क्यों

नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही 3 मैचों की वनडे सीरीज का आगाज हो गया है और रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने 6 विकेट से जीत हासिल कर बेहतरीन शुरुआत की है। भारतीय टीम ने जबरदस्त तरीके से शुरुआत करते हुए वेस्टइंडीज को हर विभाग में लताड़ा और 176 रन पर कैरिबियाई टीम को समेट कर लक्ष्य को महज 28 ओवर्स में हासिल कर लिया। भारतीय टीम के लिये इस मैच में युजवेंद्र चहल ने शानदार प्रदर्शन किया और 9.5 ओवर्स के स्पेल में 49 रन देकर 4 विकेट हासिल कर प्लेयर ऑफ द मैच बने। साउथ अफ्रीका सीरीज पर 3-0 से सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज दौरे पर वैसी शुरुआत की जिसकी टीम को दरकार थी।
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1000वें वनडे मैच में भारतीय टीम ने जीत हासिल कर भारतीय क्रिकेट के नये अध्याय की शुरुआत की है। भारतीय टीम की इस बेहतरीन जीत के बावजूद पूर्व सलामी बल्लेबाज और मशहूर क्रिकेट कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा टीम मैनेजमेंट की रणनीति से खुश नजर नहीं आ रहे हैं और उन्होंने इसको लेकर टीम को जमकर झाड़ लगाई है।
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भारतीय टीम मैनेजमेंट से खुश नहीं हैं आकाश चोपड़ा
उल्लेखनीय है कि टीम मैनेजमेंट ने साउथ अफ्रीका दौरे पर हरफनमौला वेंकटेश अय्यर को डेब्यू करने का मौका दिया था जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने दीपक हुड्डा को डेब्यू कराया। यह दोनों ही खिलाड़ी बल्लेबाजी के साथ-साथ अपनी गेंदबाजी से भी टीम के लिये योगदान दे सकते हैं, हालांकि इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट ने दोनों से गेंदबाजी नहीं करायी। आकाश चोपड़ा को टीम मैनेजमेंट की यह रणनीति पसंद नहीं आयी और उन्होंने कहा कि इससे लगता है कि मैनेजमेंट को अपने नये खिलाड़ियों की गेंदबाजी की काबिलियत पर भरोसा नहीं है।
दीपक हुड्डा ने रविवार को अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया, जो कि मध्यक्रम में बल्लेबाजी के अलावा ऑफ स्पिन गेंदबाजी से कुछ ओवर्स निकालने की क्षमता रखते हैं। पहले वनडे मैच में टीम को उनकी गेंदबाजी की जरूरत नहीं पड़ी लेकिन बल्लेबाजी में सूर्यकुमार यादव के साथ उन्होंने पांचवे विकेट के लिये नाबाद 62 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत जरूर दिलायी।

समझ से परे है टीम मैनेजमेंट की रणनीति
वहीं वेंकटेश अय्यर की बात करें तो वो आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की फ्रैंचाइजी के लिये ऑलराउंडर के रूप में खेलते नजर आते हैं, लेकिन साउथ अफ्रीका दौरे पर टीम ने उनकी गेंदबाजी का पूरा फायदा नहीं उठाया। पहले मैच में गेंदबाजी का मौका नहीं देने के बाद उन्हें दूसरे मैच में सिर्फ 4 ओवर फेंकने को मिले जबकि तीसरे मैच से उन्हें ड्रॉप कर दिया गया, जिसके बाद खेल जगत के पूर्व क्रिकेटर्स का एक धड़ा टीम मैनेजमेंट की रणनीति से सहमत नजर नहीं आ रहा है।
आकाश चोपड़ा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर सवाल उठाते हुए लिखा,'पहले वेंकटेश अय्यर और अब दीपक हुड्डा..जब आप अपने ऑलराउंडर्स खिलाड़ियों को गेंदबाजी का मौका ही नहीं देंगे तो टीम के लिये ऑलराउंडर की तलाश पूरी करना असंभव ही रहेगा। या शायद चयनकर्ता खिलाड़ियों को ऑलराउंडर के रूप में सेलेक्ट कर रहे हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट को उनकी गेंदबाजी काबिलियत पर थोड़ा या फिर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।'

नया ट्रॉय करने से घबरा रहा है टीम मैनेजमेंट
आकाश चोपड़ा ने अगले ट्वीट में लिखा कि किसी भी टीम के लिये गेंदबाजी के नये विकल्पों को ट्रॉय करने का सबसे सही मौका तभी है जब सामने वाली टीम पर थोड़ा दबाव हो या बिल्कुल भी दबाव नहीं हो। हालांकि टीम मैनेजमेंट कुछ भी नया ट्रॉय करने से घबराता नजर आ रहा है।
गौरतलब है कि चोपड़ा का यह बयान फैन्स को पसंद नहीं आया और उन्होंने जवाब देते हुए लिखा कि पहले वनडे मैच में टीम को छठे गेंदबाज की जरूरत ही नहीं पड़ी थी और इसी वजह से हुड्डा को गेंदबाजी नहीं दी गई। आपको बता दें कि भारतीय टीम को अब सीरीज का दूसरा मुकाबला इसी मैदान पर बुधवार को खेलना है, जहां पर रोहित शर्मा मैच जीतकर सीरीज अपने नाम करने की ओर देखेंगे।












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