अगर कोई ऐसा बोल रहा है...': भारत का अगला टी20 कप्तान बताए जाने पर हार्दिक पांड्या ने दी ये प्रतिक्रिया

हार्दिक पांड्या आज की तारीख में भारत के अगले व्हाइट बॉल कैप्टन के तौर पर सबसे बड़े उम्मीदवार के तौर पर नजर आते हैं। उनमें कप्तानी को लेकर काफी मैच्योरिटी आ चुकी है और वे लार्जर दैन लाइफ छवि को बखूबी हैंडल करना भी सीख चुके हैं। निश्चित तौर पर उनके ऊपर इस मामले में महेंद्र सिंह धोनी का प्रभाव है जो हाईप्रोफाइल इमेज होने पर भी मैदान में और बाहर पूरी तरह से पांव जमीन पर रखकर और दिमाग को संयमित रखकर अपने काम को अंजाम देते रहे हैं।

कप्तान की रेस में ऋषभ पंत और केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों से आगे

कप्तान की रेस में ऋषभ पंत और केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों से आगे

देखा जाए तो हार्दिक अब अगले कप्तान की रेस में ऋषभ पंत और केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों से आगे खड़े हैं। बस केवल उनकी फिटनेस सही रहे क्योंकि गेंदबाजी ऐसा विभाग है जो उनकी दुखती नस रहा है। हार्दिक ने न्यूजीलैंड टूर पर टी20 सीरीज में भी गेंदबाजी नहीं की। हालांकि उन्होंने कारण दिया कि वे बाकी विकल्पों की ओर देख रहे थे लेकिन गेंदबाजी तो ऑलराउंडर को करनी होगी और अगर ऐसा लगातार नहीं हो पा रहा है तो फिटनेस पर सवाल उठेंगे। शायद अब बॉलिंग ऐसा सच है जिसके लिए हार्दिक को बचे हुए करियर में अब फूंक-फूंककर ही कदम रखना होगा।

कोई अगर बोल रहा है तो...

कोई अगर बोल रहा है तो...

ऐसे में जब सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री जैसे एक्सपर्ट ने हार्दिक को भारत का अगला लॉन्ग टर्म कप्तानी विकल्प बताया तो हार्दिक ने पोस्ट मैच कॉन्फ्रेंस में इसका जवाब देते हुए कहा, कोई अगर बोल रहा है तो अच्छा फील होता है लेकिन जब तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं होता तो आप ये नहीं कह सकते। सच कहूं तो मेरी चीजें सिंपल हैं, मैं टीम को अपने तरीके से लीड करता हूं, जैसे मैं गेम को देखता हूं। जब-जब मौका मिलेगा मैं अपने ब्रांड का क्रिकेट खेलूंगा जिसको मैं जानता हूं। जहां तक भविष्य में कप्तानी मिलने की बात है तो हम देखते हैं क्या होगा।

हर किसी को लंबा मौका मिलेगा

हर किसी को लंबा मौका मिलेगा

हालांकि हार्दिक की संजू सैमसन और उमरान मलिक को ना खिलाने पर आलोचना हुई लेकिन उनका मानना है कि पर्याप्त समय बाकी है जिसमें हर किसी को लंबा मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन से ज्यादा मैचों की सीरीज होती तो वे इन खिलाड़ियों को भी मौका देते। छोटी सीरीज में वे बदलाव करने में ज्यादा यकीन नहीं रखते।

संजू सैमसन एक दुर्भाग्यशाली केस हैं

संजू सैमसन एक दुर्भाग्यशाली केस हैं

हालांकि हार्दिक समझते हैं कि लोगों को बैंच पर बैठना पंसद नहीं है और ऐसे खिलाड़ियों से खुलकर बातचीत करना जरूरी होता है। हार्दिक ने कहा, खिलाड़ियों की असुरक्षा को हैंडल करना इतना मुश्किल नहीं है। मुझे उनसे कोई पर्सनल समस्या नहीं है बल्कि ये कॉम्बिनेशन का खेल है जिसमें मैं उनको नहीं खिला पा रहा हूं। फिर भी किसी को लगता है तो मेरे दरवाजे बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं। संजू सैमसन एक दुर्भाग्यशाली केस हैं। हमको उन्हें खिलाना था लेकिन कुछ रणनीतिक फैसलों के चलते ऐसा संभव नहीं हो पाया।

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