Champions Trophy: तालिबान का खौफ? चैम्पियंस ट्रॉफी की सुरक्षा में कितने जवान, चौंकाने वाली खबर
Champions Trophy: दो दशक से ज्यादा समय होने के बाद पाकिस्तान में कोई आईसीसी इवेंट आया है। आज चैम्पियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच पहला मैच खेला जा रहा है। इससे एक दिन पहले ही पाकिस्तानी आर्मी ने तालिबान लड़ाकों के खिलाफ अभियान चलाया और स्ट्राइक की थी।
पाकिस्तान को इस बात का डर है कि कहीं तालिबान लड़ाकों की तरफ से ग्लोबल इवेंट में कोई खलल पैदा ना कर दिया जाए। कोई अटैक ना हो, इसके इए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी करने का फैसला लिया है। हैरान करने वाला अरेंजमेंट पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने किया है।

कितने जवान तैनात
लाहौर, कराची और रावलपिंडी में चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन कराया जा रहा है। चप्पे-चप्पे पर जवानों को खड़ा किया गया है। स्थानीय मीडिया की मानें, तो करीबन 20 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा मुख्य रास्तों की छतों पर स्नाइपर्स तैनात है।
Champions Trophy के दौरान उड़ानों की व्यवस्था
प्लेयर्स के उड़ने के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। रेगुलर उड़ानों में प्लेयर्स नहीं जाएंगे। उनके लिए चार्टर प्लेन्स की सुविधा है। प्लेयर्स को एक शहर से दूसरे शहर में लेकर जाने के लिए चार्टर प्लेन्स की व्यवस्था की गई है। कराची, इस्लामाबाद, लाहौर के बीच ये उड़ानें संचालित होंगी।
एआई का भी किया गया इस्तेमाल
इसके अलावा एआई से संचालित होने वाले कैमरों के अलावा सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। किसी भी तरह की घटना के बारे में तुरंत पता लगाने के लिए ऐसा किया गया है। लाहौर स्टेडियम में 8000 सुरक्षाकर्मी होंगे, कराची में 5000 से ज्यादा जवानों की व्यवस्था की गई।
Champions Trophy में नहीं चाहता पीसीबी कोई घटना
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड नहीं चाहता कि इस मेगा इवेंट के दौरान किसी भी तरह की आतंकी घटना हो क्योंकि वहां आए दिन बम फटना आम बात है। इसको ध्यान में रखते हुए ही युद्ध स्तर की सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली है। उधर तालिबान का खौफ भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को सता रहा है।












Click it and Unblock the Notifications