'शार्दुल ठाकुर' को हराने वाली दुनिया की पहली टेस्ट टीम बन गई साउथ अफ्रीका, जीत बनी स्पेशल
नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका की टीम ने भारत को जोहांसबर्ग टेस्ट मैच में हराकर तीन मैचों की सीरीज में अपनी वापसी कर ली है। साउथ अफ्रीका ने भारत के खिलाफ सीरीज के पहले टेस्ट मैच में हार का सामना किया था जिसके बाद टीम इंडिया को दूसरा टेस्ट मैच जीतकर अपने क्रिकेट इतिहास में पहली बार दक्षिण अफ्रीका को उसी के ही घर पर टेस्ट सीरीज में पहली बार हराने का मौका भी मिला था। अब इस श्रंखला का तीसरा मुकाबला काफी रोमांचक हो गया है जो 11 जनवरी से केपटाउन में शुरू हो रहा है।
दक्षिण अफ्रीका द्वारा इस मुकाबले को जीतने की अहमियत केवल सीरीज में वापसी करने तक सीमित नहीं है बल्कि यहां पर एक बहुत ही दिलचस्प रिकॉर्ड भी प्रोटियाज टीम ने बना दिया है।

यह रिकॉर्ड हटकर है-
आमतौर पर क्रिकेट में चौके-छक्के, शतक, दोहरा शतक, या फिर लगातार जीतों के रिकॉर्ड देखने को मिलते हैं लेकिन यहां पर हम आपसे जिस रिकॉर्ड की बात करने जा रहे हैं वह वाकई में काफी हटकर है। दक्षिण अफ्रीका ऐसी पहली टीम बन गई है जिसने उस भारतीय टीम को हराने में कामयाबी हासिल की है जिसकी टेस्ट प्लेइंग इलेवन में शार्दुल ठाकुर खेले है।
जी हां, आपको जानकर सुखद आश्चर्य और हैरानी दोनों हो सकती है कि शार्दुल ठाकुर अभी तक जितनी बार भी टेस्ट मैचों में भारतीय क्रिकेट टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बने उसमें टीम इंडिया को कभी हार का सामना करना नहीं करना पड़ा और यह पहली बार था जब शार्दुल ठाकुर जोहान्सबर्ग टेस्ट मैच में भी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे और भारतीय टीम को यहां हार का सामना करना पड़ा।

पहली हार में भी बेस्ट प्रदर्शन करके माने शार्दुल ठाकुर-
दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 7 विकेट से मात दी है लेकिन इस हार में भी शार्दुल ठाकुर का शानदार प्रदर्शन मैच की चर्चाओं का विषय रहा। शार्दुल ठाकुर ने इस मुकाबले में अपने करियर की बेस्ट बॉलिंग करते हुए केवल 17.5 ओवर में केवल 61 रन देकर 7 विकेट चटकाए थे। ठाकुर ने भारत की दूसरी पारी में भी 24 गेंदों पर ताबड़तोड़ 28 रन बनाकर हनुमा विहारी का अच्छा साथ निभाया था और उन्होंने भारत की दूसरी पारी में भी काफी अच्छी गेंदबाजी की और 16 ओवर में 47 रन देकर एक विकेट लिया था।

2018 से 2022 का सफर, अब मिली पहली टेस्ट हार-
कुल मिलाकर देखें तो शार्दुल ठाकुर ने अपनी ओर से शानदार परफॉर्मेंस दी लेकिन यह उनका दुर्भाग्य ही था कि टीम इंडिया को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
ठाकुर की बात करें तो उन्होंने अभी तक 6 टेस्ट मुकाबले खेले हैं और भारत को उनके करियर में पहली बार टेस्ट हार मिली है। ठाकुर का टेस्ट सफर 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हुआ था जिसमें भारत को अपनी ही धरती पर 10 विकेट की जीत मिली थी। इसके बाद केएल राहुल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की धरती पर ही टेस्ट मैच खेला जोकि ब्रिसबेन क्रिकेट ग्राउंड में था और भारत को यहां पर बहुत ही फेमस जीत मिली थी जहां ऋषभ पंत मैन ऑफ द मैच रहे थे और भारत ने कंगारुओं को 3 विकेट से रौंदकर आस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर लगातार दूसरी बार टेस्ट सीरीज में मात दी थी।

विदेशी धरती पर मिली हैं ठाकुर को कई जीत-
शार्दुल ठाकुर को फिर इंग्लैंड के खिलाफ उसी की धरती पर प्लेइंग इलेवन में दो टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला। ठाकुर का पहला मुकाबला ट्रेंट ब्रिज में हुआ और यह मैच ड्रा रहा। अगला मुकाबला केनिंग्टन ओवल में था जहां पर भारत ने इंग्लैंड को 157 रनों से हराने में कामयाबी हासिल की थी और रोहित शर्मा मैन ऑफ द मैच बने थे।
ठाकुर को उनके करियर का पांचवां टेस्ट मैच इस पिछले साल बॉक्सिंग डे टेस्ट के तौर पर सेंचुरियन के सुपर स्पोर्ट्स पार्क में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलने को मिला जहां पर भारत ने 113 रनों से जीत दर्ज की और केएल राहुल ने शानदार शतक लगाकर मैन ऑफ द मैच हासिल किया था।

ठाकुर का ओवरऑल टेस्ट रिकॉर्ड-
शार्दुल ठाकुर ने छठा मैच वांडरर्स स्टेडियम में जोहांसबर्ग में हुआ जहां पर भारत को उनकी उपस्थिति में पहली बार हार का सामना करना पड़ा।
अगर हम ठाकुर के ओवरऑल टेस्ट रिकॉर्ड की बात करें तो वह अभी तक ठीक-ठाक ऑलराउंडर साबित हुए हैं जिन्होंने टेस्ट मैचों में 25.78 की औसत से तीन अर्धशतक लगाकर 232 रन बनाए हैं जबकि गेंदबाजी में 20.33 के औसत से 24 विकेट लिए हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 61 रन देकर सात विकेट रहा है।
हम उम्मीद करेंगे कि 11 जनवरी से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू होने वाले भारत के तीसरे और इस सीरीज के अंतिम मुकाबले में भी भारत को शार्दुल ठाकुर की उपस्थिति में एक जीत मिलेगी और पहली बार भारतीय क्रिकेट इतिहास में दक्षिण अफ्रीका को उसकी ही धरती पर टेस्ट सीरीज हराने का गौरव भी हासिल होगा।












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