Explained: अर्जुन तेंदुलकर को पहली बार में मुंबई ने क्यों जाने दिया अनसोल्ड? जानें लास्ट में खरीदने का कारण
Arjun Tendulkar: आईपीएल नीलामी में एक खिलाड़ी के ऊपर सबसे ज्यादा नजरें थीं और उसका नाम है अर्जुन तेंदुलकर। पिता के महान प्लेयर्स होने की वजह से अर्जुन तेंदुलकर के लिए बिड का इंतजार हर कोई कर रहा था। हालांकि यह इंतजार काफी लम्बा चला गया और एक नाटकीय घटनाक्रम में बदल गया।
हालांकि बिडिंग के अंतिम चरण में अर्जुन तेंदुलकर को मुंबई इंडियंस ने अपने साथ शामिल कर लिया। वह पहले से ही मुंबई इंडियंस के लिए खेलते आए हैं। आईपीइल में वह 5 मैच खेले हैं। इस बार उनको प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा या नहीं, यह नहीं कहा जा सकता।

अर्जुन तेंदुलकर को अंतिम सेट में ऑक्शन के लिए लाया गया। उनका नाम पुकारा गया लेकिन किसी भी टीम ने उनको खरीदने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखाई। ओपनिंग बिड शुरू होने के बाद कोई आगे नहीं आया। पिछली बार गुजरात ने अर्जुन के लिए बोली लगाई थी।
हैरान करने वाली बात तो यह रही कि मुंबई इंडियंस की तरफ से भी नीलामी में अर्जुन के लिए कोई बोली नहीं लगाई गई। इस तरह अर्जुन तेंदुलकर अनसोल्ड चले गए। अनसोल्ड होते ही सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें देखने को मिली और थोड़ी देर बाद ही ड्रामा हुआ।
अंतिम कुछ मिनटों में टीमों के पास अपने पसंदीदा प्लेयर्स की लिस्ट देने का मौका था और मुंबई इंडियंस ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए अर्जुन तेंदुलकर का नाम देकर उनको खरीद लिया। 30 लाख रुपये की धन राशि देते हुए अर्जुन तेंदुलकर को मुंबई ने लिया।
सवाल यह है कि जब लेना था तो पहले अनसोल्ड क्यों जाने दिया। इसका कारण यह है कि मुंबई का प्लान अर्जुन को लेने का था लेकिन बिड में पहले बोली नहीं लगाने की योजना थी। अगर कोई टीम पहल करती, तो मुंबई इंडियंस भी उनके लिए बोली लगाती। उनको यह पता था कि अर्जुन अनसोल्ड जाएंगे, तो फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि फटाफट ऑक्शन में उनका नाम देकर हम खरीद लेंगे। इस तरह मुंबई की योजना काम कर गई और अर्जुन तेंदुलकर उनकी टीम में आ गए।












Click it and Unblock the Notifications