'शिखर धवन को सम्मान नहीं मिलता क्योंकि फोकस रोहित-कोहली पर रहता है, ' पूर्व भारतीय कोच का दावा
शिखर धवन न्यूजीलैंड दौरे पर एकदिवसीय सीरीज के लिए टीम इंडिया की कप्तानी कर रहे हैं। इससे पहले भी वह टीम इंडिया के कप्तान रहे हैं। बतौर ओपनर बल्लेबाज धवन ने टीम इंडिया के लिए बेहतरीन कार्य किया है। उनके कामों को लेकर पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने बड़ी बात कही है। शास्त्री का कहना है कि धवन को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वह हक़दार हैं।

अमेजोन प्राइम वीडियो पर पूर्व भारतीय कोच ने कहा, "शिखर धवन काफी अनुभवी हैं लेकिन उनको वह सम्मान नहीं मिलता जिसके वह हकदार हैं। ईमानदारी से कहूँ, तो ज्यादातर स्पॉटलाईट विराट कोहली और रोहित शर्मा की तरफ होती है। जब आप उनके वनडे रिकार्ड्स को देखें, तो बड़े मैचों में कुछ टॉप टीमों के खिलाफ खेली गई पारियां देखें। उनका उत्कृष्ट रिकॉर्ड है।"
रवि शास्त्री का पूरा बयान
रवि शास्त्री ने कहा कि टॉप क्रम पर बाएं हाथ का बल्लेबाज काफी अंतर पैदा करता है। वह एक स्वाभाविक स्ट्रोक प्लेयर हैं, उनके पास टॉप तेज गेंदबाजी के खिलाफ पुल, कट और ड्राइव सभी शॉट हैं। जब गेंद बल्ले पर आ रही हो तो उनको अच्छा लगता है और मैं समझता हूँ कि उनका अनुभव यहाँ काम आएगा। हमारे आसपास काफी प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हैं, लेकिन मुझे लगता है कि गेम के इस (वनडे) प्रारूप में उनका अनुभव काफी अहम है।
पहले वनडे में धवन का बल्ला चला
न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड एकदिवसीय मुकाबले में धवन के बल्ले से रन देखने को मिले। धवन के कन्धों पर बड़ी जिम्मेदारी थी और उन्होंने इसका निर्वहन करते हुए आगे से लीड किया और 77 गेंदों में 72 रनों की पारी खेली। भारतीय टीम ने 7 विकेट पर 306 रन बनाए। हालांकि कीवी टीम ने मैच में 3 विकेट से जीत दर्ज की। न्यूजीलैंड के बल्लेबाज टॉम लैथम ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए नाबाद शतक जमाया। केन विलियमसन ने भी नाबाद अर्धशतक जमाया।












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