उसने आउटस्विंग सोची, मैंने इनस्विंग कर दी, अर्शदीप ने बताया किसे OUT करके आया सबसे ज्यादा मजा
तिरुवनंतपुरम, 29 सितंबर: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अर्शदीप सिंह काफी राहत लेकर आए हैं। उन्होंने वह झलक दिखाई जिसके चलते उनको नेशनल लेवल पर लिया गया है। उन्होंने दिखाया क्यों उनको उमरान मलिक जैसी स्पीड सनसनी के ऊपर चुना गया है। टीम इंडिया ने अर्शदीप को पर्याप्त मौके भी दिए हैं और यहां पर बेहद जरूरी था उन पर भरोसा बनाए रखना। रोहित और राहुल द्रविड़ ने सबसे ज्यादा काम शायद इसी बात पर किया है। एशिया कप में जिस तरह से अर्शदीप सिंह को तोड़ने की कोशिश की गई उसके सामने टीम प्रबंधन एक ढाल की तरह खड़ा था। अब अर्शदीप फिर से आत्मविश्वास पर खड़े हैं।

घास का भरपूर फायदा उठाया
सिंह ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में विकेट पर मौजूद घास का भरपूर फायदा उठाया और बताया कि परिस्थितियां हल्की भी मददगार हों तो वे कितने घातक हो सकते हैं। उन्होंने डिकॉक को एक पर चलता किया तो रोसोव और डेविड मिलर को खाता भी नहीं खोलने दिया। मैच के दौरान चार ओवर में 32 रन देकर तीन विकेट लेने वाले अर्शदीप को दीपक चाहर से भी भरपूर सपोर्ट मिला। चाहर ने 4 ओवर में 24 रन देकर 2 विकेट लिए। एक और पेसर हर्षल पटेल ने भी 4 ओवर में 26 रन देकर दो विकेट लिए।

किसे OUT करके आया सबसे ज्यादा मजा
कुल मिलाकर ये विकेट तेज गेंदबाजी के माकूल नजर आया और अर्शदीप सिंह ने टॉप ऑर्डर को उड़ाकर मानों पूरी अफ्रीकी टीम को बिखरकर रख दिया। साउथ अफ्रीका इसके चलते केवल 106 रन ही बना पाया जिसको भारत ने दो विकेट खोकर ही हासिल कर लिया।
मैच के बाद अर्शदीप का कहना है कि उनको डेविड मिलर के विकेट ने सबसे ज्यादा मजा दिलाया।
प्लेअर ऑफ द मैच बनने के बाद सिंह बोले कि विकेट से काफी मदद मौजूद थी और दीपक चाहर भाई ने टोन सेट कर दी थी। मैं बस प्लान को मैदान में आजमा रहा था।

उनको लगा आउटस्विंगर आएगी, लेकिन मैंने इनस्विंग की
डेविड मिलर जिस गेंद पर आउट हुए वह एक खूबसूरत इनस्विंगर थी। इसने प्रोटियाज बल्लेबाज की गिल्लियों को बिखेर दिया। इस गेंद का जवाब नहीं था।
अर्शदीप भी इससे खुश हैं और कहते हैं कि मुझे मिलर का विकेट पसंद आया, उनको लगा आउटस्विंगर आएगी, लेकिन मैंने इनस्विंग की। तो यह बढ़िया रहा।
वैसे दक्षिण अफ्रीकी पारी 100 रनों के अंदर बहुत आराम से ढेर हो सकती थी लेकिन लोअर ऑर्डर में केशव महाराज और पर्नेल ने काफी अच्छी बैटिंग की। खासकर महाराज ने हर्षल पटेल की गेंद पर आउट होने से पहले तेज 41 रन बनाए जो 35 गेंदों पर आए। इस दौरान यह बाए हाथ का स्पिनर 5 चौके और दो छक्के लगाने में कामयाब रहा।

केशव महाराज की तारीफ की
अर्शदीप का कहना है कि भारत ने महाराज को जल्द आउट करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने बढ़िया बैटिंग की। भारत के पास बेहतर प्लान हो सकता था लेकिन दिन के अंत में मायने रखता है कि मैच किसने जीता। अर्शदीप कहते हैं कि उन्होंने एनसीए में हार्ड ट्रेनिंग ली है और वे आगे जाकर उम्दा प्रदर्शन करना चाहते हैं।












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