IND vs PAK : क्या कोहली छठे गेंदबाजी की भूमिका में होंगे?
स्पोर्ट्स डेस्क, 3 सितंबर: 4 सितम्बर को भारत की पाकिस्तान से फिर भिड़ंत होनी है। ये दूसरा मैच काफी टफ होने वाला है। पिछले चार दिनों में बहुत कुछ बदला है। कोहली अब गेंदबाज के अवतार में सामने आये हैं। रवीन्द्र जडेजा के नहीं रहने से भारतीय टीम का संतुलन थोड़ा बिगड़ गया है। ऐसे में अब भारत के सलामी बल्लेबाजों की जवाबदेही बढ़ गयी है। उन्हें पहले छह ओवरों में 'रन स्ट्राइक' करनी होगी ताकि मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर कोई दबाव न आये।

लय में आ रहे हैं स्पिनर्स
अगर शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने बीच के ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी की तो किसी और को 'बलि का बकरा' बनाना होगा। दूसरी तरफ पाकिस्तान के तेज गेंदबाज तो बढ़िया बॉलिंग कर ही रहे थे अब स्पिनर भी लय में आ गये हैं। अभी तक पाकिस्तान की तरफ से बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और फकर जमां ही बैटिंग में जलवा दिखा रहे थे। लेकिन हांगकांग के खिलाफ खुशदिल शाह ने अपनी कातिलाना बल्लेबाजी से समां बांध दिया।

क्या कोहली छठे गेंदबाज होंगे?
विराट कोहली जब हांगकांग के खिलाफ गेंदबाजी के लिए आये तो सारे लोग हैरत में पड़ गये। यूं तो भारत नित नये प्रयोग कर रहा है लेकिन इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। कोहली ने जब पारी के 17वें ओवर के लिए गेंद अपने हाथ में थामी तो वे मुसकुरा रहे थे। क्या रवीन्द्र जडेजा की गैरमौजूदगी में कोहली छठे गेंदबाज की भूमिका निभाएंगे ? कोहली छह साल बाद किसी टी-20 मैच में गेंदबाजी करने आये थे। इस ओवर में उन्होंने सिर्फ छह रन दिये। डेथ ओवर के हिसाब से ये प्रदर्शन ठीक कहा जाएगा। इसके पहले कोहली ने 2016 के टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ बॉलिंग की थी। इस मैच में उन्होंने अपने ओवर की पहली ही गेंद पर जॉनसन चार्ल्स का विकेट लिया था। 101 टी-20 मैचों में उन्होंने कुल 4 विकेट लिये हैं। पाकिस्तान के खिलाफ कोहली की बॉलिंग 'सरप्राइज' हो सकती है।

पाकिस्तानी खेमे में सूर्या का खौफ
हांगकांग के खिलाफ सूर्या की अविस्मरणीय पारी देख कर पाकिस्तानी खिलाड़ियों में खौफ छा गया है। सूर्या अपने बल्ले से बम फोड़ रहे हैं। जाहिर है कोई भी गेंदबाज उनकी बमबारी की जद में नहीं आना चाहता है। उन्होंने हांगकांग के खिलाफ अंतिम ओवर में चार छक्के ठोके थे। केवल 26 गेंदों पर 68 (नाबाद) रनों की विध्वंसक पारी खेली थी। सूर्या की साहसी और प्रयोगात्मक बल्लबाजी की अब पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। यहां तक कि पाकिस्तान के क्रिकेट प्रशंसक भी उनके मुरीद हो गये हैं। सूर्या ने जो विश्वव्यापी दबदबा बनाया है उससे भारत को मनोवैज्ञानिक बढ़त प्राप्त हो गयी है। जब रविवार को भारत दूसरी बार पाकिस्तान से भिड़ेगा तब वह 'सूर्य शक्ति' से लैस होगा।

