48 घंटे में बदली फूड डिलिवरी बॉय की किस्मत, अब नीदरलैंड की World Cup टीम को नेट्स पर करेंगे गेंदबाजी

World Cup 2023: किस्मत जब साथ देती है तो आदमी को फर्श से अर्श तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगता हैं। ऐसा ही कुछ चेन्नई के रहने वाले फूड डिलिवरी एग्जिक्यूटिव लोकेश कुमार के साथ हुआ, जोकि स्विगी के लिए काम करते हैं। 29 साल के इस युवा की किस्मत ऐसी बदली की वह 48 घंटे बाद वह नीदरलैंड्स की टीम को नेट में अभ्यास करवा रहे थे।

दरअसल, लोकेश को डच टीम द्वारा उन चार नेट गेंदबाजों में से एक के रूप में चुना गया, जिन्होंने सोशल मीडिया पर इस भूमिका के लिए विज्ञापन दिया था। बैंगलोर के निकट अलूर में डच टीम का कैंप लगा है, जहां वह आगामी वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुटे हैं।

Netherland Team

10 हजार गेंदबाजों के आकलन के बाद हुआ लोकेश का चुनाव
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज से चाइनामैन बने लोकेश का चयन नीदरलैंड मैनेजमेंट द्वारा भारत के लगभग दस हजार गेंदबाजों के आकलन के बाद किया गया है। जिन्होंने एक मोबाइल एप्लिकेशन पर वीडियो अपलोड करके आवेदन दिए थे।

टीम में चयन को बताया करियर का सबसे अनमोल पल
लोकेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया को अपने चयन के बाद बताया कि, 'यह मेरे करियर का सबसे अनमोल पलों में से एक है। मैंने अभी तक तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन के थर्ड डिजिवन लीग में भी नहीं खेला है। मैंने चार साल तक पांचवें डिवीजन के लिए क्रिकेट खेला है।'

उन्होंने आगे बताया कि, 'मैंने इंडियन ऑयल एस एंड आरसी के जारी फोर्थ डिविजन सीजन के लिए रजिस्टर किया है। नेट बोलर चुने जाने के बाद मुझे उम्मीद है कि मेरी प्रतिभा को पहचान मिलेगी।'

नीदरलैंड ने खुले दिल से किया लोकेश का स्वागत
लोकेश ने कहा कि, 'नीदरलैंड टीम के सदस्यों ने खुले दिल से मेरा स्वागत किया है। सेशन की शुरुआत से पहले नेट गेंदबाजों के लिए एक इंडक्शन सेरेमन थी। खिलाड़ियों ने हमसे कहा कि बेझिझक रहिए, यह आपकी टीम है। मुझे पहले से ही लगता है कि मैं डच परिवार का हिस्सा हूं।'

नीदरलैंड्स को थी एक मिस्ट्री स्पिनर की तलाश
लोकेश ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि वह कैंप के लिए जगह बना लेंगे। उन्होंने बताया कि, 'विज्ञापन देखने के बाद मैं प्रयास करने के लिए उत्सुक था। मुझे लगा कि मुझे दूसरों पर बढ़त मिलेगी क्योंकि देश में ज्यादा चाइनामैन गेंदबाज नहीं हैं। नीदरलैंड्स को एक मिस्ट्री स्पिनर की तलाश थी। इसलिए मैंने आवेदन करने का फैसला किया।'

पिछले चार वर्षों से स्विगी में कार्य कर रहे लोकेश
लोकेश ने कहा कि फूड डिलीवरी एक्जीक्यूटिव के रूप में काम करना अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें एक क्रिकेटर के रूप में आगे बढ़ने में मदद कर रहा है। लोकेश ने बताया कि, 'कॉलेज के दिनों के बाद से मेरा पूरा फोकस क्रिकेट पर था। मैंने क्रिकेट को चार साल दिए हैं। 2018 में मैंने नौकरी करने का फैसला किया। मैं पिछले चार वर्षों से स्विगी के साथ हूं। मैं खाना पहुंचाकर ही पैसा कमाता हूं, मेरे पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है।

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उन्होंने कहा कि, 'यहां काम करने में कोई समस्या नहीं है, और मैं जब चाहें छुट्टी ले सकता हूं। आमतौर पर टीएनसीए लीग मैच केवल सप्ताह के लास्ट में होते हैं, इसलिए मैं सप्ताह के बाकी दिनों में काम करता हूं।'

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