टेस्ट खेलें तो ही 'कपिल देव' बनेंगे हार्दिक, रेड-बॉल फॉर्मेट में वापसी पर ऑलराउंडर ने दिया बड़ा अपडेट
कोई ऑलराउंडर तीनों फॉर्मेट खेल ले तो ये आज के दौर में चमत्कार ही कहा जाएगा। स्टोक्स भी वनडे से संन्यास ले चुके हैं। ऐसे में कब होने जा रही है हार्दिक की वनडे वापसी?

एक समय था जब हार्दिक पांड्या को लेकर विराट कोहली ने कहा था कि वे कोई ऐसा कारण नहीं देखते कि पांड्या भारत के लिए वो नहीं कर सकते जो बेन स्टोक्स इंग्लैंड के लिए टेस्ट मैचों में कर रहे हैं। कोहली की बात सही भी थी क्योंकि स्टोक्स के बाद तब दुनिया में एक और असली ऑलराउंडर जो उभर रहा था वो हार्दिक ही थे और केवल प्रतिभा के आधार पर बात की जाए तो तत्कालीन कप्तान का भरोसा बिल्कुल सही था। लेकिन एक चीज जो कोहली उस समय नहीं जानते थे वह था हार्दिक का भविष्य में चोटिल होना जिसने उनके टेस्ट करियर पर ही सवाल खड़े कर दिए।

आज की क्रिकेट में बड़ा नाम- हार्दिक पांड्या
हार्दिक पीठ की चोट से परेशान लगे और उनको सर्जरी भी करानी पड़ी। बहुत धीरे-धीरे गेंदबाजी शुरू करने का फायदा बैटिंग में मिला। बल्लेबाज पर ध्यान दिया तो विशुद्ध बल्लेबाजों की तरह खेलने लगे। उनकी मानसिकता बैटिंग में बहुत डेवलेप हुई लेकिन ये उनकी गेंदबाजी थी जिसे हर कोई देखना चाहता था और हार्दिक ने बिना जल्दबाजी किए अपना समय लिया। उन्होंने बॉलिंग करने के लिए फिटनेस पर शिद्दत से काम किया। बल्लेबाज के तौर पर वे ढल ही चुके थे और एक फिनिशर बन चुके थे। ये आईपीएल 2022 था जब हार्दिक की गेंदबाजी ने दुनिया को प्रभावित किया।

कपिल देव के बाद हार्दिक बेस्ट ऑलराउंडर
आईपीएल 2022 हार्दिक की पीक फिटनेस थी जहां उनकी रफ्तार 140kph थी। रफ्तार के साथ जबरदस्त सटीकता ने हार्दिक को बेन स्टोक्स जैसा ऑलराउंडर बना दिया। टूर्नामेंट के बाद भारत के लिए भी बॉलिंग लगातार निखरती ही गई और आज वे हर मैच में बैट और बल्ले दोनों से योगदान दे रहे हैं। सफेद गेंद क्रिकेट में वे दुनिया के बेस्ट ऑलराउंडर हैं। गेंदबाजी में मैच्योरिटी ने बैटिंग को पहले की तुलना में चौकस कर दिया है। अब हार्दिक के विकेट की भी कीमत होती है। वे आउट नहीं हुए तो मैच फिनिश कर देंगे फिर भले ही स्ट्राइक रेट शुरुआती पारी में धीमा रहे। कहना होगा भारत के पास कपिल देव के बाद हार्दिक बेस्ट ऑलराउंडर हैं।

कमी केवल टेस्ट क्रिकेट में वापसी की है
बस कमी केवल टेस्ट क्रिकेट में वापसी की है। उनको टेस्ट खिलाना बहुत ही मुश्किल काम है क्योंकि वे पहले ही दो फॉर्मेट खेल रहे हैं। कोई ऑलराउंडर तीनों फॉर्मेट खेल ले तो ये आज के दौर में चमत्कार ही कहा जाएगा। एक बल्लेबाज या गेंदबाज को ही तीनों फॉर्मेट में लगातार सक्रिय होने में पसीने छूट रहे हैं। स्टोक्स भी वनडे से संन्यास ले चुके हैं। हार्दिक ने भारत के लिए 11 टेस्ट मैच खेले हैं। 29 वर्षीय खिलाड़ी ने 2017 में गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में श्रीलंका के लिए अपना टेस्ट डेब्यू किया था। स्टार ऑलराउंडर ने आखिरी बार 2018 में भारत के लिए (इंग्लैंड के खिलाफ) टेस्ट मैच खेला था।

वापसी पर ऑलराउंडर ने दी बड़ी अपडेट
तब से लेकर अब तक काफी बदलाव हुए हैं। अब हार्दिक टी20 के कप्तान भी हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे मैच को जीतने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए टेस्ट क्रिकेट में वापसी के बारे में बात की। पांड्या ने कहा, "मैं तब (वापस) आऊंगा जब मुझे लगेगा कि यह टेस्ट मैच क्रिकेट खेलने का सही समय है।"
भारतीय ऑलराउंडर ने कहा, "अभी, मैं सफेद गेंद की क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने जा रहा हूं, जो महत्वपूर्ण है, और अगर समय सही है और शरीर ठीक है, तो मैं (लंबे प्रारूप में) कोशिश करूंगा।"

ऑलराउंडरो का टेस्ट खेलना आसान नहीं
हार्दिक की बात इशारा करती है जल्दी से उनकी रेड बॉल फॉर्मेट में वापसी नहीं होने जा रही। लेकिन वे इस समय सफेद गेंद क्रिकेट में जो कर रहे हैं अगर वही आगे भी करते रहे तो महान ऑलराउंडर के तौर पर ही गिने जाएंगे। इस बात के चांस अब कम हैं कि हार्दिक टेस्ट क्रिकेट का वर्कलोड झेल पाएंगे और भारत अपने इस दौर के बेस्ट ऑलराउंडर को टेस्ट क्रिकेट में देख पाएगा। हां, ये तब पलट सकता है जब ओवरसीज कंडीशन हो जहां हार्दिक की गेंदबाजी से टीम का बैलेंस सही हो जाता हो पर तब भी ये ध्यान रखना होगा कि उनकी गेंदबाजी छोटे स्पैल तक ही सीमित रही जैसी वनडे में रहती है। फिलहाल तो अनिश्चितकाल के लिए इंतजार ही किया जा सकता है।
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