Explainer: दक्षिण अफ्रीका से ज्यादा अंकों के बाद भी भारतीय टीम WTC Final क्यों नहीं खेल रही?
Explainer: वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच आज लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर शुरू हो गया है। ऑस्ट्रेलिया की टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची है, जबकि दक्षिण अफ़्रीकी टीम ने पहली बार इस अहम इवेंट के फाइनल में जगह बनाई है।
इस सीजन से पहले खेले गए दो फाइनल में भारतीय टीम थी। हालांकि टीम इंडिया को टाइटल जीतने का मौका नहीं मिल पाया लेकिन फाइनल में दो बार जगह मिली थी। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने ही दो बार फाइनल में जगह बनाई है। न्यूजीलैंड ने एक बार फाइनल खेला है।

वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के तीसरे चरण में खेले गए मैचों की अंक तालिका में स्थिति कुछ और है लेकिन फाइनल में खेलने वाली दो टीमें दूसरी हैं। इसे लेकर असमंजस की स्थिति है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ है। भारतीय टीम अंकों के हिसाब से दक्षिण अफ्रीकी टीम से आगे है।
क्यों दक्षिण अफ्रीकी टीम खेल रही फाइनल
अगर अंक टीम इंडिया के अधिक हैं, तो अफ्रीकी टीम क्यों फाइनल खेल रही है। भारतीय टीम को फाइनल में जगह क्यों नहीं मिली। इस सवाल का जवाब आईसीसी का वह नियम है, जो कोरोनाकाल में बनाया गया था। उस समय अंकों से फाइनलिस्ट का निर्धारण करने वाला नियम बदल दिया गया था।
आईसीसी का नियम क्या है (WTC Final)
आईसीसी ने जीत प्रतिशत को अहमियत देते हुए फाइनलिस्ट का निर्धारण करने का नियम बना दिया। इसमें भले ही पॉइंट्स किसी के भी ज्यादा हों, अगर जीत का प्रतिशत किसी अन्य टीम का ज्यादा है, तो तालिका में उसे ऊपर माना जाएगा, यही भारत और दक्षिण अफ्रीका के मामले में हुआ है।
तालिका में भारत-दक्षिण अफ्रीका की स्थिति (WTC Final)
दक्षिण अफ्रीकी टीम ने 12 मुकाबले खेलकर 8 मैचों में जीत दर्ज की और 100 अंक हासिल किये। प्रतिशत 69 से थोड़ा ज्यादा रहा है। वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 19 मैचों में 13 जीत दर्ज की, इसमें 154 अंकों के साथ जीत का प्रतिशत 67 है। टीम इंडिया ने 19 मैचों में 9 जीत के साथ 114 अंक हासिल किये, जो दक्षिण अफ्रीकी टीम से ज्यादा है लेकिन जीत का प्रतिशत 50 है। यहां भारतीय टीम काफी पीछे रह गई, इस वजह से दक्षिण अफ्रीका को फाइनल खेलने का मौका मिला।












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