Gautam Gambhir की बात को सलेक्टर्स ने नहीं माना, चेतेश्वर पुजारा को जानबूझकर रखा ऑस्ट्रेलिया दौरे से बाहर?
Gautam Gambhir: भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में चुनौतीपूर्ण स्थिति में है, 2-1 से ऑस्ट्रेलिया के सीरीज में आगे है। जसप्रीत बुमराह की अगुआई में पर्थ में जीत के साथ भारत के लिए शुरुआत शानदार रही। हालांकि, इसके बाद के मैच मेहमान टीम के पक्ष में नहीं रहे।
एडिलेड में हार और गाबा में बारिश से प्रभावित ड्रॉ के बाद चौथे टेस्ट में अंतिम सत्र में नाटकीय मोड़ देखने को मिला, जहां ऑस्ट्रेलिया ने भारत की बल्लेबाजी के पतन का फायदा उठाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। रहाणे और पुजारा इस सीरीज में नहीं थे और इसका भरपूर लाभ ऑस्ट्रेलिया ने उठाया।

Gautam Gambhir ने दिया था सुझाव
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टेस्ट सीरीज़ के लिए पुजारा को शामिल करने का प्रयास किया। पुजारा को शामिल करने का इरादा गंभीर का था लेकिन अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति ने इसके खिलाफ़ फैसला लिया।
पुजारा ने निभाई है बड़ी भूमिका
103 टेस्ट कैप वाले अनुभवी खिलाड़ी पुजारा ने भारत के पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, 2018/19 और 2020/21 सीरीज़ में महत्वपूर्ण रन बनाए हैं। फिर भी 2022 की शुरुआत से टीम से उनको बाहर कर दिया गया, इस सीरीज में पुजारा कमेंटेटर की भूमिका में थे।
Gautam Gambhir ने दी अनुभव को तरजीह
रिपोर्ट पर भरोसा किया जाए, तो गौतम गंभीर की इच्छा के अनुसार टीम चयन नहीं किया गया। गौतम गंभीर अनुभव की वजह से पुजारा को टीम में शामिल करना चाहते थे। उनके पास ऑस्ट्रेलिया में खेलने का एक लम्बा अनुभव है, जो नए प्लेयर्स के पास नहीं है।
टीम इंडिया का मिडिल ऑर्डर फ्लॉप
मिडिल ऑर्डर में टीम इंडिया बुरी तरह फ्लॉप रही है। एक भी ऐसा बल्लेबाज नहीं रहा, जो टिककर खेल सके। मुख्य बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन निचले क्रम से आने वाले नितीश कुमार रेड्डी ने किया है। नितीश रेड्डी ने पहले ही दौरे पर प्रभावशाली खेल का प्रदर्शन किया है। यशस्वी जायसवाल ही ऐसे प्रोपर बल्लेबाज रहे हैं, जिन्होंने निरंतर प्रदर्शन किया है।












Click it and Unblock the Notifications