Durga Puja: गांगुली ने किया लॉर्ड्स थीम वाले पंडाल का उद्घाटन, लोगों को याद आया शर्टलेस Moment

कोलकाता, 28 सितंबर। नवरात्रि उत्सव तब तक अधूरा है, जब तक बंगाल की दुर्गापूजा का जिक्र ना हो। राजधानी कोलकाता समेत इस समय पूरे बंगाल में दुर्गा पूजा की धूम है। क्या आम और क्या खास सभी मां दुर्गा की भक्ति में रमे नजर आ रहे हैं। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी कोलकाता में एक दुर्गा पंडाल का उद्घाटन किया और खास बात ये रही कि ये पंडाल लार्ड्स पवेलियन की तर्ज पर सजाया गया है, जो कि बहुत ज्यादा सुंदर और अलौकिक है।

 गांगुली ने किया लॉर्ड्स थीम वाले पंडाल का उद्घाटन

गांगुली ने किया लॉर्ड्स थीम वाले पंडाल का उद्घाटन

गांगुली ने मंगलवार शाम को इस पंडाल का उद्घाटन किया। अपने प्रिय खिलाड़ी और बंगाल टाइगर के नाम से मशहूर सौरव की एक झलक पाने के लिए लोग बेताब नजर आ रहे थे। आपको बता दें कि इस पंडाल का निर्माण मिथाली संगा कमेटी ने किया है। पंडाल की साज सज्जा और लार्ड्स के पवेलियन की आकृति देखकर खुद गांगुली भी मुस्कुराए बिना नहीं रह पाए, दरअसल दादा यानी सौरव की यहां के पवेलियन से बहुत सारी खूबसूरत यादें जो जुड़ी हुई हैं।

गांगुली ने टी-शर्ट उतारकर लहराई थी

गांगुली ने टी-शर्ट उतारकर लहराई थी

दरअसल 13 जुलाई 2002 को नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में जब भारत ने इंग्लैंड को रोमांचक मैच में हराया था तब टीम के कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी टी-शर्ट उतारकर लहराई थी। जो उस वक्त की हर देश-विदेश की हेडलाइन बन गई थी। आज भी दादा का जिक्र उस बात के बिना अधूरा है।

लोगों को याद आया शर्टलेस moments

लोगों को याद आया शर्टलेस moments

हालांकि कुछ लोगों ने इसकी आलोचना की थी लेकिन गांगुली के इस कदम की सराहना करने वालों की संख्या आलोचना करने वालों से बहुत ज्यादा थी। दरअसल दादा का ये कदम अंग्रेजों को करारा जवाब था, खास तौर पर इंग्लैंड के ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ को, जो इस मुकाबले से कुछ वक्त पहले ही वानखड़े में टीम इंडिया पर जीत के बाद कुछ ऐसा ही कर चुके थे।

विश्व में प्रसिद्ध है बंगाल की पूजा

विश्व में प्रसिद्ध है बंगाल की पूजा

फिलहाल इस पंडाल का जिक्र पूरे भारत में हो रहा है। वैसे तो नवरात्रि नौ दिनों की होती है लेकिन बंगाल की पूजा थोड़ी सी अलग होती है। यहां पर षष्ठी के दिन मां दुर्गा का बोधन होता है, जिसमें बेल पूजा होती है, फिर कालरात्रि यानी कि सप्तमी के दिन नवपत्रिका पूजा की जाती है।

चारों ओर मां के जयकारे

इसके बाद अष्टमी-नवमी को मां की वृहद पूजा के साथ संधि पूजा होती है और दसवीं के दिन सुहागिन महिलाओं के सिंदूर खेला के बाद मां का विसर्जन किया जाता है। इन दिनों लोगों का जोश देखने लायक होता है। आस्था के इस पर्व का गवाह बनने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+