धोनी से लेकर अश्विन और गांगुली से लेकर कुंबले तक, इन भारतीयों ने लिया बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बाद संन्यास
ब्रिस्बेन के गाबा में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे मैच के तुरंत बाद भारत की तरफ से एक बड़ी खबर सामने आई। भारतीय ऑफ़ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी और अपने फैसले से हर किसी को हैरान कर दिया। फैन्स को इसकी उम्मीद नहीं थी।
अश्विन ने इस सीरीज में एक मैच खेला था। एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट मैच में वह टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में थे। पर्थ और ब्रिस्बेन में उनको जगह नहीं मिली। अश्विन की तरह ही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में कई अन्य भारतीयों ने रिटायर्मेंट लिया है, उनके बारे में यहाँ जान सकते हैं।

श्रीकांत
ऑस्ट्रेलिया में अपना अंतिम टेस्ट खेलने वाले एस श्रीकांत ने 1992 में पर्थ के वाका में खेलने के बाद रिटायरमेंट लिया था। वह वनडे खेलते रहे लेकिन टेस्ट को अलविदा कह दिया था। ऑस्ट्रेलिया ने वह सीरीज अपने नाम की थी।
दिलीप वेंगसरकर
श्रीकांत की तरह दिलीप वेंगसरकर के लिए भी 1992 का ऑस्ट्रेलिया दौरा अंतिम था। पर्थ टेस्ट के बाद उन्होंने भी संन्यास ले लिया। इसके बाद वह रेड बॉल क्रिकेट में खेलते हुए नज़र नहीं आए थे।
राहुल द्रविड़
टीम इंडिया ने साल 2011-12 में ऑस्ट्रेलिया दौरा किया था और राहुल द्रविड़ ने इसके बाद संन्यास ले लिया था। एडिलेड ओवल में राहुल द्रविड़ ने अपना अंतिम टेस्ट मुकाबला खेला था। सफेद गेंद क्रिकेट को वह पहले ही अलविदा कह चुके थे।
वीवीएस लक्ष्मण
द्रविड़ के अलावा वीवीएस लक्ष्मण ने भी उस सीरीज के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला और संन्यास ले लिया। भारतीय टीम इस सीरीज में बुरी तरह हार गई थी। लक्ष्मण इसके बाद नहीं खेले।
महेंद्र सिंह धोनी
यह संन्यास सबसे हैरान करने वाला था क्योंकि धोनी कप्तान थे और सीरीज के बीच में रिटायर हो गए। 2014 में ऐसा हुआ था। दो टेस्ट के बाद अगले मैच में उपकप्तान कोहली को कमान थमाई गई क्योंकि धोनी ने चोट की बात कहते हुए मैच से बाहर रहना उचित समझा। इस मैच की समाप्ति के बाद उन्होंने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी। तीसरा टेस्ट ड्रॉ रहा था।
मुरली विजय
साल 2018 में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई थी और मुरली विजय उस टीम में बतौर ओपनर गए थे। वहां दो मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद उनको टीम से बाहर कर दिया गया। इसके बाद उनकी कभी वापसी नहीं हुई और संन्यास ले लिया।
अनिल कुंबले और गांगुली
2008 में अनिल कुंबले और गांगुली ने घरेलू सीरीज से रिटायरमेंट लिया। ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत दौरे पर आई थी। कुंबले ने तीसरे टेस्ट के बाद संन्यास लिया। यह दिल्ली में था। चौथा टेस्ट नागपुर में था और इसके बाद दादा ने रिटायरमेंट ले लिया। गांगुली के रिटायरमेंट पर 'दादा-दादा' के नारे लगे थे।
रविचंद्रन अश्विन
अश्विन ने 2024 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पर्थ टेस्ट नहीं खेला और एडिलेड में खेलने उतरे। इसके बाद तीसरे टेस्ट में वह टीम का हिस्सा नहीं थे और मैच ड्रॉ होते ही प्रेस वार्ता कर ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन से ही संन्यास की घोषणा कर दी।












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