IND vs AUS: कैमरून ग्रीन के लिए भाग्यशाली है भारत, यहां की मिट्टी ने चमका दिया करियर
अहमदाबाद में बैटिंग के लिए शानदार पिच पर कैमरन ग्रीन ने भी जमकर आनन्द लिया और बेहतरीन शतकीय पारी खेली।

IND vs AUS 4th Test: ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन के लिए भारत बहुत भाग्यशाली साबित हुआ है। ग्रीन ने दिसम्बर 2020 में भारत के खिलाफ एडिलेड टेस्ट से अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने मौजूदा अहमदाबाद टेस्ट में भारत के खिलाफ अपना पहला टेस्ट शतक लगाया। सितम्बर 2022 में भारत ही उनके क्रिकेट करियर का टर्निंग प्वाइंट बना था। तब उन्होंने हैदराबाद के टी-20 मुकाबले में सिर्फ 19 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था। ग्रीन ने यह विस्फोटक पारी सलामी बल्लेबाज के रूप में खेली थी। इस पारी ने उन्हें क्रिकेट का स्टार ऑलराउंडर बना दिया। फिर तो उनका कद बढ़ता ही गया। भारत की वजह से ही वे एक मूल्यवान खिलाड़ी भी बने। जब आइपीएल नीलामी में मुम्बई इंडियंस ने उन्हें 17 करोड़ 50 लाख रुपये में खरीदा तो वे हैरान रह गये। इतनी बड़ी रकम मिलने की उन्होंने उम्मीद भी नहीं की थी। उन्होंने कहा था, मैंने तो बस ऑक्शन में अपना नाम डाल दिया था। कभी सोचा नहीं था कि इतना पैसा मिलेगा। आखिर मैंने ऐसा क्या किया कि इतनी बड़ी धनराशि मिल गयी ? यानी उन्हें भारत के कारण नाम और दाम, दोनों मिला।
हाईस्कूल छात्र के रूप में फर्स्ट क्लास डेब्यू
कैमरून ग्रीन विलक्षण प्रतिभा वाले खिलाड़ी हैं। 2017 में जब वे हाईस्कूल में पढ़ते थे तभी उन्हें प्रथम श्रेणी मैच खेलने का मौका मिल गया था। 17 साल की उम्र में उन्होंने वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलते हुए तस्मानिया के खिलाफ 24 रन देकर 5 विकेट लिये थे। ये उनका फर्स्ट क्लास डेब्यू था। 6 फीट 6 ईंच लंबे ग्रीन का चयन एक तेज गेंदबाज के रूप में हुआ था। लेकिन उनकी बल्लेबाजी की तकनीक बहुत अच्छी थी। बल्लेबाजी का गुण उन्हें नैसर्गिक रूप से मिला था। यह एक दुर्लभ संयोग था कि एक क्रिकेटर जितना अच्छा गेंदबाज है उतना ही अच्छा बल्लेबाज भी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रथम श्रेणी क्रिकेट में नाबाद 121 रनों की पारी खेल कर अपनी बैटिंग क्षमता साबित कर दी। 2020 में उन्होंने न्यू साउथ वेल्स के खिलाफ 197 रनों की पारी खेल तहलका मचा दिया था। ये पारी उन्होंने एक धैर्यवान बल्लेबाजी की तरह खेली थी। 197 रन बनाने के लिए 438 गेंदों का सामना किया था।
इंजरी के कारण गेंदबाजी प्रभावित
कैमरूर ग्रीन अपनी लंबाई के कारण एक खतरनाक तेज गेंदबाज तो बन गये लेकिन उन्हें इसकी कीमत भी चुकानी पड़ी। उनके हाईआर्म एक्शन से कमर पर जोर पड़ने लगा। इसकी वजह वे बार-बार स्ट्रेस फ्रैक्चर का शिकार होने लगे। बैक इंजरी के कारण वे शुरू में ही परेशान रहने लगे। 2017-18 के सत्र में वे प्रथम श्रेमी क्रिकेट नहीं खेल पाये। 2019-20 में जब वे फिर बैक इंजरी का शिकार हो गये तब उन्होंने गेंदबाजी करनी छोड़ दी। सिर्फ बल्लेबाज के रूप में खेलने लगे। इसी दौरान उन्होंने 197 रनों की पारी खेली थी। फिटनेस की इस समस्या ने ग्रीन की बॉलिंग क्षमता को बहुत प्रभावित किया। अहमदाबाद टेस्ट से पहले उन्होंने 19 टेस्ट मैच खेले थे जिसमें केवल 23 विकेट मिले। पांच विकेट लेने का कारनामा केवल एक बार ही दिखा सके।
ग्रीन की बल्लेबाजी, लाहौर में 79 रन
कैमरून ग्रीन ने अहमदाबाद में शतक लगाने के पहले भारतीय उपमहाद्वीप में दो और महत्वपूर्ण पारियां खेली थीं। मार्च 2022 में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ लाहौर टेस्ट की पहली पारी में 79 रन बनाये थे। टी-20 में कातिलाना बैटिंग करने वाले ग्रीन टेस्ट में बिल्कुल शांत हो कर खेलते हैं। उन्होंने 79 रन बनाने के लिए लगभग पौने चार घंटे तक बल्लेबाजी की थी। उन्होंने पाकिस्तान के तेज और स्पिन गेंदबाजों का डट कर सामना किया था। इसके अलावा ग्रीन इस टेस्ट में एक विकेट भी लिया था। उस्मान ख्वाजा, स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर और कैमरून ग्रीन के खेल से ऑस्ट्रेलिया ने यह टेस्ट जीत लिया था।
गाले की स्पिन पिच पर 77 रन
इसी तरह कैमरून ग्रीन ने जून 2022 में श्रीलंका के खिलाफ गाले टेस्ट में 77 रन बनाये थे। इस मैच में ग्रीन ने बॉलिंग नहीं की थी। लेकिन उन्होंने अपनी बैटिंग से लोअर ऑर्डर में एलेक्स कैरी और पैट कमिंस के साथ साझेदारी कर टीम का स्कोर 321 तक पहुंचा दिया था। गाले की पिच स्पिनरों की मददगार थी इसके बावजूद ग्रीन ने सूझबूझ से बैटिंग की थी। ऑस्ट्रेलिया यह टेस्ट भी जीतने में सफल रहा था। कैमरून ग्रीन के टीम में रहने से अब ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग पहले से मजबूत हो गयी है। अहमदाबाद टेस्ट में जब 170 पर 4 विकेट गिर गये थे तब ग्रीन ने ख्वाजा के साथ 208 रनों की साझेदारी कर मैच पर ऑस्ट्रेलिया की पकड़ मजबूत कर दी।












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