सूर्यकुमार यादव ने कैसे की थी कैच की प्रैक्टिस, कोच ने किया अब तक का सबसे बड़ा खुलासा
टी20 क्रिकेट में इंटरनेशनल सूर्यकुमार यादव किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। टी20 वर्ल्ड कप में सूर्यकुमार यादव ने फाइनल के दौरान मुश्किल कैच लेकर टीम को चैम्पियन बना दिया था। आईपीएल में भी सूर्या का बल्ला खूब चलता है।
मैदान पर अपने बल्ले से 360 डिग्री प्रहार करने वाले सूर्यकुमार यादव को कोचिंग अशोक असवलकर ने दी और अब तक सलाह देते हैं। वनइंडिया से विशेष बातचीत करते हुए अशोक असवलकर ने सूर्यकुमार यादव के अब तक के सफर पर खुलकर अपनी राय रखी।

अशोक असवलकर ने कहा कि दो साल हमारी एकेडमी में सूर्या रहा और बाद में अंडर 14 कैम्प भी ज्वाइन करा दिया। सूर्या पूरे दिन ग्राउंड पर होता था और किसी भी प्रैक्टिस के लिए मना नहीं किया। वहां से उनको अंडर 14 टीम में जगह मिली और बाद में अंडर 16 में आने के बाद सूर्यकुमार यादव खिलाड़ी बनने लगा।
सूर्यकुमार यादव के कोच ने कहा कि हमारे यहाँ फील्डिंग का अभ्यास मुश्किल होता था। सूर्यकुमार यादव के लिए यह अच्छा रहा। एक कैच से मैच बन जाता है लेकिन सूर्यकुमार यादव ने पूरा वर्ल्ड कप बना दिया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में डेविड मिलर के कैच को शानदार बताया।
आईपीएल में मुंबई इंडियंस में शामिल होने के बाद सूर्यकुमार यादव को अंतिम ग्यारह में जगह नहीं मिली थी। अशोक असवलकर ने कहा कि सूर्या को जगह नहीं मिली लेकिन वहां ड्रेसिंग रूम से ही उनको बहुत सीखने को मिला क्योंकि सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज वहां थे।
केकेआर में जाने के बाद सूर्या की किस्मत बदली, वह गौतम गंभीर के फेवरेट बन गए। अशोक असवलकर ने कहा कि गंभीर अग्रेसिव थे और उनको सूर्या भी वैसा ही खिलाड़ी मिला। गौतम गंभीर का अब तक वह बहुत फेवरेट खिलाड़ी हैं। गौतम ने कहा भी था कि हमने सूर्या को छोड़कर गलती की थी।
सूर्यकुमार के कोच ने कहा कि सूर्या को टेस्ट टीम में रखकर वीरेंदर सहवाग जैसी भूमिका दी जा सकती है, जो एक सेशन में मैच खत्म कर सकता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सूर्यकुमार यादव को 5 साल देरी से टीम में जगह मिली लेकिन मैं कहूँगा कि जो भाग्य में है, उसे कोई नहीं रोक सकता। वह देरी से आकर अलग करने में सफल रहे, आज सब देखते हैं। वह निडर होकर खेलते हैं। वह खुद पर काम करने के बाद टीम में आए।
जब उनसे पूछा गया कि सूर्यकुमार से अन्य खिलाड़ियों को क्या सीखना चाहिए। इस पर उनका जवाब था कि दिल से खेलना चाहिए और मानसिक रूप से खिलाड़ी को तैयार होना चाहिए। अगर मानसिक रूप से तैयारी अच्छी नहीं होगी, तो खेल नहीं पाएंगे। इस स्थिति से सूर्यकुमार यादव खुद गुजर चुका है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि सूर्यकुमार यादव कप्तान भी बनेंगे।












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