'इन युवाओं के साथ हमें धैर्य दिखाना होगा', 16 रन की हार के बाद बोले कोच राहुल द्रविड़
भारत के हेड कोच राहुल द्रविड़ का मानना है कि टी20 में अभी युवाओं को आजमाने की काफी गुंजाइश है इसलिए इन खिलाड़ियों के साथ धैर्य बरतना होगा।

भारत की एक युवा क्रिकेट टीम इस समय श्रीलंका के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज में संघर्ष कर रही है। टीम में सीनियरों की मौजूदगी बहुत कम है संजू सैमसन के बाहर होने से राहुल त्रिपाठी जैसे नए खिलाड़ी को भी मौका मिला है। तेज गेंदबाजी तो पूरी तरह से नई है। इस तरह की अनुभवहीन टीम क्या कर सकती है ये भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पुणे में दूसरे टी20 मुकाबले में मैच के अहम पॉवप्ले में देखा जब अर्शदीप ने नो-बॉल की झड़ी लगाकर लंका के लिए रन फ्लो इतना आसान कर दिया कि उन्होंने खुद को बढ़िया तरह से सेट पाया।
हालांकि भारत ने बाद में बैटिंग के दौरान टॉप ऑर्डर उड़ने के बाद निचले क्रम पर पूरी ताकत झौंक दी लेकिन 16 रनों की हार को बचा नहीं सके। सीरीज 1-1 से बराबर होने के बाद भारत के कोच राहुल द्रविड़ ने अपने गेंदबाजों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें इन युवा खिलाड़ियों के साथ धैर्य रखने की जरूरत है।
खेल के बाद बोलते हुए, द्रविड़ ने कहा, "कोई भी किसी भी प्रारूप में वाइड (नो-बॉल) गेंदबाजी नहीं करना चाहता। खासकर टी20 में वे आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। हमें ऐसे बहुत से नए खिलाड़ियों के साथ धैर्य रखने की जरूरत है। इस टीम में काफी युवा खिलाड़ी खेल रहे हैं, खासकर हमारा गेंदबाजी आक्रमण, वे अभी बच्चे ही हैं, वे आगे भी ऐसी चुनौतियों से गुजरेंगे।"
भारत के पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि खिलाड़ी सुधार के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम उनकी मदद करने की कोशिश करते रहते हैं, तकनीकी रूप से उनका समर्थन करते हैं और उनके लिए सही माहौल देने की कोशिश करते हैं ताकि वे स्किल को बेस्ट लेवल पर शो कर सकें। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सीखना आसान नहीं है और आपको काम करते हुए सीखना होता है। अच्छी बात यह है कि एकदिवसीय विश्व कप और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप पर हमारा फोकस बरकरार रखते हुए हम कम से कम टी20 में कई युवाओं को आजमा सकते हैं।"
बता दें क्रिकेट में सभी टीमें वर्ल्ड कप को फोकस करते हुए तैयारियों को अंजाम देती हैं। इस साल वनडे वर्ल्ड कप है तो टी20 को लेकर मुख्य फोकस हट जाता है इसलिए वहां पर प्रयोग किए जा सकते हैं। टेस्ट क्रिकेट में वैसे ही प्रयोग की गुंजाइश कम रहती है।
वहीं ओस के बारे में बोलते हुए, द्रविड़ ने कहा कि खेल के अंत में बहुत ओस थी जिसने श्रीलंका को अपने तेज गेंदबाजों के साथ जाने के लिए मजबूर किया। लेकिन भारत शुरुआती विकेट इतने ज्यादा गंवा चुका था कि बाद में भरपाई नहीं हो सकी।
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