IND vs ENG: सिर्फ 6 गेंदों में पलटा सेमीफाइनल का नतीजा, इंग्लैंड के जबड़े से छीन ली जीत, कौन रहा भारत का हीरो?
IND vs ENG: टी20 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले वानखेड़े स्टेडियम ने एक ऐसा रोमांच देखा, जो दर्शकों की धड़कनों को थाम देने वाला था। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 7 रनों की ऐतिहासिक और रोंगटे खड़े कर देने वाली जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। भारत के 253 रनों के जवाब में इंग्लैंड ने 7 विकेट पर 246 रन बनाए।
एक समय ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल भारतीय प्रशंसकों के सपनों को चकनाचूर कर देंगे, क्योंकि वह मैदान के हर कोने में बाउंड्री की बरसात कर मैच को भारत की मुट्ठी से लगभग छीन ही चुके थे। लेकिन जब मैदान पर दुनिया का सबसे घातक गेंदबाज जसप्रीत बुमराह मौजूद हो, तो कहानी का रुख किसी भी पल बदल सकता है। इंग्लैंड को 3 ओवर में 45 रनों की दरकार थी और अगला ओवर बुमराह के पास आते ही मैच का पासा पलट गया।

पारी के 18वें ओवर में बदला गेम
पारी का 18वां ओवर इस महामुकाबले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जिसने न केवल इंग्लैंड की रफ्तार पर ब्रेक लगाया बल्कि पूरे मैच का पासा ही पलट कर रख दिया। जब इंग्लैंड को अंतिम तीन ओवरों में तेजी से रनों की दरकार थी और बेथेल पूरी तरह सेट थे, तब कप्तान सूर्यकुमार यादव ने गेंद अपने सबसे भरोसेमंद सिपाही जसप्रीत बुमराह को थमाई। 18वें ओवर की शुरुआत भारी दबाव के बीच हुई, लेकिन बुमराह ने अपनी सटीक यॉर्कर और धीमी गति की गेंदों के मिश्रण से इंग्लिश बल्लेबाजों को पूरी तरह बांध दिया।
उस निर्णायक ओवर में बुमराह ने केवल 6 रन खर्च किए, जिसने इंग्लैंड के समीकरण को बिगाड़ दिया और अंत में उनके ऊपर रनों का भारी दबाव डाल दिया। यह बुमराह की कसी हुई गेंदबाजी का ही असर था कि अंतिम दो ओवरों में इंग्लैंड की टीम हड़बड़ाहट में नजर आई। 19वें ओवर में जब बेथेल पर बड़े शॉट्स लगाने का मानसिक दबाव बढ़ा, तो वह उसी दबाव का शिकार होकर 105 के स्कोर पर रन आउट हो गए।
बुमराह ने की कसी हुई गेंदबाजी
जसप्रीत बुमराह ने अपने 4 ओवर के कोटे में मात्र 33 रन देकर 1 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया, लेकिन उनके आंकड़े उस प्रभाव को पूरी तरह बयां नहीं कर सकते जो उन्होंने मैच के अंतिम क्षणों में पैदा किया था। बेथेल का आउट होना भारतीय खेमे के लिए राहत की सबसे बड़ी खबर थी क्योंकि वही इकलौते बल्लेबाज थे जो असंभव को संभव बनाते दिख रहे थे।
याद रखा जाएगा यह ओवर
बुमराह के उस किफायती ओवर ने जो माहौल बनाया, उसी की बदौलत भारत ने हारी हुई बाजी को पलट दिया और 7 रनों की जीत के साथ शान से फाइनल में प्रवेश किया। यह मुकाबला हमेशा बुमराह के उस जादुई ओवर और दबाव के क्षणों में भारतीय गेंदबाजों के जज्बे के लिए याद किया जाएगा, जिसने करोड़ों भारतीयों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।












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