टीम इंडिया में संजू की जगह आए जितेश शर्मा का खुलासा, वो कभी क्रिकेट में करियर बनाना नहीं चाहते थे
विदर्भ के लिए रणजी ट्रॉफी खेलने वाले जितेश शर्मा को भारतीय टीम में संजू सैमसन की जगह मौका मिला है। संजू सैमसन श्रीलंका के खिलाफ टी20 मैच के दौरान चोटिल हो गए थे।
वनडे सीरीज में न्यूजीलैंड का क्लीन स्विप करने के बाद अब भारतीय टीम आज से टी20 सीरीज का आगाज कर रही है। तीन टी20 मैचों की सीरीज का पहला मैच आज रांची में खेला जाएगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज की शुरुआत से पहले यह उम्मीद लगाई जा रही है कि अनकैप्ड प्लेयर जितेश शर्मा इस सीरीज में अपना इंटरनेशनल टी20 डेब्यू कर सकते हैं। आपको बता दें कि विदर्भ की ओर से रणजी ट्रॉफी खेलने वाले जितेश शर्मा एक विकेटकीपर बल्लेबाज हैं और उन्हें संजू सैमसन की जगह टी20 टीम में शामिल किया गया है। संजू पिछले महीने श्रीलंका के खिलाफ पहले टी20 के दौरान चोटिल हो गए थे। अब टीम में ईशान किशन के अलावा जितेश शर्मा दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज हैं।

क्रिकेटर नहीं बनना चाहते थे जितेश शर्मा
न्यूजीलैंड टी20 सीरीज की शुरुआत से पहले जितेश शर्मा ने अपने करियर को लेकर कुछ बड़े खुलासे किए हैं। एक इंटरव्यू के दौरान सबसे अधिक चौंकाने वाला खुलासा जो उन्होंने किया है वो यह है कि जितेश कभी क्रिकेटर नहीं बनना चाहते थे, बल्कि वो NDA का एग्जाम देने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन किस्मत उन्हें क्रिकेट के रास्ते भारतीय टीम के दरवाजे तक ले गई। ईएसपीएनक्रिकइंफो को दिए इंटरव्यू में जितेश शर्मा ने बताया है कि उन्होंने स्कूल टाइम में क्रिकेट खेलना सिर्फ इसलिए शुरू किया था, ताकि स्पोर्ट्स के जरिए मिलने 4 प्रतिशत अंक उन्हें मिल जाएं।

4 प्रतिशत अंक के लिए क्रिकेट खेलना किया शुरू
जितेश ने बताया है कि मैं सच कहूं तो मेरी क्रिकेटर बनने की कोई इच्छा नहीं थी, मैं जब प्लास्टिक की गेंद से खेलता था तो तब मुझे स्कूल की क्रिकेट टीम में खेलने का मौका मिला था और मैंने भी उस मौके को इसलिए स्वीकार कर लिया था क्योंकि स्पोर्ट्स के जरिए एक्स्ट्रा मार्क्स मिलते थे। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में एक नियम है कि 10वीं कक्षा तक अगर आप स्टेट टीम के लिए खेलते हैं, तो आपको 4% अतिरिक्त अंक मिलते हैं, बस इसीलिए मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था।

धोनी और रोहित हैं जितेश के आदर्श
आपको बता दें कि पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा को अपना आदर्श मानने वाले जितेश शर्मा ने बताया है कि वो बचपन से एनडीए में जाना चाहते थे, लेकिन स्कूल टीम में उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। क्रिकेट से पहले जितेश शर्मा फुटबॉल खेलते थे। मेरे दोस्तों ने कहा कि हमारी स्कूल की टीम क्रिकेट में अच्छा करती है। अगर हम स्टेट टीम में सेलेक्ट हो जाते हैं तो हमें चार प्रतिशत एक्स्ट्रा मार्क्स मिलेंगे। तभी मैंने ट्रायल दिया था, उस वक्त स्कूल टीम में विकेटकीपर की कमी थी और मैंने कह दिया कि मैं विकेटकीपिंग करूंगा। वहीं से मेरे क्रिकेट की शुरुआत हो गई।












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