तीसरे मैच में दम दिखा सकते हैं बाबर
बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान पाकिस्तानी बैटिंग की रीढ़ हैं। दोनों की ओपनिंग पार्टनरशिप इतनी जबर्दस्त होती है कि अन्य बल्लेबाजों को करने के लिए कुछ खास नहीं बचता। अगर इन दोनों में से पहले कोई आउट हो गया तो रही सही कसर फकर जमां पूरी कर देते हैं। पिछले दो मैचों में बाबर आजम सस्ते में निबट गये हैं। हो सकता है कि 4 सितम्बर को बाबर जवाबी हमला करें। 28 अगस्त को खेले गये मैच में भुनेश्वर ने बाउंसर में फंसा कर बाबर का विकेट झटक लिया था। रिजवान को हार्दिक पांडया ने निबटाया था। बाबर और रिजवान के फेल होने के कारण पाकिस्तान की बैटिंग रेत के महल की तरह ढह गयी थी। लेकिन रिजवान अब फॉर्म में आ गये हैं। ऐसे में भारत बाबर और रिजवान का विकेट लेकर ही जीत की राह तैयार कर सकता है।

खुशदिल मचा सकते हैं खलबली
पहले मैच में पाकिस्तान की तरफ से मिडल ऑर्डर में कोई बल्लेबाज टिक नहीं पाया था। इसलिए उसकी पारी 147 पर सिमट गयी। लेकिन हांगकांग के खिलाफ पाकिस्तान ने यह गलती सुधार ली। रिजवान और खुशदिल शाह ने अंतिम 23 गेंदों पर धुआंधार 64 रन बनाये थे। खुशदिल ने 15 गेंदों पर पांच छक्के लगाये और 35 रन बनाये। उन्होंने आखिरी ओवर में कांगकांग के तेज गेंदबाज एजाज खान की गेंदों पर चार छक्के लगाये थे। इस ओवर में 29 रन बने थे जिसमें पांच वाइड के थे। पाकिस्तान ने हांगकांग के खिलाफ पहले 10 ओवरों में एक विकेट के नुकसान पर सिर्फ 64 रन बनाये थे। जब कि क्रीज पर रिजवान और फकर जमां थे। लेकिन जब खुशदिल 16वें ओवर में मैदान पर उतरे तो खेल का रंग बदल गया। यानी 4 सितम्बर को भारत के लिए 7 से 15 ओवर की गेंदबाजी बहुत अहम होगी।

अगर पाकिस्तान को तोड़ना है तो...
नसीम शाह, शहनवाज दहानी और हारिस रऊफ पाकिस्तान के उभरते हुए तेज गेंदबाज हैं। इनमें नसीम और दहानी तो बिल्कुल युवा हैं और उनका करियर बस शुरू ही हुआ है। लेकिन अनुभव की कमी के बावजूद इन तेज गेंदबाजों ने भारत के खिलाफ पहले मैच में बेहतरीन बॉलिंग की थी। भारत की बैटिंग बेहद दबाव में थी। तभी तो 148 के छोटे लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत को आखिरी ओवर तक इंतजार करना पड़ा था। वो तो हार्दिक और रवीन्द्र जडेजा ने भारत की लाज बचा ली वर्ना कुछ भी हो सकता था।

रोहित को दिखाना होगा दम
अब सवाल ये है कि नसीम, दहानी औऱ रऊफ पर आक्रमण कौन करेगा ? रोहित शर्मा ने पिछले बारह मैचों से कोई बड़ी पारी नहीं खेली है। उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ कप्तानी पारी खेलनी ही होगी। रोहित को देख कर शायद राहुल का बल्ला भी बोल उठे। अगर पहले पावर प्ले में दोनों ने हल्ला बोला तो पाकिस्तानी गेंदबाजों की हिम्मत पस्त हो जाएगी। अगर पाकिस्तान को तोड़ना है तो पहले छह ओवर में फोड़ना होगा।












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