EXPLAINER: जिद्दी पाकिस्तान नहीं माना तो हो सकता है 550 करोड़ नुकसान! जानें कैसे
Champions Trophy 2025: आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर पाकिस्तान को मिली मेजबानी पर विवाद अब गहरा हो गया है। पाकिस्तान को साल 2017 में इस टूर्नामेंट की मेज़बानी का जिम्मा दिया गया था, लेकिन हाल के कुछ घटनाओं के कारण यह स्थिति बदल सकती है। आईसीसी ने यह संकेत दिए हैं कि पाकिस्तान में सुरक्षा और आयोजन के लिहाज से चुनौतियां आ सकती हैं।
चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो सकती है पाकिस्तान
भारत के अलावा कुछ देशों ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान में होने वाले टूर्नामेंट में भाग लेने पर अपनी चिंताएं जताई हैं। इसी कारण आईसीसी अब इस टूर्नामेंट को कहीं और आयोजित करने की योजना बना सकता है, जिससे पाकिस्तान से मेज़बानी छिनने की संभावना बन रही है। इसके साथ ही पाकिस्तान के लिए यह भी खतरे की घंटी है कि वह टूर्नामेंट से बाहर हो सकता है, क्योंकि आईसीसी कई बार यह बयान दे चुका है कि यदि पाकिस्तान के हालात ठीक नहीं होने पर टूर्नामेंट का आयोजन कहीं और किया जा सकता है।

29 नवंबर को बुलाई गई थी बैठक
आईसीसी ने चैंपियंस ट्रॉफी के शेड्यूल को अंतिम रूप देने के लिए 29 नवंबर को बैठक बुलाई थी। लेकिन इस बैठक में कोई नतीजा नहीं निकल सका था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम को पाकिस्तान भेजने से मना कर दिया और टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल में आयोजित करने की मांग की। इस मॉडल के तहत पाकिस्तान में कुछ मैच आयोजित किए जाएंगे, जबकि बाकी मैच दूसरी जगहों पर खेले जा सकते हैं।
जल्द आ सकता है बड़ा फैसला
आईसीसी और अन्य सभी टीमें इस हाइब्रिड मॉडल के पक्ष में हैं, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर रहा है। पीसीबी का कहना है कि चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन पाकिस्तान में ही होना चाहिए और यह मैचों का आयोजन उसी स्थान पर होगा। अब 30 नवंबर यानी कि आज आईसीसी की एक और बैठक होगी, जिसमें इस मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
पाकिस्तान को करोड़ों का नुकसान
अगर चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान से बाहर की जाती है तो ऐसे में पाकिस्तान को तगड़ा नुकसान होने की संभावना है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए तीन प्रमुख स्थलों - कराची, रावलपिंडी और लाहौर में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए काफी निवेश किया है। यह कदम इस उद्देश्य के तहत उठाया गया था ताकि इन शहरों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इवेंट्स का आयोजन सफलतापूर्वक हो सके। अगर चैंपियंस ट्रॉफी की मेज़बानी पाकिस्तान से छीन ली जाती है, तो पाकिस्तान को करीब 550 करोड़ का नुकसान हो सकता है।
फंडिंग में हो सकती है कटौती
अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने आगामी क्रिकेट टूर्नामेंट को स्थगित करने का निर्णय लिया या इसे किसी अन्य देश में स्थानांतरित कर दिया, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें आईसीसी की ओर से मिलने वाली फंडिंग में कटौती भी शामिल हो सकती है।
क्या है आईसीसी के नियम
आईसीसी के नियमों के अनुसार अगर कोई देश अपने वादा किए गए टूर्नामेंट को स्थगित या स्थानांतरित करता है तो इससे क्रिकेट के वैश्विक प्रशासन पर असर पड़ सकता है और यह अन्य देशों को भी गलत मैसेज दे सकता है। इसके अलावा पीसीबी को आर्थिक दृष्टि से भी नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि आईसीसी से मिलने वाली फंडिंग पाकिस्तान क्रिकेट की वित्तीय स्थिति में एक बड़ा योगदान देती है।












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