'न्यूजीलैंड के कई खिलाड़ी केन्द्रीय अनुबंध छोड़ सकते हैं,' दिग्गज कीवी गेंदबाज का दावा
न्यूजीलैंड के क्रिकेटरों ने केन्द्रीय अनुबंध छोड़कर लीग क्रिकेट में जाना शुरू कर दिया है। ट्रेंट बोल्ट से इसकी शुरुआत हुई थी लेकिन कुछ और नाम भी इसमें जुड़ गए हैं। टिम साउदी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
Tim Southee on Central Contracts: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टी20 क्रिकेट आने के बाद फ्रेंचाइजी क्रिकेट की लोकप्रियता ज्यादा हुई। आईपीएल जैसी लीग दुनिया में बेस्ट मानी जाती है। वेस्टइंडीज के क्रिकेटरों ने तो देश के लिए खेलना छोड़ फ्रेंचाइजी क्रिकेट को प्राथमिकता दी। ऐसा ही अब न्यूजीलैंड के खिलाड़ी कर रहे हैं। कीवी खिलाड़ी केन्द्रीय अनुबंध छोड़ रहे हैं। मॉडर्न क्रिकेट में पैसे कमाने के लिए राष्ट्रीय टीम को छोड़कर कीवी खिलाड़ी लीग क्रिकेट में जा रहे हैं। ट्रेंट बोल्ट ने इसकी शुरुआत की थी। साउदी ने आशंका जताई है कि आने वाले समय में और भी क्रिकेटर केन्द्रीय अनुबंध छोड़ सकते हैं।

क्रिकेट अब पूरी तरह बदल रहा है
टिम साउदी ने कहा है कि क्रिकेट पिछले दो से तीन साल पहले जिस तरह था, अब वैसा नहीं है। इसका लैंडस्केप बदल रहा है। सभी खिलाड़ी इसमें जाना चाहते हैं। मैंने इतनी दूर का नहीं सोचा है। आने वाले महीनों में काफी क्रिकेट होना है। मेरे पास न्यूजीलैंड का केन्द्रीय अनुबंध है और मैं आईपीएल में भी खेलूंगा। क्रिकेट का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। देखना होगा कि आने वाले समय में क्या होता है।
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ट्रेंट बोल्ट ने छोड़ा था सबसे पहले अनुबंध
कीवी टीम का केन्द्रीय अनुबंध सबसे पहले ट्रेंट बोल्ट ने छोड़ा था। ऑस्ट्रेलिया और यूएई में खेलने के लिए बोल्ट ने ऐसा किया था। इसके बाद कॉलिन डी ग्रैंडहोम भी उनके नक्शे कदम पर चले और अनुबंध छोड़ दिया। इस लिस्ट में तीसरा नाम मार्टिन गप्टिल का है। हाल ही में उन्होंने न्यूजीलैंड का केन्द्रीय अनुबंध छोड़ दिया। गप्टिल अब मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए बिग बैश लीग में खेलते हुए दिखेंगे। हालांकि गप्टिल ने कीवी टीम के लिए वापस खेलने की इच्छा जताई है लेकिन यह उनकी फॉर्म पर निर्भर है। फ़िलहाल वह बीबीएल में खेलेंगे।

साउदी नहीं करना चाहते अनुबंध समाप्त
न्यूजीलैंड क्रिकेट के साथ टिम साउदी का केन्द्रीय अनुबंध है और वह इसे खुद समाप्त नहीं करना चाहते। वह टीम के साथ बने रहना चाहते हैं। हालांकि अगले साल होने वाले आईपीएल में वह केकेआर के लिए खेलेंगे। इस डील के लिए शायद न्यूजीलैंड क्रिकेट से समझौता हो जाएगा। आईपीएल में न्यूजीलैंड के खिलाड़ी पहले भी खेलते हुए आए हैं। ऐसे में साउदी के लिए इसमें मुश्किल नहीं होगी। बीसीसीआई भी अन्य क्रिकेट बोर्ड से खिलाड़ी भेजने का आग्रह करती है।












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