Gautam Gambhir बोले - खिलाड़ी बनना आसान, कोच को तो सिर्फ गालियां मिलती हैं!
Gautam Gambhir on The Great Indian Kapil Show: भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा कि खिलाड़ी बनना आसान था, लेकिन कोच बनना कहीं ज्यादा मुश्किल है। 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' के दौरान गौतम गंभीर ने खुलकर बताया कि कोचिंग की ज़िम्मेदारी कितनी बड़ी होती है और किस तरह कोच को आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है, भले ही गलती उसकी ना हो।
कोच को तो सिर्फ गालियां मिलती हैं! (Gautam Gambhir on The Great Indian Kapil Show)
गंभीर ने कहा कि कोच मैदान पर जाकर खुद खेल नहीं सकता। वह केवल रणनीति बना सकता है और खिलाड़ियों को गाइड कर सकता है। लेकिन प्रदर्शन तो खिलाड़ियों के हाथ में होता है। जब टीम अच्छा नहीं खेलती तो गालियां सबसे पहले कोच को ही पड़ती हैं। गंभीर से यह भी पूछा गया कि उन्हें गंभीर स्वभाव के कारण हमेशा सीरियस कहा जाता है। इस पर उन्होंने हंसते हुए कहा कि किसी न किसी को तो गंभीर रहना था ताकि बाकी सभी मुस्कुरा सकें। मैं वही व्यक्ति बना।

ऐसा रहा है गंभीर का करियर
गौतम गंभीर ने भारत के लिए 242 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 10,324 रन बनाए, जिसमें 20 शतक और 63 अर्धशतक शामिल हैं। संन्यास के बाद उन्होंने आईपीएल में लखनऊ सुपर जाएंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर के रूप में काम किया और फिर 2024 के बाद राहुल द्रविड़ की जगह भारतीय टीम के हेड कोच बने।
बतौर कोच ऐसा रहा है प्रदर्शन
कोच बनने के बाद गौतम गंभीर की अगुआई में भारत का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। जहां एक ओर टीम ने इस साल की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी जीती, वहीं दूसरी ओर भारत 2025 की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में नहीं पहुंच सका। भारत को ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 3-1 से गंवानी पड़ी और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहली बार घर में तीन टेस्ट की सीरीज़ में क्लीन स्वीप झेलना पड़ा। साथ ही अगस्त 2024 में भारत को श्रीलंका के खिलाफ पहली बार वनडे सीरीज़ हारने का भी सामना करना पड़ा।
खिलाड़ी के तौर पर गंभीर ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। दोनों फाइनल्स में उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाए थे। साल 2007 में 75 और 2011 में 97 रन बनाकर गंभीर ने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।












Click it and Unblock the Notifications