BCCI की खुलेआम चल रही मनमानी, 3 साल से इस राज्य में नहीं हुआ इंटरनेशनल मैच, गुजरात में 2 साल में 11 मुकाबले

लम्बे समय से भारत के जिन स्टेडियमों में इंटरनेशनल मुकाबला नहीं हुआ, उनमें नागपुर और कटक का नाम था, जहाँ 5 साल से मुकाबला नहीं हुआ लेकिन दोनों जगह इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के मैच आयोजित हो गए और यह सूखा समाप्त हो गया। बीसीसीआई ने इस बार यहाँ ध्यान दिया।

वर्ल्ड कप 2023 के दौरान जिन स्टेडियमों को मुकाबले नहीं मिले थे, उनको द्विपक्षीय सीरीज में मैच देने की बात कही गई थी। ऐसा किया भी गया और उन शहरों को मुकाबले मिल गए। जिन राज्यों में इंटरनेशनल मुकाबले होते आए हैं, लगभग उन सभी राज्यों को बोर्ड से मैच मिला है। एक राज्य ऐसा है, जहां तीन साल से ज्यादा समय बाद भी कोई इंटरनेशनल मुकाबला नहीं हुआ।

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यह बीसीसीआई की मनमानी कही जा सकती है। राजस्थान के जयपुर में स्थिति सवाई मानसिंह स्टेडियम में पिछले तीन वर्ष से ज्यादा समय के बाद भी कोई इंटरनेशनल मुकाबला नहीं हुआ है। जयपुर को भी वर्ल्ड कप का मैच नहीं मिला था लेकिन वहां द्विपक्षीय सीरीज का भी कोई मैच नहीं हुआ।

ऐसे में यही कहा जाएगा कि बीसीसीआई का यह सौतेला बर्ताव है। राजस्थान से बीसीसीआई में लॉबिंग करने वाला कोई नहीं है। इस वजह से यहाँ मैच भी नहीं हो रहे। कई राज्य ऐसे हैं, जिनके दो या तीन शहरों में मुकाबले हुए हैं। राजकोट और अहमदाबाद ताजा उदाहरण हैं। मुंबई, नागपुर और पुणे भी हैं। इसके अलावा इंदौर और ग्वालियर भी उन उदाहरणों में आते हैं।

राजस्थान को इंटरनेशनल मैच नहीं दिया गया, उल्टा आईपीएल से भी दो मैच काटकर असम के गुवाहाटी को दे दिए गए। इस राज्य के फैन्स आईपीएल से ही उम्मीद लगाकर बैठते हैं कि उसमें मैच देखने को मिलेंगे लेकिन उन मैचों को भी असम भेज दिया जाता है। साउथ लॉबी बीसीसीआई में काफी मजबूत है, इस वजह से वहां बराबर मुकाबले होते हैं। चाहे इंटरनेशनल गेम्स हों या आईपीएल हो। उन राज्यों से कोई मैच नहीं जाता।

जयपुर में अंतिम इंटरनेशनल मुकाबला नवम्बर 2021 में खेला गया था। भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह एक टी20 मैच था। इसके बाद वर्ल्ड कप चला गया। कई द्विपक्षीय सीरीज भी खेली गई हैं लेकिन बीसीसीआई में बैठे पदाधिकारी इस तरफ ध्यान देने का प्रयास ही नहीं कर रहे। हाल ही में जिन राज्यों में मैच हुए हैं, उनकी लिस्ट देखने पर हर कोई मानेगा कि राजस्थान के साथ बीसीसीआई ने नाइंसाफी की है। गुजरात के अहमदाबाद और राजकोट में ही महज 2 साल में 11 इंटरनेशनल गेम हो चुके हैं।

किन शहरों में हुए हैं नियमित इंटरनेशनल मुकाबले

धर्मशाला- हिमाचल प्रदेश
मोहाली- पंजाब
दिल्ली
लखनऊ- उत्तर प्रदेश
कानपुर- उत्तर प्रदेश
कोलकाता- पश्चिम बंगाल
गुवाहाटी- असम
कटक- ओडिशा
ग्वालियर- मध्य प्रदेश
इंदौर- मध्य प्रदेश
अहमदाबाद- गुजरात
राजकोट-गुजरात
हैदराबाद- तेलंगाना
विशाखापट्टनम- आन्ध्र प्रदेश
चेन्नई- तमिलनाडु
बेंगलुरु- कर्नाटक
तिरुवनंतपुरम- केरल
मुंबई- महाराष्ट्र
नागपुर- महाराष्ट्र
पुणे- महाराष्ट्र
रांची- झारखण्ड
रायपुर- छत्तीसगढ़

ऊपर वर्णित सभी शहरों में इंटरनेशनल मुकाबले होते रहे हैं लेकिन जयपुर की अनदेखी हुई है। क्यों जयपुर को लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा है, इसके बारे में बीसीसीआई को ही पता है लेकिन यह सरासर अन्याय है क्योंकि फैक्ट्स कभी झूठ नहीं बोलते।

गौरतलब है कि जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में कई इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। उनमें एकदिवसीय क्रिकेट के 19 मुकाबले और टी20 में एक मैच शामिल है। टेस्ट मुकाबला वहां कभी नहीं खेला गया। कुल 20 मैचों की मेजबानी करने वाले स्टेडियम की अनदेखी सही नहीं है। 8 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले इस प्रदेश के दर्शकों के लिए यही स्टेडियम है, जहां आकर वे अपने फेवरेट प्लेयर्स को खेलते हुए देख सकते हैं।

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